पीथमपुर में सोते मजदूरों पर चढ़ा वाहन: तीन की मौत, चालक की लापरवाही पर पुलिस जांच शुरू

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पीथमपुर में सोते मजदूरों पर चढ़ा वाहन: तीन की मौत, चालक की लापरवाही पर पुलिस जांच शुरू

सारांश

पीथमपुर के गावला इलाके में रातभर काम करने के बाद वाहन के नीचे सो रहे तीन प्रवासी मजदूर चालक की लापरवाही का शिकार हो गए। रामचरण, भानुप्रताप और अरविंद — तीनों छत्तीसगढ़ से रोज़गार की तलाश में आए थे। यह हादसा औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों की बदहाल सुरक्षा व्यवस्था की कड़वी सच्चाई उजागर करता है।

मुख्य बातें

पीथमपुर के गावला इलाके में मंगलवार सुबह एक सपोर्ट वाहन के नीचे सो रहे तीन मजदूरों की कुचलकर मौत हो गई।
मृतकों की पहचान 56 वर्षीय रामचरण , 19 वर्षीय भानुप्रताप और 22 वर्षीय अरविंद के रूप में हुई — तीनों छत्तीसगढ़ के निवासी थे।
चालक ने वाहन रिवर्स करते समय नीचे नहीं देखा — प्रारंभिक जाँच में चालक की लापरवाही सामने आई।
रमेश इक्का की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया, हादसे में शामिल वाहन जब्त किया गया।
शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया; प्रशासन सुरक्षा दिशानिर्देश जारी करने की तैयारी में।

मध्य प्रदेश के औद्योगिक शहर पीथमपुर में मंगलवार, 6 मई 2025 की सुबह एक दर्दनाक हादसे में तीन प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई, जब एक सपोर्ट वाहन उनके ऊपर चढ़ गया — ये मजदूर रातभर काम करने के बाद थककर उसी वाहन के नीचे सो रहे थे। पुलिस के अनुसार, चालक ने बिना आसपास देखे वाहन को रिवर्स किया, जिससे तीनों मजदूर उसकी चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई।

हादसे का घटनाक्रम

पुलिस के मुताबिक, यह घटना गावला इलाके में सुभाष चौहान और रुदन सिंह सोलंकी के खेत पर हुई, जहाँ एक बोरिंग मशीन के साथ सपोर्ट वाहन खड़ा था। रातभर काम करने के बाद तीनों मजदूर थककर उसी वाहन के नीचे सो गए थे। सुबह जब चालक ने बिना नीचे की जाँच किए वाहन पीछे किया, तो सोए हुए मजदूर उसकी चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।

मृतकों की पहचान

तीनों मृतकों की पहचान 56 वर्षीय रामचरण, 19 वर्षीय भानुप्रताप और 22 वर्षीय अरविंद के रूप में हुई है। तीनों छत्तीसगढ़ के अलग-अलग गाँवों के रहने वाले थे और रोज़गार की तलाश में पीथमपुर आए थे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने उनके परिजनों को सूचित किया और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस की कार्रवाई

रमेश इक्का की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। हादसे में शामिल वाहन को जब्त कर लिया गया है। प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि हादसा चालक की लापरवाही के कारण हुआ, क्योंकि उसने वाहन चलाने से पहले आसपास की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की।

मजदूर सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना ने औद्योगिक क्षेत्रों में प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि उचित आराम और रहने की व्यवस्था न होने के कारण मजदूर अक्सर वाहनों के नीचे या खुले में सोने को मजबूर होते हैं, जो उनकी कठिन कार्यस्थितियों को उजागर करता है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में औद्योगिक सुरक्षा मानकों की समीक्षा की माँग पहले से उठ रही है।

आगे की कार्रवाई

प्रशासन की ओर से सुरक्षा नियमों की समीक्षा की जा रही है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस मामले की जाँच जारी रखे हुए है और चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत के औद्योगिक क्षेत्रों में प्रवासी मजदूरों की व्यवस्थागत उपेक्षा का प्रतिबिंब है — जहाँ रात की शिफ्ट के बाद आराम करने की कोई व्यवस्था नहीं होती और मजदूर वाहनों के नीचे सोने को मजबूर होते हैं। यह पहली बार नहीं है कि पीथमपुर जैसे औद्योगिक केंद्रों से ऐसी खबरें आई हैं; फिर भी श्रम सुरक्षा कानूनों का क्रियान्वयन ज़मीन पर कमज़ोर बना हुआ है। प्रशासन द्वारा 'दिशानिर्देश जारी करने' की बात हर बड़े हादसे के बाद दोहराई जाती है, लेकिन जवाबदेही का ढाँचा आज भी अधूरा है। असली सवाल यह है कि क्या इस बार ठेकेदारों और नियोक्ताओं पर कानूनी कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी फाइलों में दफन हो जाएगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीथमपुर मजदूर हादसा क्या है?
मध्य प्रदेश के पीथमपुर में मंगलवार सुबह तीन प्रवासी मजदूर — रामचरण, भानुप्रताप और अरविंद — एक सपोर्ट वाहन के नीचे सो रहे थे, जब चालक ने बिना देखे वाहन रिवर्स किया और तीनों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। तीनों छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे और रोज़गार की तलाश में पीथमपुर आए थे।
हादसे में कितने मजदूरों की मौत हुई और उनकी पहचान क्या है?
इस हादसे में तीन मजदूरों की मौत हुई — 56 वर्षीय रामचरण, 19 वर्षीय भानुप्रताप और 22 वर्षीय अरविंद। तीनों छत्तीसगढ़ के अलग-अलग गाँवों के निवासी थे।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
रमेश इक्का की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। हादसे में शामिल वाहन को जब्त कर लिया गया है और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। प्रारंभिक जाँच में चालक की लापरवाही सामने आई है।
यह हादसा कहाँ और कैसे हुआ?
यह हादसा पीथमपुर के गावला इलाके में सुभाष चौहान और रुदन सिंह सोलंकी के खेत पर हुआ। बोरिंग मशीन के साथ खड़े सपोर्ट वाहन के नीचे सो रहे मजदूरों को चालक ने वाहन रिवर्स करते समय नहीं देखा, जिससे तीनों की मौत हो गई।
इस घटना से मजदूर सुरक्षा को लेकर क्या सवाल उठे हैं?
इस हादसे ने औद्योगिक क्षेत्रों में प्रवासी मजदूरों के लिए उचित आराम और रहने की व्यवस्था न होने की समस्या को उजागर किया है। प्रशासन सुरक्षा नियमों की समीक्षा कर रहा है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए जाने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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