11 अगस्त 2026
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पीएम-किसान की 23वीं किस्त: राजस्थान के 66 लाख किसानों को ₹1,320 करोड़ हस्तांतरित

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पीएम-किसान की 23वीं किस्त: राजस्थान के 66 लाख किसानों को ₹1,320 करोड़ हस्तांतरित

सारांश

पीएम-किसान की 23वीं किस्त में राजस्थान के 66 लाख से अधिक किसानों के खातों में ₹1,320 करोड़ सीधे पहुँचे। खरीफ बुवाई के ठीक मौसम में आई यह राशि, राज्य सरकार के ₹9,000 सालाना टॉप-अप के साथ, राजस्थान के कृषि क्षेत्र को दोहरी आर्थिक मज़बूती दे रही है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 जून 2026 को पश्चिम बंगाल से पीएम-किसान की 23वीं किस्त जारी की।
देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों को ₹18,880 करोड़ सीधे बैंक खातों में अंतरित किए गए।
राजस्थान में 66 लाख से अधिक किसानों को ₹1,320 करोड़ का लाभ मिला।
राजस्थान सरकार ने पीएम-किसान सहायता को ₹6,000 से बढ़ाकर ₹9,000 सालाना किया है।
योजना के शुभारंभ ( 2019 ) से अब तक किसानों को ₹4.46 लाख करोड़ से अधिक हस्तांतरित।
राजस्थान में 2.19 करोड़ से अधिक फसल बीमा पॉलिसियाँ जारी; ₹6,500 करोड़ से अधिक के दावे भुगतान।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 जून 2026 को पश्चिम बंगाल से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 23वीं किस्त जारी की, जिसके तहत देश भर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में सीधे ₹18,880 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित की गई। इस किस्त में अकेले राजस्थान के 66 लाख से ज़्यादा किसानों को ₹1,320 करोड़ से अधिक का सीधा लाभ मिला, जो खरीफ बुवाई के मौसम में कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्त्वपूर्ण आर्थिक सहारा है।

राज्य-स्तरीय कार्यक्रम और मुख्यमंत्री की भागीदारी

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने पाली जिले के सुमेरपुर स्थित टाउन हॉल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में भाग लिया। राज्य-स्तरीय आयोजन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पीएम-किसान योजना किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा और स्थिरता का एक सशक्त आधार बनकर उभरी है। उन्होंने यह भी बताया कि 2019 में योजना के शुभारंभ के बाद से देश भर के किसानों के खातों में अब तक ₹4.46 लाख करोड़ से अधिक की राशि सीधे अंतरित की जा चुकी है।

जेएएम फ्रेमवर्क और पारदर्शी वितरण

मुख्यमंत्री शर्मा ने इस बात पर विशेष ज़ोर दिया कि जन धन-आधार-मोबाइल (जेएएम) फ्रेमवर्क ने लाभ के वितरण को पारदर्शी बनाया है। इस व्यवस्था के ज़रिए बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और लीकेज तथा भ्रष्टाचार में उल्लेखनीय कमी आई है। यह ऐसे समय में महत्त्वपूर्ण है जब कृषि सहायता योजनाओं में पारदर्शिता को लेकर देशव्यापी चर्चा जारी है।

राजस्थान की कृषि उपलब्धियाँ

राज्य सरकार ने पीएम-किसान सहायता राशि को सालाना ₹6,000 से बढ़ाकर ₹9,000 कर दिया है, जिससे लाखों किसानों को अतिरिक्त आर्थिक राहत मिल रही है। राजस्थान के 26 जिलों में किसानों को अब दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन में राजस्थान अग्रणी राज्य बना है, जहाँ 2.19 करोड़ से अधिक बीमा पॉलिसियाँ जारी की गई हैं और किसानों को ₹6,500 करोड़ से अधिक के दावों का भुगतान किया गया है।

गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत 94,000 से अधिक पशुपालक परिवारों को ₹709 करोड़ के ऋण स्वीकृत किए गए हैं, जबकि मंगला पशु बीमा योजना के तहत 20 लाख से अधिक पशुओं का पंजीकरण किया गया है। इसके अलावा, सरकारी खरीद पर गेहूँ किसानों को ₹150 प्रति क्विंटल का बोनस भी दिया जा रहा है।

केंद्र सरकार की व्यापक कृषि प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने कृषि वैल्यू चेन के हर चरण — बीज खरीद से लेकर बाज़ार तक पहुँच — में महत्त्वपूर्ण पहल की हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पीएम-कुसुम, सॉइल हेल्थ कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, ई-नाम और नमो ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं ने कृषि क्षेत्र को नई दिशा दी है। कृषि बजट में लगभग छह गुना वृद्धि करते हुए इसे ₹1.30 लाख करोड़ से अधिक तक पहुँचाया गया है।

पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि 'डबल-इंजन' सरकार किसानों, महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर नई योजनाएँ लागू कर रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। गौरतलब है कि आगामी किस्तों में भी यह सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है, जिससे देश भर के करोड़ों किसान परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ₹2,000 प्रति किस्त की यह राशि बढ़ती कृषि लागत और मुद्रास्फीति के सामने कितनी पर्याप्त है। राजस्थान सरकार का ₹3,000 का अतिरिक्त टॉप-अप एक सकारात्मक कदम है, परंतु आलोचकों का कहना है कि जब तक न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी नहीं मिलती, प्रत्यक्ष हस्तांतरण एक अस्थायी राहत भर है। जेएएम फ्रेमवर्क ने वितरण को पारदर्शी ज़रूर बनाया है, लेकिन लाभार्थी सूची की सटीकता और अपात्र किसानों की छँटाई अभी भी एक अनसुलझी चुनौती बनी हुई है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम-किसान की 23वीं किस्त कब और कहाँ से जारी की गई?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 जून 2026 को पश्चिम बंगाल से पीएम-किसान की 23वीं किस्त जारी की। इस अवसर पर देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में ₹18,880 करोड़ से अधिक की राशि सीधे अंतरित की गई।
राजस्थान के किसानों को 23वीं किस्त में कितनी राशि मिली?
राजस्थान के 66 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹1,320 करोड़ से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई। इसके अलावा, राजस्थान सरकार ने पीएम-किसान की सालाना सहायता को ₹6,000 से बढ़ाकर ₹9,000 कर दिया है, जिससे राज्य के किसानों को अतिरिक्त लाभ मिल रहा है।
पीएम-किसान योजना के तहत अब तक कुल कितनी राशि किसानों को मिली है?
2019 में योजना शुरू होने के बाद से देशभर के किसानों के खातों में अब तक ₹4.46 लाख करोड़ से अधिक की राशि सीधे अंतरित की जा चुकी है। यह राशि जेएएम (जन धन-आधार-मोबाइल) फ्रेमवर्क के ज़रिए बिना बिचौलियों के सीधे लाभार्थियों तक पहुँचाई गई है।
राजस्थान में फसल बीमा योजना की स्थिति क्या है?
राजस्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू करने में अग्रणी राज्यों में शामिल है। राज्य में 2.19 करोड़ से अधिक बीमा पॉलिसियाँ जारी की गई हैं और किसानों को ₹6,500 करोड़ से अधिक के दावों का भुगतान किया जा चुका है।
गोपाल क्रेडिट कार्ड और मंगला पशु बीमा योजना से राजस्थान के पशुपालकों को क्या लाभ मिला?
गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत राजस्थान में 94,000 से अधिक पशुपालक परिवारों को ₹709 करोड़ के ऋण स्वीकृत किए गए हैं। मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत 20 लाख से अधिक पशुओं का पंजीकरण किया गया है, जिससे पशुपालन क्षेत्र को वित्तीय सुरक्षा मिली है।
राष्ट्र प्रेस
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