तमिलनाडु उच्च शिक्षा सुधार: मणिकम टैगोर ने सीएम विजय को दिया धन्यवाद, 2,150+ संस्थानों के पुनरुद्धार का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) के अध्यक्ष मणिकम टैगोर ने 24 अगस्त को मुख्यमंत्री विजय का आभार व्यक्त किया — राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र के पुनरुद्धार में उनके समर्थन और दिशा-निर्देश के लिए। टैगोर ने कहा कि सरकार के वित्तीय प्रस्ताव तमिलनाडु के 2,150 से अधिक उच्च शिक्षा संस्थानों और 60 से ज़्यादा विश्वविद्यालयों के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकते हैं।
कामराज के विज़न की याद
टैगोर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि अब पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज — जिन्हें 'पेरुंथलैवर' के नाम से भी जाना जाता है — के उस विज़न को साकार करने का समय आ गया है, जो शिक्षा को सामाजिक प्रगति की आधारशिला मानते थे। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में उच्च शिक्षा की प्रतिष्ठा और गुणवत्ता को पुनः स्थापित करना अब अपरिहार्य हो गया है।
विश्वविद्यालयों के सामने ढाँचागत संकट
टैगोर ने उन गंभीर चुनौतियों की ओर ध्यान दिलाया जो राज्य के विश्वविद्यालयों को अंदर से कमज़ोर कर रही हैं। उनके अनुसार, उपलब्ध बजट का बड़ा हिस्सा प्रशासनिक और नियमित खर्चों में खप जाता है, जिससे शैक्षणिक विकास, शोध और बुनियादी ढाँचे के लिए संसाधन नगण्य रह जाते हैं।
उन्होंने तीन प्रमुख वित्तीय दबावों का विशेष उल्लेख किया: डिस्टेंस एजुकेशन कार्यक्रमों से आय में गिरावट, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा निधि रोके जाने की स्थिति, और विश्वविद्यालयों के रिज़र्व फंड का समाप्त होना। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर उच्च शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता और वित्त पोषण पर व्यापक बहस चल रही है।
सुधार की बहुआयामी ज़रूरत
कांग्रेस नेता ने कहा कि इस क्षेत्र में बदलाव के लिए एक साथ कई मोर्चों पर काम करना होगा। उन्होंने संस्थानों में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त करने की ज़रूरत पर बल दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में वैचारिक प्रभाव जमाने की कोशिशों का भी प्रतिरोध करना होगा।
टैगोर ने तीन मुख्य उद्देश्य गिनाए: विश्वविद्यालयों का समग्र सुधार, शिक्षकों और प्राध्यापकों का सशक्तिकरण, और छात्रों को अंतरराष्ट्रीय मानकों की शिक्षा सुनिश्चित करना।
विधानसभा में अनुदान माँग और सरकारी प्रतिबद्धता
टैगोर ने उच्च शिक्षा मंत्री विश्वनाथन को भी बधाई दी, जो सोमवार को तमिलनाडु विधानसभा में विभाग के लिए अनुदान की माँग प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने इस वित्तीय प्रस्ताव को ऐतिहासिक बताते हुए भरोसा जताया कि यह राज्य के उच्च शिक्षा नेटवर्क को पुनर्जीवित करने का एक स्पष्ट रोडमैप प्रदान करेगा।
सकल नामांकन अनुपात का महत्वाकांक्षी लक्ष्य
टैगोर ने कहा कि सरकार को उच्च शिक्षा में राज्य के सकल नामांकन अनुपात (GER) को 50 प्रतिशत से आगे ले जाने का लक्ष्य रखना चाहिए। उनके अनुसार, यह उपलब्धि न केवल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों तक पहुँच का विस्तार करेगी, बल्कि तमिलनाडु को देश में उच्च शिक्षा के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी सहायक होगी। गौरतलब है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भी वर्ष 2035 तक GER को 50% तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित करती है, ऐसे में राज्य का यह संकल्प राष्ट्रीय दिशा के अनुरूप है।