क्या बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की हत्या पर वीएचपी प्रवक्ता विनोद बंसल का गुस्सा फूटा?
सारांश
Key Takeaways
- बांग्लादेश में हिंदू युवकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा एक गंभीर मुद्दा है।
- वीएचपी प्रवक्ता ने जिहादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
- कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
- आक्रोशित जनता ने बांग्लादेश सरकार से सुरक्षा की अपील की।
- बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की सुरक्षा की आवश्यकता है।
नई दिल्ली, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश में यूनुस सरकार के कार्यकाल में अल्पसंख्यक हिंदुओं के प्रति बढ़ती हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। प्रतिदिन, कोई न कोई अल्पसंख्यक हिंदू युवक कट्टरपंथियों के हमले का शिकार बन रहा है। कानून का भय समाप्त हो चुका है। बांग्लादेश में जिस प्रकार का वातावरण है, उसे लेकर भारत में भी लोगों का आक्रोश बढ़ रहा है। हालिया घटना में कुछ बदमाशों ने एक हिंदू व्यापारी पर पेट्रोल छिड़ककर उसे आग के हवाले कर दिया, जिसके चलते उसकी अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। इस पर विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल ने भी अपना विरोध व्यक्त किया है।
दामुड्या के केउरभंगा बाजार के एक व्यापारी खोकन चंद्र दास काम के बाद घर लौट रहे थे। तभी बदमाशों ने दामुड्या-शरियतपुर रोड पर उनकी गाड़ी रोकी और उन पर हमला किया। हमले में खोकन घायल हो गए और फिर उन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
इस घटना पर वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "बांग्लादेश में एक और हिंदू जिहादियों के हाथों मारा गया। तीन दिन पूर्व, बांग्लादेश के शरियतपुर जिले में व्यापारी खोकन चंद्र दास की हत्या कर दी गई। 31 दिसंबर को दुकान से लौटते समय उन पर धारदार हथियारों से हमला किया गया और पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई।"
उन्होंने आगे लिखा, "50 वर्षीय खोकन चंद्र दास तीन दिन से जिंदगी की जंग लड़ रहे थे, लेकिन 3 जनवरी को उन्होंने अपना शरीर त्याग दिया। उन्होंने एक बड़ा सवाल छोड़ा कि क्या यही वास्तविक इस्लाम है? क्या बांग्लादेश के हिंदू नागरिकों के मानवाधिकार नहीं हैं?"
वीएचपी प्रवक्ता ने कहा, "बांग्लादेश में लगातार हो रही हिंसा के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठता है कि हिंदू समाज को कट्टरपंथी इस्लाम के खतरनाक चेहरे को पहचानकर अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए। अन्यथा, जैसे अफगानिस्तान में हिंदू शून्य हो गए और पाकिस्तान में केवल एक प्रतिशत रह गए, बांग्लादेश में भी यही स्थिति हो सकती है। हमारी अपेक्षा है कि बांग्लादेश सरकार जिहादियों को कठोर सजा दिलाकर हिंदू समाज को सुरक्षा प्रदान करे।"
दूसरी ओर, भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान की आईपीएल टीम केकेआर को बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने का निर्देश दिया है। इस पर वीएचपी प्रवक्ता ने लिखा, "बीसीसीआई को धन्यवाद कि उन्होंने बांग्लादेशी खिलाड़ी के संबंध में निर्णय लिया। इसके बाद केकेआर को आत्मचिंतन करने की आवश्यकता है कि क्या यह काम उन्होंने खुद नहीं किया होता।"
वास्तव में, आने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के लिए खिलाड़ियों की नीलामी में कोलकाता नाइट राइडर्स ने मुस्तफिजुर को खरीदा था। इस बात को लेकर लोगों में नाराजगी थी और उनकी मांग थी कि मुस्तफिजुर को बैन किया जाए।