28 अक्टूबर 2026
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सीबीआई ने मुंबई में आयकर निरीक्षक को ₹15 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा, ₹11 लाख नकद भी बरामद

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सीबीआई ने मुंबई में आयकर निरीक्षक को ₹15 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा, ₹11 लाख नकद भी बरामद

सारांश

सीबीआई ने मुंबई में आयकर निरीक्षक सुभाष कुमार यादव को बेनामी संपत्ति मामला बंद कराने के एवज में ₹15 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा। तलाशी में ₹11 लाख नकद और आपत्तिजनक दस्तावेज मिले। अदालत ने 30 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत दी है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 27 अक्टूबर 2026 को मुंबई के सिंधिया हाउस आयकर कार्यालय में जाल बिछाकर निरीक्षक सुभाष कुमार यादव को ₹15 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा।
आरोपी ने शुरुआत में ₹20 लाख की माँग की थी, जो बातचीत के बाद ₹15 लाख पर तय हुई।
तलाशी के दौरान परिसर से ₹11 लाख नकद और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए।
अदालत ने यादव को 30 अक्टूबर तक दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा।
रिश्वत का संबंध बेनामी निषेध इकाई में लंबित एक संपत्ति मामले को बंद कराने से था।
मामले में अन्य अज्ञात व्यक्तियों की भूमिका की जाँच जारी है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 27 अक्टूबर 2026 को मुंबई के सिंधिया हाउस स्थित आयकर कार्यालय की जांच शाखा में कार्यरत निरीक्षक सुभाष कुमार यादव को ₹15 लाख की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि यादव ने बेनामी संपत्ति से जुड़ा एक लंबित मामला बंद करने के बदले शिकायतकर्ता से ₹20 लाख की माँग की थी, जो बातचीत के बाद ₹15 लाख पर तय हुई।

मामले का पूरा घटनाक्रम

मुंबई के एक निवासी ने सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई कि आयकर विभाग की बेनामी निषेध इकाई में लंबित उनके मामले को बंद कराने के लिए आयकर निरीक्षक सुभाष कुमार यादव ने ₹20 लाख की रिश्वत माँगी। शिकायतकर्ता के साथ लंबी बातचीत के बाद यादव ₹15 लाख में सहमत हुए।

शिकायत की जाँच करने के बाद 27 अक्टूबर को सीबीआई ने जाल बिछाया और यादव को रिश्वत की राशि स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। उनके खिलाफ मामला 27 अक्टूबर को ही दर्ज किया गया था।

तलाशी में मिले आपत्तिजनक सबूत

गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई ने आरोपी निरीक्षक के परिसर में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान ₹11 लाख नकद और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए। एजेंसी अब इन दस्तावेजों की विस्तृत जाँच कर रही है ताकि रिश्वतखोरी के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।

अदालत में पेशी और हिरासत

गिरफ्तारी के अगले दिन 28 अक्टूबर 2026 को आरोपी सुभाष कुमार यादव को मुंबई की सक्षम अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 30 अक्टूबर तक दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया, ताकि सीबीआई पूछताछ के ज़रिये मामले की तह तक पहुँच सके।

जाँच का दायरा और अन्य संदिग्ध

सीबीआई के अनुसार, मामले में अज्ञात अन्य व्यक्ति भी शामिल हो सकते हैं जिनकी भूमिका की पड़ताल की जा रही है। एजेंसी विशेष रूप से यह जाँच रही है कि बेनामी संपत्ति के उस मामले में रिश्वत की माँग किन परिस्थितियों में की गई और क्या यह एकल घटना थी या किसी बड़े तंत्र का हिस्सा।

गौरतलब है कि यह मामला आयकर विभाग की बेनामी निषेध इकाई — जो काले धन पर अंकुश लगाने के लिए स्थापित की गई थी — से जुड़ा है। आलोचकों का कहना है कि यह ऐसे समय में सामने आया है जब सरकार भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन का दावा कर रही है।

सीबीआई की चेतावनी और आगे की राह

सीबीआई ने नागरिकों से अपील की है कि वे भ्रष्टाचार के ऐसे मामलों की सूचना तत्काल एजेंसी को दें ताकि उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके। एजेंसी ने दोहराया कि रिश्वत माँगने या स्वीकार करने में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी लोक सेवक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। मामले की आगे की जाँच अभी जारी है और नए तथ्य सामने आने पर स्थिति बदल सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो तंत्र की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है। सीबीआई की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि अज्ञात संलिप्त व्यक्तियों की पहचान और अभियोजन कितनी दूर तक जाता है। रिश्वत माँगने और मिलने के बीच की 'बातचीत' दर्शाती है कि यह प्रणालीगत समस्या है, न कि अकेले एक अधिकारी की करतूत।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई ने मुंबई में किस आयकर निरीक्षक को गिरफ्तार किया?
सीबीआई ने आयकर निरीक्षक सुभाष कुमार यादव को गिरफ्तार किया, जो मुंबई के सिंधिया हाउस स्थित डीडीआईटी जांच शाखा में तैनात थे। उन्हें 27 अक्टूबर 2026 को ₹15 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।
रिश्वत किस काम के लिए माँगी गई थी?
आरोप है कि यादव ने आयकर विभाग की बेनामी निषेध इकाई में लंबित एक बेनामी संपत्ति मामले को बंद कराने के बदले पहले ₹20 लाख की माँग की, जो बातचीत के बाद ₹15 लाख पर तय हुई।
गिरफ्तारी के बाद तलाशी में क्या मिला?
आरोपी के परिसर में सीबीआई को ₹11 लाख नकद और कई आपत्तिजनक दस्तावेज मिले। इन दस्तावेजों की विस्तृत जाँच की जा रही है।
अदालत ने आरोपी निरीक्षक को कितने दिन की हिरासत में भेजा?
मुंबई की सक्षम अदालत ने 28 अक्टूबर को सुभाष कुमार यादव को 30 अक्टूबर 2026 तक दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा, ताकि सीबीआई पूछताछ कर सके।
क्या इस मामले में अन्य लोग भी संदिग्ध हैं?
हाँ, सीबीआई ने बताया कि मामला अज्ञात अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भी दर्ज है। एजेंसी उनकी भूमिका की जाँच कर रही है और तलाशी में बरामद दस्तावेजों के आधार पर पूरे नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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