अरुण जेटली की पुण्यतिथि: गडकरी, योगी, भजनलाल समेत दर्जनों नेताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और पद्म विभूषण से सम्मानित अरुण जेटली की पुण्यतिथि पर 24 अगस्त को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। जेटली को भारतीय राजनीति में एक प्रखर विधिवेत्ता, ओजस्वी वक्ता और आर्थिक सुधारों के सूत्रधार के रूप में याद किया जाता है।
केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अपनी श्रद्धांजलि में लिखा, 'देश की उन्नति व जनसेवा को समर्पित अरुण जी का जीवन सदैव ही हम सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत बना रहेगा।' केंद्रीय विद्युत और आवास व शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने जेटली को 'बहुमुखी प्रतिभा के धनी, ओजस्वी वक्ता व अद्वितीय कानूनविद्' और 'भाजपा परिवार के आधारस्तम्भ' बताते हुए भावपूर्ण नमन अर्पित किया।
मुख्यमंत्रियों ने किया स्मरण
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सशक्त राष्ट्र के निर्माण में जेटली का योगदान और उनके प्रखर विचार सदैव अविस्मरणीय और प्रेरणादायक रहेंगे। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उन्हें 'राष्ट्रहित सर्वोपरि' की भावना के प्रतीक के रूप में याद करते हुए लिखा कि उनका दूरदर्शी नेतृत्व और जनसेवा के प्रति समर्पण सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जेटली के प्रखर विचार, ओजस्वी वाणी और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण भावी पीढ़ियों को सदैव देशभक्ति की प्रेरणा देते रहेंगे। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जेटली के राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि विद्यार्थी परिषद से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत, आपातकाल के विरुद्ध संघर्ष और संसद में उनकी प्रभावी भूमिका 'राष्ट्रनिष्ठ राजनीति की एक प्रेरक यात्रा' रही।
गुप्ता ने यह भी कहा कि दिल्ली अरुण जेटली की कर्मभूमि रही और यहाँ के कार्यकर्ताओं व जनमानस से उनका आत्मीय संबंध आज भी अनेक स्मृतियों में जीवंत है।
अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने जेटली को 'देश के पूर्व वित्त, रक्षा व कानून मंत्री, प्रख्यात कानूनविद् और सहज-सरल नेता' बताते हुए सादर नमन अर्पित किया। भाजपा सांसद रवि किशन ने उन्हें 'सुप्रसिद्ध विधिवेत्ता' और 'ओजस्वी वक्ता' के रूप में याद करते हुए कोटि-कोटि नमन किया।
अरुण जेटली की विरासत
अरुण जेटली ने वित्त मंत्री के रूप में वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू करने में निर्णायक भूमिका निभाई, जिसे भारत के सबसे बड़े अप्रत्यक्ष कर सुधारों में से एक माना जाता है। वे रक्षा और कानून मंत्री भी रहे और दशकों तक BJP के प्रमुख प्रवक्ता के रूप में पार्टी की वैचारिक आवाज़ बने। उनका निधन 24 अगस्त 2019 को हुआ था। यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी उनकी विरासत को अपनी नीतिगत पहचान का अभिन्न हिस्सा मानती है।