क्या सीएम चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को बैंकों के साथ ब्याज दर में कटौती पर चर्चा करने का निर्देश दिया?
सारांश
मुख्य बातें
अमरावती, 10 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लोन पर ब्याज दरें कम करने के लिए विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों से वार्ता करें।
मंत्रियों, सचिवों और विभागों के प्रमुखों की कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को ब्याज दरें कम करके जनता का पैसा बचाने के उपाय प्रारंभ करने चाहिए, जिससे राज्य कुल लोन पर 7000 करोड़ रुपए की बचत कर सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश की ब्रांड इमेज को नुकसान पहुंचाने के कारण पिछले सरकार के शासनकाल में कई वित्तीय संस्थानों ने ब्याज दरें बढ़ा दी थीं, जिससे जनता के पैसे की बर्बादी हुई।
चंद्रबाबू नायडू ने दावा किया कि एनडीए सरकार पिछले वर्ष लोन के री-शेड्यूलिंग और बैंकों व वित्तीय संस्थानों के साथ बातचीत के माध्यम से 512 करोड़ रुपए और इस वर्ष अब तक 1000 करोड़ रुपए बचाने में सफल रही है।
विभिन्न विभागों द्वारा 1170 करोड़ रुपए के केंद्र सरकार के फंड खर्च न किए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि फंड का उपयोग 20 दिसंबर तक किया जाना चाहिए और आगे फंड मंजूर कराने के लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र केंद्र सरकार को भेजा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मंत्रियों को भी विकास कार्यों के लिए केंद्रीय फंड का उपयोग करने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। वह चाहते थे कि सभी विभाग मार्च 2026 तक ऑडिट के दायरे में आ जाएं और मंत्रियों से फाइलों की मंजूरी में तेजी लाने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह हर तीन महीने में विभिन्न विभागों के प्रदर्शन की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को किसानों, फसलों की कीमतों, सड़कों, रोजगार सृजन, पीने के पानी और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के मुद्दों पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए ताकि सुधारात्मक उपाय किए जा सकें।
उन्होंने यह भी पूछा कि फाइलों की मंजूरी में तेजी लाने के लिए व्यावसायिक नियमों को बदलने में क्या गलत है, क्योंकि लोगों के फायदे के लिए संविधान में कई बार संशोधन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी में सुधार के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग करना चाहिए और अंततः जनता की संतुष्टि प्राप्त करने के लिए मानवीय दृष्टिकोण अपनाना अधिक महत्वपूर्ण है।
यह कहते हुए कि एनडीए सरकार इस वर्ष बिजली टैरिफ नहीं बढ़ाने जा रही है, मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि बिजली खरीद मूल्य को वर्तमान 4.92 रुपए प्रति यूनिट से घटाकर 4 रुपए प्रति यूनिट करने के प्रयास जारी हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार आंध्र प्रदेश की ब्रांड इमेज को पुनः स्थापित करने और भारी निवेश आकर्षित करने में सक्षम है, जिसका सबसे अच्छा उदाहरण विशाखापत्तनम में सीआईआई पार्टनरशिप समिट की सफलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 2025-26 की पहली तिमाही में 12.02 प्रतिशत और दूसरी तिमाही में 11.28 प्रतिशत ग्रोथ रेट हासिल करने में सफल रही है और 17.11 प्रतिशत का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि सरकार सिंचाई क्षेत्र पर ज्यादा ध्यान दे रही है और विभिन्न प्रोजेक्ट्स में 944 टीएमसी पानी स्टोर करने में सफल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सभी क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है, और आंध्र प्रदेश देश में सबसे ज्यादा 638 इंडस्ट्रियल पार्कों के साथ शीर्ष पर है। उन्होंने कहा कि तीन आर्थिक जोन विकसित किए जाएंगे, जिनमें उत्तरी आंध्र और पूर्वी गोदावरी जिलों के साथ विशाखापत्तनम, पश्चिमी गोदावरी, कृष्णा, गुंटूर और प्रकाशम जिलों के साथ अमरावती, और नेल्लोर व कुरनूल जिलों के साथ तिरुपति शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 15 जनवरी तक सभी सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध करा दी जाएंगी और कुछ विभागों को, जो पीछे चल रहे हैं, अपनी सेवाओं में सुधार करने का निर्देश दिया।