आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड को मिलेंगी 2,971 फाइलें, तेलंगाना से 10 साल बाद रिकॉर्ड हस्तांतरण की राह साफ
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड को 2014 के राज्य विभाजन के बाद से लंबित 2,971 फाइलें, आठ सर्वे कमिश्नर रिपोर्ट पुस्तकें और तीन गजट जल्द ही तेलंगाना से वापस मिलने वाले हैं। बोर्ड के अध्यक्ष शेख अब्दुल अजीज ने 19 मई को अमरावती में बताया कि एक दशक से अटके इस मामले में अब ठोस प्रगति हुई है और रिकॉर्ड की वापसी की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
मुख्य घटनाक्रम
2014 में संयुक्त आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद वक्फ बोर्ड से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज — जिनमें सर्वे फॉर्म, जिला-वार गजट, बोर्ड प्रस्तावों की प्रतियाँ और अन्य फाइलें शामिल हैं — तेलंगाना वक्फ बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में ही रह गए थे। वक्फ अधिनियम 1995 और केंद्र सरकार के विभाजन दिशा-निर्देशों के तहत इन्हें आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड को हस्तांतरित किया जाना था, लेकिन यह प्रक्रिया वर्षों तक आगे नहीं बढ़ सकी।
अब्दुल अजीज के अनुसार, तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन जारी कर रिकॉर्ड रूम खाली कराने और दस्तावेज तेलंगाना वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को सौंपने के आदेश दे दिए हैं।
सरकार का हस्तक्षेप
अब्दुल अजीज ने बताया कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री एनएमडी फारूक के हस्तक्षेप के बाद इस गतिरोध को तोड़ना संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित स्तर पर समन्वय किया।
बोर्ड अध्यक्ष ने यह भी बताया कि पद संभालने के बाद उन्होंने इस मुद्दे को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और तेलंगाना वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष, मुख्य कार्यकारी अधिकारी व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें कीं तथा लगातार पत्राचार के ज़रिए मामले को आगे बढ़ाया।
रिकॉर्ड का महत्व
अब्दुल अजीज के अनुसार, ये दस्तावेज वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा, कानूनी मामलों के प्रबंधन, सर्वे सत्यापन और केंद्र सरकार के उम्मीद पोर्टल पर जानकारी अपलोड करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। बोर्ड की ओर से विशेष टीमें पहले ही भेजी जा चुकी हैं, जो रिकॉर्ड की पहचान, सूची तैयार करने और उन्हें अपने कब्जे में लेने की प्रक्रिया में जुटी हैं।
वित्तीय देनदारियाँ भी वापस मिलेंगी
रिकॉर्ड के अलावा आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड को ₹55.5 करोड़ की वित्तीय देनदारियाँ — जिनमें नकद शेष राशि, जमा राशि और अन्य बकाया शामिल हैं — की वसूली की प्रक्रिया भी जारी है। अब्दुल अजीज ने बताया कि इस दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
आगे की राह
रिकॉर्ड रूम खाली होने और दस्तावेज सौंपे जाने के बाद आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड इन्हें औपचारिक रूप से अपने अधिकार में ले लेगा। यह कदम राज्य में वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रशासन और कानूनी संरक्षण की दिशा में निर्णायक साबित हो सकता है।