पीथमपुर में सोते मजदूरों पर चढ़ा वाहन: तीन की मौत, चालक की लापरवाही पर पुलिस जांच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के औद्योगिक शहर पीथमपुर में मंगलवार, 6 मई 2025 की सुबह एक दर्दनाक हादसे में तीन प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई, जब एक सपोर्ट वाहन उनके ऊपर चढ़ गया — ये मजदूर रातभर काम करने के बाद थककर उसी वाहन के नीचे सो रहे थे। पुलिस के अनुसार, चालक ने बिना आसपास देखे वाहन को रिवर्स किया, जिससे तीनों मजदूर उसकी चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई।
हादसे का घटनाक्रम
पुलिस के मुताबिक, यह घटना गावला इलाके में सुभाष चौहान और रुदन सिंह सोलंकी के खेत पर हुई, जहाँ एक बोरिंग मशीन के साथ सपोर्ट वाहन खड़ा था। रातभर काम करने के बाद तीनों मजदूर थककर उसी वाहन के नीचे सो गए थे। सुबह जब चालक ने बिना नीचे की जाँच किए वाहन पीछे किया, तो सोए हुए मजदूर उसकी चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
मृतकों की पहचान
तीनों मृतकों की पहचान 56 वर्षीय रामचरण, 19 वर्षीय भानुप्रताप और 22 वर्षीय अरविंद के रूप में हुई है। तीनों छत्तीसगढ़ के अलग-अलग गाँवों के रहने वाले थे और रोज़गार की तलाश में पीथमपुर आए थे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने उनके परिजनों को सूचित किया और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस की कार्रवाई
रमेश इक्का की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। हादसे में शामिल वाहन को जब्त कर लिया गया है। प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि हादसा चालक की लापरवाही के कारण हुआ, क्योंकि उसने वाहन चलाने से पहले आसपास की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की।
मजदूर सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने औद्योगिक क्षेत्रों में प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि उचित आराम और रहने की व्यवस्था न होने के कारण मजदूर अक्सर वाहनों के नीचे या खुले में सोने को मजबूर होते हैं, जो उनकी कठिन कार्यस्थितियों को उजागर करता है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में औद्योगिक सुरक्षा मानकों की समीक्षा की माँग पहले से उठ रही है।
आगे की कार्रवाई
प्रशासन की ओर से सुरक्षा नियमों की समीक्षा की जा रही है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस मामले की जाँच जारी रखे हुए है और चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संभावना है।