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क्या प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइली पीएम नेतन्याहू से बात की और आतंकवाद पर 'जीरो टॉलरेंस' की प्रतिबद्धता दोहराई?

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क्या प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइली पीएम नेतन्याहू से बात की और आतंकवाद पर 'जीरो टॉलरेंस' की प्रतिबद्धता दोहराई?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फोन पर बातचीत की, जिसमें भारत-इजराइल रणनीतिक साझेदारी और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पर साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की। दोनों ने पश्चिम एशिया में न्यायपूर्ण शांति के प्रयासों का समर्थन किया।

मुख्य बातें

भारत-इजराइल रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता।
आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को दोहराया गया।
पश्चिम एशिया में स्थायी शांति के लिए भारत का समर्थन।

नई दिल्ली, 10 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने भारत-इजराइल रणनीतिक साझेदारी में निरंतर प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और अपने संबंधों को और मजबूत बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि मैंने अपने मित्र प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बातचीत की। हमने भारत-इजराइल रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा की और सहयोग को और बढ़ाने पर सहमति जताई।

उन्होंने कहा कि चर्चा के दौरान हमने आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की अपनी साझा प्रतिबद्धता को भी दोहराया। भारत इस क्षेत्र में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति को प्राप्त करने के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता है।

दोनों नेताओं ने आतंकवाद की कड़ी निंदा की और आतंकवाद के सभी रूपों के प्रति अपनी शून्य-सहिष्णुता नीति को दोहराया।

उन्होंने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री मोदी ने गाजा शांति योजना के शीघ्र कार्यान्वयन सहित क्षेत्र में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति के प्रयासों के लिए भारत के समर्थन की पुष्टि की। दोनों नेताओं ने संपर्क में रहने पर सहमति व्यक्त की।

गौरतलब है कि पिछले महीने के अंत में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इजरायल की अपनी सफल यात्रा पूरी की थी, जिसमें उन्होंने भारत-इजरायल रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए कई उच्च स्तरीय बैठकें की थीं। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस यात्रा ने दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को गहरा करने, प्रौद्योगिकी आधारित सहयोग को गति देने और रणनीतिक महत्व के क्षेत्रों में साझेदारी का विस्तार करने की दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जो भारत-इजराइल संबंधों के अगले चरण में एक महत्वपूर्ण कदम है।

गोयल की इजराइल के अर्थव्यवस्था और उद्योग मंत्री नीर बरकत के साथ चर्चा में मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर विचार-विमर्श हुआ। एक महत्वपूर्ण बात यह रही कि भारत-इजराइल मुक्त व्यापार समझौते के लिए संदर्भ शर्तों पर हस्ताक्षर किए गए, जो संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी परिणाम के लिए संरचित वार्ता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इजराइल के वित्त मंत्री बेजलेल स्मोट्रिच के साथ चर्चा में अवसंरचना, खनन और इजराइल में भारतीय श्रमिकों के लिए अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ, जबकि इजराइल के कृषि मंत्री एवी डिक्टर के साथ चर्चा में इजराइल की दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा रणनीति, बीज सुधार प्रौद्योगिकियों और कृषि जल पुन: उपयोग में नेतृत्व पर बात हुई।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना आवश्यक है कि भारत और इजराइल के बीच बढ़ते संबंध न केवल दोनों देशों के लिए फायदेमंद हैं, बल्कि यह क्षेत्रीय स्थिरता और शांति के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को अपनाकर, दोनों देश एक मजबूत और सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और इजराइल के बीच संबंध कैसे हैं?
भारत और इजराइल के बीच संबंध रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा के क्षेत्र में मजबूत हैं। दोनों देश एक-दूसरे के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
जीरो टॉलरेंस की नीति का क्या मतलब है?
जीरो टॉलरेंस की नीति का मतलब है किसी भी प्रकार के आतंकवादी गतिविधियों के प्रति कोई सहिष्णुता न होना। यह नीति सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
गाजा शांति योजना क्या है?
गाजा शांति योजना एक पहल है जिसका उद्देश्य गाजा क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना है।
राष्ट्र प्रेस
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