आंध्र प्रदेश का ₹1.27 लाख करोड़ स्व-राजस्व लक्ष्य, चंद्रबाबू नायडू ने विभागों को दिए सख्त निर्देश

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आंध्र प्रदेश का ₹1.27 लाख करोड़ स्व-राजस्व लक्ष्य, चंद्रबाबू नायडू ने विभागों को दिए सख्त निर्देश

सारांश

आंध्र प्रदेश ने 2026-27 के लिए ₹1,27,506 करोड़ का स्व-राजस्व लक्ष्य रखा है — पिछले साल से करीब 15% अधिक। CM नायडू ने AI-आधारित GST जाँच, भूमि विवाद समाधान और जिलों को 'विकास केंद्र' बनाने पर जोर दिया। पहले 42 दिनों में 38% वृद्धि उत्साहजनक संकेत है।

मुख्य बातें

आंध्र प्रदेश ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹1,27,506 करोड़ का स्व-राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया।
स्व-राजस्व 2024-25 के ₹1,04,345 करोड़ से बढ़कर 2025-26 में ₹1,10,643 करोड़ हुआ — 6% की वृद्धि।
GST से ₹33,679 करोड़ , स्टाम्प-पंजीकरण से ₹11,047 करोड़ , खान विभाग से ₹10,300 करोड़ का योगदान।
चालू वित्त वर्ष के पहले 42 दिनों में 38% राजस्व वृद्धि दर्ज।
CM चंद्रबाबू नायडू ने AI-आधारित GST जाँच प्रणाली और धारा 22ए के भूमि विवाद समाधान पर बल दिया।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 14 मई 2026 को अमरावती स्थित सचिवालय में राजस्व विभागों की समीक्षा बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹1,27,506 करोड़ का महत्वाकांक्षी स्व-राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने सभी राजस्व अर्जित करने वाले विभागों को निर्देश दिया कि वे पूरी क्षमता से कार्य करें और राजस्व रिसाव को हर हाल में रोकें।

राजस्व वृद्धि का ताज़ा आँकड़ा

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य का स्व-राजस्व 2024-25 में ₹1,04,345 करोड़ से बढ़कर 2025-26 में ₹1,10,643 करोड़ हो गया — यह 6 प्रतिशत की वृद्धि है। इससे भी उत्साहजनक यह है कि चालू वित्त वर्ष के पहले 42 दिनों में ही राज्य ने लगभग 38 प्रतिशत राजस्व वृद्धि दर्ज की है।

प्रमुख स्रोतों में वस्तु एवं सेवा कर (GST) से ₹33,679 करोड़, स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग से ₹11,047 करोड़ और खान विभाग से ₹10,300 करोड़ का योगदान रहा।

मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, नायडू ने वाणिज्यिक कर, उत्पाद शुल्क, खान, परिवहन और पंजीकरण सहित सभी विभागों को राजस्व रिसाव बंद करने और लंबित केंद्रीय निधियों को सक्रियता से प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ते निवेश के साथ कर राजस्व में आनुपातिक वृद्धि होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने भूमि विवादों — विशेष रूप से धारा 22ए से संबंधित संपत्तियों — के समाधान पर बल दिया, जिससे पंजीकरण राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की संभावना है।

प्रौद्योगिकी और AI का उपयोग

नायडू ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित GST जाँच प्रणाली लागू करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभागों को ऐसी तकनीक अपनानी चाहिए जो करदाताओं को परेशान किए बिना कर रिसाव की पहचान कर सके और अनुपालन में सुधार ला सके। नवोन्मेषी प्रणालियाँ अपनाने और कामकाज की गति बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।

जिले बनेंगे 'विकास केंद्र'

मुख्यमंत्री ने जिलों को 'विकास केंद्र' बताते हुए कहा कि जिला स्तर पर आर्थिक विस्तार से राज्यव्यापी राजस्व लक्ष्यों को तेजी से हासिल करने में मदद मिलेगी। उनके अनुसार, आंध्र प्रदेश को बढ़ते निवेश को उच्च कर राजस्व और सतत आर्थिक विकास में परिवर्तित करना होगा।

आगे की राह

₹1,27,506 करोड़ का यह लक्ष्य पिछले वर्ष की तुलना में करीब 15 प्रतिशत की छलाँग है, जो राज्य के लिए एक कड़ी परीक्षा होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि AI-आधारित कर अनुपालन और भूमि विवादों के समाधान से राजस्व में वास्तविक सुधार आ सकता है, बशर्ते क्रियान्वयन समयबद्ध हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

27,506 करोड़ का यह लक्ष्य महत्वाकांक्षी ज़रूर है, लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — खासकर तब जब पिछले वर्ष केवल 6% की वृद्धि हुई और अब एक साल में 15% की छलाँग लगाने का इरादा है। AI-आधारित GST जाँच और भूमि विवाद समाधान की बात नई नहीं है; कई राज्य इन्हें वर्षों से दोहराते आए हैं। जब तक विभागीय जवाबदेही और स्वतंत्र ऑडिट का ढाँचा नहीं बनता, ये घोषणाएँ बैठक-कक्ष से बाहर निकलने में संघर्ष करती हैं।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश का 2026-27 का स्व-राजस्व लक्ष्य क्या है?
आंध्र प्रदेश ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹1,27,506 करोड़ का स्व-राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया है। यह 2025-26 के ₹1,10,643 करोड़ की तुलना में करीब 15% अधिक है।
आंध्र प्रदेश के राजस्व के प्रमुख स्रोत कौन से हैं?
2025-26 में GST से ₹33,679 करोड़, स्टाम्प एवं पंजीकरण से ₹11,047 करोड़ और खान विभाग से ₹10,300 करोड़ का योगदान रहा। ये तीनों मिलकर राज्य के कुल स्व-राजस्व का एक बड़ा हिस्सा बनाते हैं।
CM चंद्रबाबू नायडू ने राजस्व बढ़ाने के लिए क्या निर्देश दिए?
नायडू ने AI-आधारित GST जाँच प्रणाली लागू करने, धारा 22ए से जुड़े भूमि विवादों को सुलझाने और सभी राजस्व विभागों को पूरी क्षमता से चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने करदाताओं को परेशान किए बिना कर रिसाव रोकने पर विशेष जोर दिया।
चालू वित्त वर्ष में आंध्र प्रदेश की राजस्व वृद्धि कैसी रही है?
चालू वित्त वर्ष के पहले 42 दिनों में आंध्र प्रदेश ने लगभग 38 प्रतिशत राजस्व वृद्धि दर्ज की है। यह आँकड़ा राज्य सरकार के लिए उत्साहजनक संकेत माना जा रहा है।
आंध्र प्रदेश में 'विकास केंद्र' की अवधारणा क्या है?
CM नायडू ने जिलों को 'विकास केंद्र' बताते हुए कहा कि जिला स्तर पर आर्थिक विस्तार से राज्यव्यापी राजस्व लक्ष्यों को तेजी से हासिल किया जा सकता है। इसके तहत स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर कर आधार को व्यापक बनाने की योजना है।
राष्ट्र प्रेस
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