बांग्लादेश में रिटायर्ड हिंदू शिक्षक और परिवार की हत्या पर वीएचपी का आक्रोश, सख्त कार्रवाई की माँग
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 23 अगस्त। बांग्लादेश में एक रिटायर्ड हिंदू शिक्षक और उनके परिवार के सदस्यों की कथित हत्या की खबर सामने आने के बाद विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने इस घटना को 'बेहद चिंताजनक और निंदनीय' करार देते हुए बांग्लादेश सरकार से दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की माँग की है।
क्या है पूरा मामला
वीएचपी के अनुसार, बांग्लादेश में चार से पाँच हिंदुओं की उनके घर के भीतर बेरहमी से हत्या कर दी गई। पीड़ित परिवार के मुखिया हाल ही में सेवानिवृत्त हुए एक शिक्षक बताए जा रहे हैं। विनोद बंसल ने कहा, 'बांग्लादेश में जिस तरह से चार-पाँच हिंदुओं की उनके घर के अंदर बेरहमी से हत्या कर दी गई, और वह भी एक ऐसे टीचर के परिवार की जो हाल ही में रिटायर हुए थे, यह बहुत चिंता की बात है।'
नई सरकार से उठे सवाल
बंसल ने बांग्लादेश की नई सरकार और युवा प्रधानमंत्री का उल्लेख करते हुए कहा, 'जब बांग्लादेश में नई सरकार बनी थी तो उम्मीद थी कि हालात और परिस्थितियाँ बदलेंगी। एक युवा प्रधानमंत्री आए हैं, जो कम से कम अपने नागरिकों की सुरक्षा तो कर पाएंगे, लेकिन जो दुखद समाचार आया है, वह बहुत ही चिंतनीय और निंदनीय है और सरकार के लिए भी आँखें खोल देने वाला है।' उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार को गहराई से जाँच कर अपराधियों को दंड दिलाना चाहिए।
मानवाधिकार संगठनों पर सवाल
वीएचपी प्रवक्ता ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की चुप्पी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'हम आशा करते हैं कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन कम से कम अपने दायित्व को निभाएंगे और हिंदुओं के मानवाधिकारों के बारे में बोलने पर कभी तो कुछ साहस दिखाएंगे। अभी तक इन संगठनों की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण है।'
व्यापक सांस्कृतिक बदलाव की चिंता
बंसल ने इस घटना को बांग्लादेश में हिंदुओं के विरुद्ध हिंसा के एक निरंतर सिलसिले का हिस्सा बताया। उनके अनुसार, 'जो घटनाएं घट रही हैं, वह इस बात को साबित करती हैं कि किस तरह से पूरे बांग्लादेश का सांस्कृतिक परिवर्तन हो चुका है।' उन्होंने कहा कि यह हिंदुओं के मानवाधिकार का हनन है और लगातार होती हत्याओं के सिलसिले पर पूर्ण विराम लगाया जाना अत्यंत आवश्यक है।
आगे क्या
वीएचपी ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी आवाज़ उठाएगा। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर भारत-बांग्लादेश संबंधों के केंद्र में आ गया है। यह देखना होगा कि ढाका सरकार इस घटना पर क्या रुख अपनाती है और क्या दोषियों के विरुद्ध कोई ठोस कदम उठाया जाता है।