पीयूष गोयल 24 अगस्त से जापान दौरे पर, 200+ सदस्यीय भारत के सबसे बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 24 से 27 अगस्त 2026 तक जापान के चार दिवसीय दौरे पर रहेंगे, जिसमें वे भारत के अब तक के सबसे बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल — 200 से अधिक कारोबारी प्रतिनिधियों — का नेतृत्व करेंगे। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने 23 अगस्त को यह जानकारी दी। इस दौरे में टोक्यो, नागोया और ओसाका तीन प्रमुख जापानी शहरों को कवर किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल की संरचना और क्षेत्र
इस ऐतिहासिक प्रतिनिधिमंडल में विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, इस्पात, ऑटोमोटिव, वित्तीय सेवाएँ, स्वास्थ्य सेवा और स्टार्टअप सहित विविध क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपने विनिर्माण और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों में विदेशी निवेश आकर्षित करने की दिशा में सक्रिय रूप से प्रयासरत है।
टोक्यो में मुख्य बैठकें
राजधानी टोक्यो में गोयल प्रमुख जापानी औद्योगिक समूहों और कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इसके अतिरिक्त, वे 1,500 से अधिक अग्रणी जापानी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली सर्वोच्च व्यापारिक संस्था कीडानरेन (जापान बिजनेस फेडरेशन) के साथ एक महत्वपूर्ण गोलमेज सम्मेलन में भाग लेंगे। गौरतलब है कि कीडानरेन जापान की सबसे प्रभावशाली कारोबारी लॉबी है, जिसके साथ इस स्तर की सीधी बातचीत भारत-जापान आर्थिक संबंधों के लिहाज़ से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
द्विपक्षीय वार्ता और सरकारी संपर्क
मंत्रालय के अनुसार, गोयल अपने जापानी समकक्ष अकाजावा रयोसेई, जो अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय (METI) के प्रमुख हैं, के साथ औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके साथ ही वे जापान सरकार और संसद के वरिष्ठ सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे। जापान में रह रहे भारतीय समुदाय के साथ भी बातचीत का कार्यक्रम निर्धारित है।
नागोया और ओसाका में औद्योगिक रोड शो
मध्य जापान के प्रमुख औद्योगिक केंद्र नागोया में गोयल चुकेरेन (मध्य जापान आर्थिक संघ) और नागोया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के साथ एक रोड शो का नेतृत्व करेंगे। वहाँ आइची प्रान्त के नेतृत्व और ऑटोमोटिव व इस्पात क्षेत्रों के प्रमुख निवेशकों से बातचीत होगी। दौरे का समापन ओसाका में होगा, जहाँ इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक और उपभोक्ता क्षेत्रों की अग्रणी जापानी कंपनियों के साथ निवेशक बैठकें और रोड शो आयोजित किए जाएंगे।
दौरे का व्यापक संदर्भ
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और जापान व्यापार एवं निवेश संबंधों को नई ऊँचाई देने की दिशा में काम कर रहे हैं। जापान पहले से ही भारत के बुनियादी ढाँचे और विनिर्माण क्षेत्र में एक प्रमुख निवेशक रहा है। इस दौरे से दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा और ऑटोमोटिव क्षेत्रों में नई साझेदारियों की नींव पड़ने की संभावना है।