बांग्लादेश: KUET ने तीन हिंदू प्रोफेसरों समेत 5 हिंदू कर्मचारियों को बर्खास्त किया, अल्पसंख्यकों पर हमले जारी
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर बढ़ते अत्याचारों के बीच खुलना इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (KUET) ने 30 अक्टूबर 2026 को कथित अनुशासनहीनता और अनियमितताओं का हवाला देते हुए तीन हिंदू प्रोफेसरों और दो अन्य हिंदू कर्मचारियों सहित कुल सात कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया। यह निर्णय विश्वविद्यालय की 115वीं समिति बैठक में लिया गया, जैसा कि KUET के रजिस्ट्रार इंजीनियर अनिसुर रहमान भुइयां ने बताया।
बर्खास्त किए गए कर्मचारी कौन हैं
बर्खास्त किए गए शिक्षकों में कंप्यूटर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग (CSE) विभाग के प्रोफेसर पिंटू चंद्र शिल, औद्योगिक इंजीनियरिंग एवं प्रबंधन (IEM) विभाग के प्रोफेसर सुब्रता तलपत्रा, और ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग (ESE) विभाग के सहायक प्रोफेसर निबीर मंडल शामिल हैं।
ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, शेष दो बर्खास्त हिंदू कर्मचारी उप रजिस्ट्रार निमाई चंद्र मिस्त्री और कार्यालय सहायक सत्यजीत कुमार दत्ता हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर पहले से ही गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
मयमनसिंह में हिंदू नाई की चाकू मारकर हत्या
इसी सप्ताह मयमनसिंह जिले के भालुका उपजिला में एक हिंदू व्यक्ति की कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 43 वर्षीय रबेंद्र ऋषि के रूप में हुई है, जो एक सैलून के मालिक थे।
बांग्लादेशी दैनिक प्रोथोम आलो ने पुलिस के हवाले से बताया कि 26 वर्षीय आरोपी सद्दाम ने उधार पर बाल काटने से इनकार करने पर रबेंद्र के सीने और गर्दन पर धारदार चाकू से वार किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। भालुका मॉडल पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी मोहम्मद जाहिदुल इस्लाम ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी पागलों जैसा व्यवहार कर रहा है और उससे पूछताछ के लिए पाँच दिन की रिमांड माँगी गई है।
रंगपुर में हिंदू परिवारों के तीन घरों में तोड़फोड़ और लूट
सोमवार रात को रंगपुर जिले के पीरगंज उपजिला के चक करीमपुर गाँव में तीन हिंदू परिवारों के घरों पर हमला हुआ। स्थानीय मीडिया ने पुलिस के हवाले से बताया कि यह हिंसा सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के बाद भड़की, जिसमें कथित तौर पर मुस्लिम धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची थी।
प्रभावित घर तीन भाइयों — बिशु चंद्र मोहंता (50), जगदीश चंद्र मोहंता (60) और दिनेश चंद्र मोहंता (46) — के थे। द डेली स्टार से बात करते हुए बिशु ने बताया कि हमलावरों ने उनका टेलीविजन, फर्नीचर, दीवारें और दरवाजे तोड़ दिए और घर से दो बकरियाँ भी चुरा लीं। जगदीश की पत्नी आरती रानी ने बताया कि हमले के दौरान जान बचाने के लिए वह घर छोड़कर भाग गईं — और जब उन्होंने हमलावरों से रुकने की गुहार लगाई, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
अवामी लीग की निंदा, व्यापक संदर्भ
रंगपुर में हिंदू परिवारों पर हुए हमले की निंदा करते हुए बांग्लादेश अवामी लीग ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय अगस्त 2024 से देश में लगातार असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया कि धार्मिक अपमान के आरोप कभी भी भीड़ हिंसा, लूटपाट या सामूहिक दंड का बहाना नहीं बन सकते। पार्टी के अनुसार, 'हर आरोपी को उचित कानूनी प्रक्रिया का अधिकार है; हर पीड़ित को कानून के तहत समान सुरक्षा मिलनी चाहिए।'
गौरतलब है कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों की यह श्रृंखला अगस्त 2024 की राजनीतिक उथल-पुथल के बाद से जारी है, और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन इस पर गहरी चिंता जता चुके हैं। KUET की बर्खास्तगी की घटना और इस हफ्ते की हिंसा मिलकर उस व्यापक चिंता को और गहरा करती हैं जो भारत सहित कई देशों में महसूस की जा रही है।