चक्रवात 'अर्नब': तेलंगाना ने आंध्र प्रदेश को बिजली बहाली में पूर्ण सहयोग का दिया भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश के ऊर्जा मंत्री गोट्टीपति रवि कुमार से टेलीफोन पर संपर्क किया और चक्रवात 'अर्नब' से प्रभावित क्षेत्रों में बिजली बहाली के लिए तेलंगाना सरकार का पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली तेलंगाना सरकार ने राहत और पुनर्स्थापना अभियान में आवश्यक कर्मचारी एवं सामग्री उपलब्ध कराने की तत्परता भी जताई है।
दो राज्यों के बीच महत्वपूर्ण संपर्क
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस फोन वार्ता में गोट्टीपति रवि कुमार ने अपने तेलंगाना समकक्ष को चक्रवात से हुए नुकसान, जारी राहत एवं बहाली कार्यों और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में उठाए जा रहे कदमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश सरकार बिजली आपूर्ति बहाल करने और प्रभावित जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है।
भट्टी विक्रमार्क ने राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का वचन देते हुए कहा कि तेलंगाना किसी भी आपात स्थिति में अपने पड़ोसी राज्य के साथ खड़ा है। यह ऐसे समय में आया है जब चक्रवात 'अर्नब' ने तटीय आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मचाई है और बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।
आंध्र प्रदेश में बहाली का काम
आंध्र प्रदेश के ऊर्जा विभाग ने चक्रवात से पहले ही लगभग 6,000 अनुभवी कर्मियों को तैनात कर आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र स्थापित कर लिया था। गोट्टीपति रवि कुमार ने पहले बताया था कि चक्रवात बहाली कार्यों में दक्ष अधिकारी और फील्ड स्टाफ को संवेदनशील स्थानों पर प्राथमिकता से तैनात किया गया है।
चक्रवात के सीधे प्रभाव क्षेत्र से बाहर के इलाकों में पर्याप्त जनशक्ति सुनिश्चित करने के लिए अवकाश व्यवस्था में भी संशोधन किया गया था। मंत्री ने बिजली वितरण कंपनियों के अध्यक्षों एवं प्रबंध निदेशकों को स्वयं क्षेत्र में जाकर परिस्थितियों की निगरानी करने के निर्देश दिए। इसके तहत विशाखापत्तनम, अनाकापल्ली, काकीनाडा और कोनासीमा जिलों में परिचालन का सीधा निरीक्षण किया गया।
सहयोग का महत्व
तेलंगाना का यह प्रस्ताव पड़ोसी राज्यों के बीच आपदा-प्रबंधन सहयोग की एक उल्लेखनीय मिसाल है। गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना का 2014 में विभाजन हुआ था, और दोनों राज्यों के बीच बिजली ग्रिड एवं संसाधनों का साझा उपयोग इस तरह की आपदाओं में विशेष महत्व रखता है।
गोट्टीपति रवि कुमार ने तेलंगाना सरकार और भट्टी विक्रमार्क के प्रति इस चुनौतीपूर्ण घड़ी में समर्थन एवं एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए आभार जताया। उन्होंने संसाधन उपलब्ध कराने की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि इससे बहाली कार्यों में तेज़ी आएगी।
आगे की राह
तेलंगाना के सहयोग आश्वासन से आंध्र प्रदेश में बिजली बहाली के चल रहे प्रयासों को मज़बूती मिलने और चक्रवात-जनित व्यवधानों पर तेज़ प्रतिक्रिया देने की उम्मीद जताई जा रही है। दोनों राज्यों के बीच हुई यह उच्चस्तरीय वार्ता दर्शाती है कि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द-से-जल्द सामान्य स्थिति बहाल करना दोनों सरकारों की प्राथमिकता है।