28 अगस्त 2026
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सीबीआई ने ₹40 लाख रिश्वत मामले में रायगढ़ में दो सीजीएसटी अधिकारियों समेत तीन को गिरफ्तार किया

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सीबीआई ने ₹40 लाख रिश्वत मामले में रायगढ़ में दो सीजीएसटी अधिकारियों समेत तीन को गिरफ्तार किया

सारांश

सीबीआई ने रायगढ़ में पत्थर खनन कंपनी के जीएसटी मामले को दबाने के एवज में ₹40 लाख की रिश्वत लेते पकड़े गए आईआरएस अधिकारी समेत तीन को गिरफ्तार किया। तलाशी में ₹43 लाख नकद और ₹90 लाख के आभूषण बरामद हुए। उसी दिन भोपाल में बीएसएनएल के दो इंजीनियर भी रंगे हाथों पकड़े गए।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 28 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र के रायगढ़ में ₹40 लाख रिश्वत मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में आईआरएस (2009 बैच) के सीजीएसटी अतिरिक्त आयुक्त विनय कुमार कान्थेती , अधीक्षक राकेश कुमार सिन्हा और निजी सहयोगी नरिंदर राजपूत शामिल हैं।
मूल माँग ₹1.50 करोड़ थी, बातचीत के बाद ₹40 लाख पर तय हुई; राजपूत को रकम लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।
तलाशी में ₹43 लाख नकद और ₹90 लाख के आभूषण बरामद।
उसी दिन भोपाल में बीएसएनएल के दो अभियंता भी ₹75,000 की रिश्वत लेते पकड़े गए; मूल माँग प्रत्येक से ₹2 लाख थी।

केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने 28 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में एक पत्थर खनन कंपनी से ₹40 लाख की रिश्वत लेने के मामले में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) के अतिरिक्त आयुक्त विनय कुमार कान्थेती, सीजीएसटी अधीक्षक राकेश कुमार सिन्हा और निजी सहयोगी नरिंदर राजपूत को गिरफ्तार किया। तीनों को सक्षम न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

मामले का पूरा घटनाक्रम

सीबीआई ने 26 अगस्त 2026 को सीजीएसटी अधीक्षक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोप है कि शिकायतकर्ता की पत्थर खनन कंपनी से जुड़े जीएसटी और रॉयल्टी मामले को निपटाने के एवज में पहले ₹1.50 करोड़ की माँग की गई थी। बातचीत के बाद यह राशि घटाकर ₹40 लाख कर दी गई।

आरोपी लोक सेवकों ने रिश्वत की वसूली के लिए निजी व्यक्ति नरिंदर राजपूत को बिचौलिया बनाया और शिकायतकर्ता को उनसे संपर्क करने का निर्देश दिया। सीबीआई ने जाल बिछाकर राजपूत को ₹40 लाख की अनुचित राशि स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा।

तलाशी में करोड़ों की बरामदगी

गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के परिसरों की तलाशी में सीबीआई को ₹43 लाख नकद और ₹90 लाख के आभूषण बरामद हुए। यह बरामदगी मामले की गंभीरता को और उजागर करती है। गिरफ्तारी के बाद दोनों सीजीएसटी अधिकारियों ने भी रिश्वत की राशि स्वीकार करने की बात मान ली।

बीएसएनएल भोपाल में भी सीबीआई की कार्रवाई

इसी दिन एक अलग मामले में सीबीआई ने भोपाल में बीएसएनएल के मुख्य अभियंता (विद्युत) और अधीक्षण अभियंता (विद्युत) को ₹75,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि इन दोनों अधिकारियों ने जबलपुर की एक फर्म — जो बीएसएनएल के लिए ऑपरेशन एंड कॉम्प्रिहेंसिव मेंटेनेंस (OCM) और विद्युत स्थापना कार्य करती थी — से उसके 14 लंबित बिलों को संसाधित करने के बदले ₹2 लाख की माँग की थी।

₹75,000 इस माँग की आंशिक राशि थी, जिसे दोनों अधिकारी स्वीकार करते हुए पकड़े गए। बाद में भोपाल, लखनऊ और कानपुर में आरोपियों के आवासीय और कार्यालय परिसरों की भी तलाशी ली गई।

आईआरएस अधिकारी की संलिप्तता का संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार की कर प्रशासन प्रणाली में पारदर्शिता लाने की बात जोर पकड़ रही है। गौरतलब है कि विनय कुमार कान्थेती आईआरएस (2009 बैच) के अधिकारी हैं और अतिरिक्त आयुक्त स्तर के वरिष्ठ पद पर तैनात थे। इस स्तर के अधिकारी की गिरफ्तारी सीजीएसटी तंत्र में भ्रष्टाचार की गहराई को लेकर सवाल खड़े करती है।

आगे की कार्यवाही

तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है और सीबीआई आगे की जाँच जारी रखेगी। भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत दोषसिद्धि पर इन अधिकारियों को सेवा से बर्खास्तगी सहित कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि किसी अकेले अधिकारी की चूक की। उसी दिन भोपाल में बीएसएनएल अभियंताओं की गिरफ्तारी यह भी संकेत देती है कि सीबीआई एक साथ कई मोर्चों पर सक्रिय है — लेकिन असली सवाल यह है कि इन मामलों में सीटी बजाने वाले शिकायतकर्ता को किस हद तक संस्थागत सुरक्षा मिलती है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई ने रायगढ़ में किसे और क्यों गिरफ्तार किया?
सीबीआई ने सीजीएसटी के अतिरिक्त आयुक्त विनय कुमार कान्थेती, अधीक्षक राकेश कुमार सिन्हा और निजी सहयोगी नरिंदर राजपूत को ₹40 लाख की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया। ये तीनों एक पत्थर खनन कंपनी के जीएसटी और रॉयल्टी मामले को निपटाने के बदले यह राशि माँग रहे थे।
रिश्वत की असली माँग कितनी थी और यह ₹40 लाख कैसे हुई?
शुरुआत में आरोपी अधिकारियों ने शिकायतकर्ता की पत्थर खनन कंपनी से ₹1.50 करोड़ की माँग की थी। बातचीत के बाद यह राशि घटाकर ₹40 लाख तय की गई, जिसे नरिंदर राजपूत के माध्यम से वसूला जाना था।
तलाशी में क्या बरामद हुआ?
सीबीआई ने आरोपियों के परिसरों की तलाशी में ₹43 लाख नकद और ₹90 लाख के आभूषण बरामद किए। यह बरामदगी गिरफ्तारी के बाद की गई।
भोपाल में बीएसएनएल अधिकारियों का मामला क्या है?
सीबीआई ने उसी दिन भोपाल में बीएसएनएल के मुख्य अभियंता (विद्युत) और अधीक्षण अभियंता (विद्युत) को ₹75,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। ये अधिकारी जबलपुर की एक फर्म के 14 लंबित बिल पास करने के बदले प्रत्येक से ₹2 लाख माँग रहे थे।
इस मामले में आगे क्या होगा?
तीनों आरोपियों को सक्षम न्यायालय में पेश किया जा रहा है और सीबीआई की जाँच जारी है। भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दोषसिद्धि पर आरोपी अधिकारियों को सेवा से बर्खास्तगी और कारावास का सामना करना पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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