राजहरा में पाइपलाइन खुदाई के दौरान मिट्टी धंसी, तीन मजदूरों की दबकर मौत
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के राजहरा कस्बे में मंगलवार, 12 मई को एक दर्दनाक हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई। दास पान ठेला चौक के पास भिलाई स्टील प्लांट की सीवरेज लाइन के लिए पाइप बिछाने के दौरान खुदाई के गड्ढे की दीवारें अचानक ढह गईं और मजदूर जिंदा दफन हो गए। पुलिस के अनुसार मलबे का भार इतना भीषण था कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे का घटनाक्रम
मजदूर लगभग 10 फीट गहरे गड्ढे में भारी सीवरेज पाइपों को सही स्थान पर बिठाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान गड्ढे के आसपास की मिट्टी की दीवारें अचानक ढह गईं और विशाल मिट्टी का ढेर उन पर आ गिरा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मलबे के गिरने का प्रभाव इतना तीव्र था कि किसी भी बचाव दल के पहुँचने से पहले ही तीनों की जान जा चुकी थी।
मृतकों की पहचान
मृत मजदूरों में किशन कुमार, राकेश कुमार और एक महिला मजदूर बैशाखीन शामिल हैं। इसके अलावा एक अन्य मजदूर के भी मलबे के नीचे दबे होने की आशंका जताई जा रही है, हालाँकि पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
बचाव अभियान
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस विभाग और नगर निगम के अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे और बचाव अभियान शुरू किया। विशेष उपकरणों की मदद से टीमों ने गिरी हुई मिट्टी हटाई और गड्ढे से शवों को सुरक्षित निकाला। तीनों पीड़ितों के शव आगे की कानूनी औपचारिकताओं और पोस्टमार्टम जाँच के लिए भेज दिए गए हैं।
स्थानीय समुदाय पर असर
मिट्टी ढहने की खबर फैलते ही राजहरा के आसपास के आवासीय इलाकों में शोक और सदमे का माहौल छा गया। घटनास्थल के नज़दीक स्थित दास पान ठेला चौक पर भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गहरी नाराज़गी जताई।
आगे की कार्रवाई
दुर्घटना के बाद भिलाई स्टील प्लांट की सीवरेज लाइन परियोजना पर काम अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। स्थानीय अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करेंगे और यह जाँच करेंगे कि क्या इस तरह के भूस्खलन को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षात्मक उपाय किए गए थे। यह हादसा एक बार फिर निर्माण स्थलों पर मजदूर सुरक्षा के मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।