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पीयूष गोयल का जापान दौरा: टोक्यो में 200+ बिजनेस लीडर्स के साथ भारत-जापान आर्थिक साझेदारी पर मंथन

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पीयूष गोयल का जापान दौरा: टोक्यो में 200+ बिजनेस लीडर्स के साथ भारत-जापान आर्थिक साझेदारी पर मंथन

सारांश

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल 200 से अधिक भारतीय व्यापार प्रतिनिधियों के सबसे बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ जापान पहुँचे हैं। टोक्यो में सुमितोमो और मेइजी सेइका जैसी दिग्गज कंपनियों से पहली बैठकें हो चुकी हैं — एनर्जी, फार्मा और मैन्युफैक्चरिंग में गहरे सहयोग का एजेंडा सामने है।

मुख्य बातें

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल 24 अगस्त को आधिकारिक जापान दौरे पर पहुँचे; यात्रा 27 अगस्त तक जारी रहेगी।
यह भारत का जापान में अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल है, जिसमें 200 से अधिक बिजनेस प्रतिनिधि शामिल हैं।
गोयल ने सुमितोमो कॉर्पोरेशन के सीईओ शिंगो उएनो से एनर्जी ट्रांसफॉर्मेशन और इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर पर चर्चा की।
मेइजी सेइका फार्मा के प्रेसिडेंट तोशियाकी नागासातो से भारत में मैन्युफैक्चरिंग और आरएंडडी विस्तार पर बातचीत हुई।
प्रतिनिधिमंडल में मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी, हेल्थकेयर और स्टार्टअप सहित कई क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
टोक्यो , नागोया और ओसाका — तीनों शहरों में बैठकें निर्धारित हैं।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सोमवार, 24 अगस्त को आधिकारिक जापान दौरे पर रवाना हुए। यह दौरा 27 अगस्त तक चलेगा, जिसमें वे 200 से अधिक भारतीय बिजनेस प्रतिनिधियों के अब तक के सबसे बड़े प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए टोक्यो, नागोया और ओसाका का दौरा करेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-जापान की 'विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी' को व्यापार और निवेश के धरातल पर और सुदृढ़ करना है।

सुमितोमो के सीईओ से पहली बैठक

टोक्यो पहुँचते ही गोयल ने सुमितोमो कॉर्पोरेशन के प्रेसिडेंट और सीईओ शिंगो उएनो के साथ बैठक की। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए अपने बयान में गोयल ने कहा, 'हमने एनर्जी ट्रांसफॉर्मेशन, मोबिलिटी और इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्रों में भारत के साथ कंपनी के जुड़ाव को और गहरा करने के मौकों पर चर्चा की।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत का निवेश-आधारित विकास मॉडल और विस्तरित मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम दोनों देशों के बीच सहयोग के नए द्वार खोलता है।

फार्मास्युटिकल क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा

गोयल ने मेइजी सेइका फार्मा कंपनी लिमिटेड के प्रेसिडेंट और रिप्रेजेंटेटिव डायरेक्टर तोशियाकी नागासातो से भी मुलाकात की। इस बैठक में भारत में कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग और आरएंडडी गतिविधियों को विस्तार देने पर विशेष जोर दिया गया। गोयल ने कहा, 'भारत का फार्मास्युटिकल इकोसिस्टम हमारे जापानी साझेदारों के लिए बड़े पैमाने पर काम करने और दीर्घकालिक विकास हासिल करने के महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।'

प्रतिनिधिमंडल की व्यापकता

आधिकारिक बयान के अनुसार, इस दौरे में शामिल 200 से अधिक भारतीय व्यापार प्रतिनिधि मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी, स्टील, ऑटोमोटिव, फाइनेंशियल सर्विसेज़, हेल्थकेयर और स्टार्टअप जैसे विविध क्षेत्रों से आते हैं। यह अब तक का भारत का जापान में सबसे बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल बताया जा रहा है।

भारत-जापान संबंधों का व्यापक संदर्भ

यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और जापान दोनों अपने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के इच्छुक हैं। गौरतलब है कि दोनों देश पहले से ही व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के तहत जुड़े हुए हैं, और यह दौरा उस ढाँचे को और व्यावहारिक बनाने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।

आगे की राह

नागोया और ओसाका में भी उद्योग जगत के नेताओं के साथ बैठकें निर्धारित हैं। माना जा रहा है कि इन बैठकों से मैन्युफैक्चरिंग और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में ठोस निवेश प्रतिबद्धताएँ सामने आ सकती हैं, जो भारत के 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियानों को और बल देंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि इन बैठकों से कितनी बाध्यकारी निवेश प्रतिबद्धताएँ सामने आती हैं। भारत-जापान CEPA के बावजूद द्विपक्षीय व्यापार अपनी क्षमता से काफी नीचे रहा है। एनर्जी ट्रांसफॉर्मेशन और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में जापानी कंपनियाँ वियतनाम और थाईलैंड को भी विकल्प के रूप में देख रही हैं। इसलिए यह दौरा केवल संवाद का नहीं, बल्कि ठोस नीतिगत आश्वासन देने का भी अवसर है — जिसका मूल्यांकन घोषणाओं से नहीं, बल्कि अगले 12 महीनों के FDI आँकड़ों से होगा।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल का जापान दौरा कब से कब तक है?
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का आधिकारिक जापान दौरा 24 अगस्त से 27 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान वे टोक्यो, नागोया और ओसाका का दौरा करेंगे।
इस दौरे में कितने भारतीय व्यापार प्रतिनिधि शामिल हैं?
इस दौरे में 200 से अधिक भारतीय बिजनेस प्रतिनिधि शामिल हैं, जो इसे जापान में भारत का अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल बनाता है। ये प्रतिनिधि मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी, हेल्थकेयर और स्टार्टअप सहित कई क्षेत्रों से हैं।
गोयल ने टोक्यो में किन कंपनियों के प्रमुखों से मुलाकात की?
गोयल ने सुमितोमो कॉर्पोरेशन के प्रेसिडेंट और सीईओ शिंगो उएनो तथा मेइजी सेइका फार्मा कंपनी लिमिटेड के प्रेसिडेंट तोशियाकी नागासातो से मुलाकात की। बैठकों में एनर्जी ट्रांसफॉर्मेशन, मोबिलिटी, इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर और फार्मास्युटिकल क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा हुई।
इस दौरे का भारत-जापान संबंधों पर क्या महत्व है?
यह दौरा दोनों देशों की 'विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी' को व्यापार और निवेश के स्तर पर मज़बूत करने की कोशिश है। यह ऐसे समय में हो रहा है जब भारत मैन्युफैक्चरिंग और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में जापानी निवेश आकर्षित करने का प्रयास कर रहा है।
इस दौरे में किन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है?
दौरे में मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी, स्टील, ऑटोमोटिव, फाइनेंशियल सर्विसेज़, हेल्थकेयर और स्टार्टअप क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। फार्मास्युटिकल क्षेत्र में भारत में मैन्युफैक्चरिंग और आरएंडडी विस्तार भी प्रमुख एजेंडे में है।
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