चक्रवात अर्नब: आंध्र प्रदेश में बहाली युद्धस्तर पर, 4,881 गांवों में बिजली लौटी
सारांश
मुख्य बातें
चक्रवात अर्नब से प्रभावित आंध्र प्रदेश के जिलों में 30 अक्टूबर 2026 को सामान्य जनजीवन बहाल करने की मुहिम पूरे जोर पर है। बिजली, सड़क और संचार सेवाओं को जल्द से जल्द पुनर्स्थापित करने के लिए विभिन्न सरकारी विभाग जमीनी स्तर पर सक्रिय हैं। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने स्वयं राहत एवं बहाली कार्यों की समीक्षा की और पश्चिम गोदावरी जिले के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
बिजली बहाली की स्थिति
आंध्र प्रदेश ईस्टर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (APEPDCL) के क्षेत्र में बिजली से वंचित 5,404 गांवों में से 4,881 गांवों में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है। 552 प्रभावित सब-स्टेशनों में से 513 को पुनः चालू कर दिया गया है — अर्थात लगभग 93 प्रतिशत बहाली का काम पूरा हो चुका है, जबकि 39 सब-स्टेशन अभी भी चालू किए जाने बाकी हैं।
अधिकारियों के अनुसार, विजयनगरम, विशाखापत्तनम, अनकापल्ली, काकीनाडा और एलुरु जिलों के सभी प्रभावित गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल हो चुकी है। कृष्णा जिले में APEPDCL क्षेत्र के 915 प्रभावित गांवों में से 867 गांवों में विद्युत आपूर्ति फिर से शुरू हो गई है।
सबसे अधिक प्रभावित कोनसीमा क्षेत्र में 316 में से 87 गांवों में और पश्चिम गोदावरी में 318 में से 154 गांवों में बिजली बहाल हुई है। इन दोनों जिलों के 393 गांव अभी भी अंधेरे में हैं। अन्य राज्यों के सहयोग से बहाली की गति को और तेज किया जा रहा है।
सड़क एवं संचार सेवाएं
सड़क एवं भवन विभाग की सड़कों पर गिरे 2,270 पेड़ हटाए जा चुके हैं, जिनमें से अकेले कोनसीमा जिले में 1,334 पेड़ हटाकर रास्ते साफ किए गए हैं। 137 स्थानों पर यातायात बाधित हुई थी, जिनमें से 119 स्थानों पर आवाजाही बहाल कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि चक्रवात के कारण कुल 2,425.45 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं।
मोबाइल संचार सेवाओं की बहाली में भी प्रगति दर्ज हुई है। विभिन्न सेवा प्रदाताओं के 1,045 प्रभावित मोबाइल टावरों में से 661 टावर पुनः चालू कर दिए गए हैं, जबकि 384 टावरों की बहाली अभी शेष है।
कृषि एवं जल प्रबंधन
16 जिलों में 3,52,254 हेक्टेयर कृषि फसलें जलभराव से प्रभावित हुई हैं। इसके अतिरिक्त 23,211 हेक्टेयर क्षेत्र में बागवानी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। जल संसाधन विभाग के अंतर्गत 100 स्थानों पर अस्थायी मरम्मत का काम पूरा हो चुका है, जिनमें 78 प्रभावित तालाब और 22 नहरें शामिल हैं।
एक आधिकारिक नोट के अनुसार, 26 से 29 अक्टूबर के बीच हुई बारिश से राज्य में लगभग 380 टीएमसी पानी आया है और बाढ़ का पानी अभी भी लगातार आ रहा है। कुशल जल प्रबंधन के जरिए जलाशयों में अतिरिक्त 4.68 टीएमसी पानी संग्रहित किया जा चुका है और 5 से 6 टीएमसी अतिरिक्त पानी संग्रहित करने की संभावना भी बताई जा रही है।
मुख्यमंत्री के निर्देश
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने ग्राम स्तर पर चल रहे राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक हर ज़रूरतमंद तक सहायता नहीं पहुंच जाती और सभी समस्याएं पूरी तरह हल नहीं हो जातीं, तब तक पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम जारी रहे। मुख्यमंत्री द्वारा फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों से लगातार संपर्क बनाए रखने के कारण प्रशासन युद्धस्तर पर जुटा हुआ है।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में बाढ़ का पानी अभी भी पूरी तरह नहीं उतरा है और लाखों किसान अपनी फसल के नुकसान का आकलन कर रहे हैं। आने वाले दिनों में कृषि क्षति का विस्तृत सर्वेक्षण और मुआवजे की प्रक्रिया राज्य सरकार की अगली बड़ी प्राथमिकता होगी।