क्या बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार निंदनीय हैं? वीएचपी नेता आलोक कुमार
सारांश
Key Takeaways
- बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हमले हो रहे हैं।
- वीएचपी के नेता इस पर कड़ी निंदा कर रहे हैं।
- भारत सरकार को इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करना चाहिए।
नई दिल्ली, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा हो रही है। इस संदर्भ में, विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के नेता आलोक कुमार और सुरेंद्र गुप्ता ने रविवार को अपनी चिंता व्यक्त की।
आलोक कुमार ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "यह दुर्भाग्य की बात है कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ लगातार अत्याचार हो रहे हैं। यह पूरे विश्व के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। हम वहां के हिंदुओं के साथ खड़े हैं। हर देश की राजधानी में रहने वाले हिंदू, अपने सरकारों से डिप्लोमैटिक दबाव डालने की अपील कर रहे हैं। हमें विश्वास है कि भारत सरकार भी आवश्यक कदम उठाएगी।"
वीएचपी के नेता ने आगे कहा, "हिंदुओं पर हमले एक विकृत विचारधारा की उपज हैं। कुछ लोग इसे जिहाद का धार्मिक कर्तव्य मानते हैं, जो पूरी तरह से गलत है। हमें इस सोच से भी लड़ाई करनी होगी। सभी को समझना चाहिए कि ऐसे हमले आज के समय में अस्वीकार्य हैं। लोकतंत्र और धार्मिक स्वतंत्रता का समय है और बांग्लादेश में भी ऐसा होना चाहिए।"
वीएचपी नेता सुरेंद्र गुप्ता ने भी हमलों की निंदा की। उन्होंने कहा, "वहां कट्टरपंथी ताकतों को सरकार का समर्थन मिलने लगा है। सरकार अभी तक उन्हें नियंत्रित नहीं कर पाई है। पहले से घटनाओं में कमी आई है, लेकिन यह अभी भी समाप्त नहीं हुई है। मानव अधिकार संगठनों का मौन इस पर विचार करने का विषय है।"