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भारतीय नौसेना में शामिल हुआ ‘अंजदीप’ युद्धपोत, 15 और पोत होंगे शामिल

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भारतीय नौसेना में शामिल हुआ ‘अंजदीप’ युद्धपोत, 15 और पोत होंगे शामिल

सारांश

भारतीय नौसेना ने ‘अंजदीप’ नाम का एक नया युद्धपोत शामिल किया है। यह स्वदेशी रूप से निर्मित पनडुब्बी रोधी पोत, दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने में सक्षम है। इसके साथ ही, 2026 तक 15 और पोत शामिल करने की योजना है।

मुख्य बातें

‘अंजदीप’ एक स्वदेशी पनडुब्बी रोधी युद्धपोत है।
यह दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय कर सकता है।
नौसेना का लक्ष्य 2047 तक आत्मनिर्भरता प्राप्त करना है।
2026 में 15 नए युद्धपोत शामिल होंगे।
युद्धपोत की लंबाई 77 मीटर है।

नई दिल्ली, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। शुक्रवार को भारतीय नौसेना में एक नया युद्धपोत ‘अंजदीप’ जोड़ा गया। नौसेना प्रमुख दिनेश के त्रिपाठी ने इसे गर्व का क्षण बताया। यह एक स्वदेशी निर्मित पनडुब्बी रोधी उथले जल का युद्धपोत है।

यह युद्धपोत दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने में सक्षम है। अंजदीप को 'डॉल्फिन हंटर' के रूप में कार्य करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य तटीय क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाना और उनका पीछा करना है। यह पोत अत्याधुनिक पनडुब्बी रोधी हथियारों और सेंसर पैकेज से सुसज्जित है, जिसमें हल माउंटेड सोनार ‘अभय’ भी शामिल है।

इसमें हल्के टॉरपीडो और पनडुब्बी रोधी रॉकेट भी शामिल हैं। इसे शुक्रवार को चेन्नई में नौसेना में शामिल किया गया। इस अवसर पर, नौसेना प्रमुख ने बताया कि वर्ष 2026 में लगभग 15 और पोत शामिल करने की योजना है, जो कि अब तक की सबसे अधिक सम्मिलन दर होगी। वहीं, वर्ष 2035 तक भारतीय नौसेना का लक्ष्य 200 से अधिक पोतों वाली नौसेना बनाना है।

नौसेना का लक्ष्य 2047 तक पूर्णतः आत्मनिर्भर नौसैनिक शक्ति का निर्माण करना है। अंजदीप अपनी प्राथमिक पनडुब्बी रोधी भूमिका के अलावा, एक फुर्तीला युद्धपोत है। यह तटीय निगरानी, कम तीव्रता वाले समुद्री अभियान और खोज एवं बचाव अभियान चलाने में भी सक्षम है। युद्धपोत की लंबाई 77 मीटर है और इसमें एक उच्च गति वाला वाटर-जेट प्रोपल्शन प्रणाली है, जो इसे त्वरित प्रतिक्रिया और निरंतर संचालन के लिए 25 समुद्री मील की अधिकतम गति प्राप्त करने में सक्षम बनाती है।

नौसेना प्रमुख ने कहा, "जब हम आज ऐतिहासिक कोरोमंडल तट पर स्थित चेन्नई में एकत्र हुए हैं, तो यह स्मरण करना उपयुक्त है कि एक सहस्राब्दी पूर्व महान चोल शासकों ने इन्हीं तटों से बंगाल की खाड़ी पार कर दूरस्थ देशों की ओर प्रस्थान किया था।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत सदैव एक समुद्री सभ्यता रहा है। आज हमारी सुरक्षा और समृद्धि समुद्रों से जुड़ी हुई है।”

अंजदीप आज भारतीय नौसेना में अपने पूर्ववर्ती का उपयुक्त उत्तराधिकारी बनकर शामिल हो रहा है। उसके पूर्ववर्ती, पेट्या श्रेणी के अंतिम युद्धपोत ने वर्ष 1972 से 2003 तक लगभग तीन दशकों तक राष्ट्र की विशिष्ट सेवा की थी।

गौरतलब है कि नौसेना प्रमुख वर्ष 1986-87 में इस पोत पर सब लेफ्टिनेंट के रूप में सेवारत थे। नौसेना प्रमुख ने बताया कि युद्धपोत अंजदीप का नाम उस द्वीप के नाम पर रखा गया है, जिसने दिसंबर 1961 में भारतीय नौसेना की निर्णायक कार्रवाई का साक्षी बनकर गोवा की मुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया था। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष लगभग 1,20,000 जहाज हिंद महासागर क्षेत्र से होकर गुजरते हैं।

उन्होंने कहा कि समुद्र में छोटे व्यवधान भी असंगत रूप से बड़े रणनीतिक परिणाम उत्पन्न कर सकते हैं। लाल सागर संकट ने दिखाया कि एक ही संकरे समुद्री मार्ग पर व्यवधान से महाद्वीपों तक प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे जटिल और संवेदनशील सुरक्षा परिवेश में भारतीय नौसेना हमारे समुद्री व्यापार और ऊर्जा प्रवाह की निरंतरता सुनिश्चित करने में सक्रिय रही है।

उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2023 से लाल सागर में हमारी तैनाती ने लगभग 400 व्यापारी जहाजों के सुरक्षित पारगमन को संभव बनाया है। ये भारत के लिए लगभग 16.5 मिलियन मीट्रिक टन तेल और अन्य माल लेकर आए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो भविष्य में देश की समुद्री शक्ति को और मजबूत करेगा।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

‘अंजदीप’ युद्धपोत की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?
यह युद्धपोत पनडुब्बी रोधी हथियारों और सेंसर से लैस है, जिसमें हल माउंटेड सोनार ‘अभय’ शामिल है।
‘अंजदीप’ का नाम किस पर रखा गया है?
इसका नाम उस द्वीप के नाम पर रखा गया है, जिसने गोवा की मुक्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
भारतीय नौसेना का भविष्य क्या है?
नौसेना का लक्ष्य 2047 तक पूर्णतः आत्मनिर्भर नौसैनिक शक्ति का निर्माण करना है।
‘अंजदीप’ की लंबाई कितनी है?
युद्धपोत की लंबाई 77 मीटर है।
भारतीय नौसेना में कितने और पोत शामिल होने वाले हैं?
2026 तक लगभग 15 और पोत शामिल करने की योजना है।
राष्ट्र प्रेस
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