24 अगस्त 2026
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अरुण जेटली की पुण्यतिथि: गडकरी, योगी, भजनलाल समेत दर्जनों नेताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

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अरुण जेटली की पुण्यतिथि: गडकरी, योगी, भजनलाल समेत दर्जनों नेताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

सारांश

अरुण जेटली की पुण्यतिथि पर 24 अगस्त को भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और मुख्यमंत्रियों ने उन्हें याद किया। GST सुधार के सूत्रधार और पद्म विभूषण जेटली को प्रखर विधिवेत्ता, ओजस्वी वक्ता और राष्ट्रनिष्ठ राजनेता के रूप में श्रद्धांजलि दी गई।

मुख्य बातें

पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और पद्म विभूषण अरुण जेटली की पुण्यतिथि 24 अगस्त को मनाई गई।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मनोहर लाल ने उन्हें जनसेवा और राष्ट्र उन्नति का प्रतीक बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ , भजनलाल शर्मा , मोहन यादव और रेखा गुप्ता ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
जदयू के संजय झा और भाजपा सांसद रवि किशन ने भी उन्हें नमन किया।
जेटली का निधन 24 अगस्त 2019 को हुआ था; वे GST लागू करने वाले प्रमुख सूत्रधार थे।

पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और पद्म विभूषण से सम्मानित अरुण जेटली की पुण्यतिथि पर 24 अगस्त को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। जेटली को भारतीय राजनीति में एक प्रखर विधिवेत्ता, ओजस्वी वक्ता और आर्थिक सुधारों के सूत्रधार के रूप में याद किया जाता है।

केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अपनी श्रद्धांजलि में लिखा, 'देश की उन्नति व जनसेवा को समर्पित अरुण जी का जीवन सदैव ही हम सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत बना रहेगा।' केंद्रीय विद्युत और आवास व शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने जेटली को 'बहुमुखी प्रतिभा के धनी, ओजस्वी वक्ता व अद्वितीय कानूनविद्' और 'भाजपा परिवार के आधारस्तम्भ' बताते हुए भावपूर्ण नमन अर्पित किया।

मुख्यमंत्रियों ने किया स्मरण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सशक्त राष्ट्र के निर्माण में जेटली का योगदान और उनके प्रखर विचार सदैव अविस्मरणीय और प्रेरणादायक रहेंगे। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उन्हें 'राष्ट्रहित सर्वोपरि' की भावना के प्रतीक के रूप में याद करते हुए लिखा कि उनका दूरदर्शी नेतृत्व और जनसेवा के प्रति समर्पण सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जेटली के प्रखर विचार, ओजस्वी वाणी और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण भावी पीढ़ियों को सदैव देशभक्ति की प्रेरणा देते रहेंगे। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जेटली के राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि विद्यार्थी परिषद से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत, आपातकाल के विरुद्ध संघर्ष और संसद में उनकी प्रभावी भूमिका 'राष्ट्रनिष्ठ राजनीति की एक प्रेरक यात्रा' रही।

गुप्ता ने यह भी कहा कि दिल्ली अरुण जेटली की कर्मभूमि रही और यहाँ के कार्यकर्ताओं व जनमानस से उनका आत्मीय संबंध आज भी अनेक स्मृतियों में जीवंत है।

अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने जेटली को 'देश के पूर्व वित्त, रक्षा व कानून मंत्री, प्रख्यात कानूनविद् और सहज-सरल नेता' बताते हुए सादर नमन अर्पित किया। भाजपा सांसद रवि किशन ने उन्हें 'सुप्रसिद्ध विधिवेत्ता' और 'ओजस्वी वक्ता' के रूप में याद करते हुए कोटि-कोटि नमन किया।

अरुण जेटली की विरासत

अरुण जेटली ने वित्त मंत्री के रूप में वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू करने में निर्णायक भूमिका निभाई, जिसे भारत के सबसे बड़े अप्रत्यक्ष कर सुधारों में से एक माना जाता है। वे रक्षा और कानून मंत्री भी रहे और दशकों तक BJP के प्रमुख प्रवक्ता के रूप में पार्टी की वैचारिक आवाज़ बने। उनका निधन 24 अगस्त 2019 को हुआ था। यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी उनकी विरासत को अपनी नीतिगत पहचान का अभिन्न हिस्सा मानती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह देखना महत्वपूर्ण है कि उनकी सबसे बड़ी विरासत — GST — आज भी अपने मूल स्वरूप से कितनी दूर है। जेटली ने एक सरल, एकीकृत कर ढाँचे का सपना देखा था, जबकि आज GST की बहु-दर संरचना उसी जटिलता की ओर लौट चुकी है जिसे वह खत्म करना चाहते थे। नेताओं के उद्गार भावपूर्ण हैं, पर असली श्रद्धांजलि वह नीतिगत निरंतरता होगी जो जेटली के अधूरे सुधारों को पूरा करे।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरुण जेटली कौन थे और उनकी पुण्यतिथि कब है?
अरुण जेटली भारत के पूर्व केंद्रीय वित्त, रक्षा और कानून मंत्री थे, जिन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। उनका निधन 24 अगस्त 2019 को हुआ था और हर वर्ष इस तिथि पर उनकी पुण्यतिथि मनाई जाती है।
अरुण जेटली की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या मानी जाती है?
वित्त मंत्री के रूप में वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू करना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है, जिसे भारत के सबसे महत्वपूर्ण अप्रत्यक्ष कर सुधारों में गिना जाता है। इसके अलावा वे दशकों तक BJP के प्रमुख वैचारिक प्रवक्ता भी रहे।
इस पुण्यतिथि पर किन-किन नेताओं ने श्रद्धांजलि दी?
24 अगस्त को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मनोहर लाल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, जदयू के संजय झा और भाजपा सांसद रवि किशन ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
दिल्ली से अरुण जेटली का क्या संबंध था?
दिल्ली अरुण जेटली की कर्मभूमि रही। उन्होंने विद्यार्थी परिषद से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की और यहाँ के कार्यकर्ताओं व जनमानस से उनका गहरा आत्मीय संबंध था, जो आज भी स्मृतियों में जीवंत है।
अरुण जेटली को आपातकाल से क्यों जोड़ा जाता है?
1975-77 के आपातकाल के दौरान अरुण जेटली ने सरकारी दमन के विरुद्ध सक्रिय रूप से संघर्ष किया था। यह उनके राजनीतिक जीवन की नींव मानी जाती है और उन्हें लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्ध नेता के रूप में स्थापित करती है।
राष्ट्र प्रेस
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