आंध्र प्रदेश: 15 प्रतिशत विकास दर की दिशा में ठोस कदम उठाने का सीएम चंद्रबाबू नायडू का आदेश
सारांश
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अमरावती, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को अधिकारियों को राज्य में 15 प्रतिशत विकास दर प्राप्त करने के लिए ठोस प्रयास करने का आदेश दिया।
उन्होंने अधिकारियों से राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सूक्ष्म और व्यापक स्तर की योजना तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर उत्पादकता के लिए अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं की आवश्यकता को रेखांकित किया।
वित्त विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 प्रतिशत विकास दर के लक्ष्य को पाने के लिए जमीनी स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बहुत जरूरी है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं को गांव स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
सीएम ने कहा कि राज्य पहले से ही कृषि और उद्योग क्षेत्रों को पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं मुहैया करा रहा है, लेकिन उत्पादकता को बढ़ाने के लिए और अधिक केंद्रित प्रयासों की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय दबाव के बावजूद सरकार ने बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं की है और पूर्व की सरकार के निर्णयों के कारण ₹4,600 करोड़ का अतिरिक्त बोझ भी वहन कर रही है।
मुख्यमंत्री ने राजस्व बढ़ाने वाले विभागों को निर्देश दिया कि वे बिना जनता पर अतिरिक्त बोझ डाले अपने लक्ष्यों को प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि अमरावती और पोलावरम जैसी प्रमुख परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य में संपत्ति सृजन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने आश्वस्त किया कि प्राथमिकता वाली परियोजनाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं है और केंद्र सरकार के सहयोग से इन परियोजनाओं को तेजी से पूरा कर विकास को गति दी जाएगी। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से 'पूर्वोदय' और 'एसएएससीआई' जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं का बेहतर उपयोग करके विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि कल्याणकारी योजनाएं वेलफेयर कैलेंडर के अनुसार लागू की जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के तहत राज्य को मिलने वाले फंड को सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा।
पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने अन्ना कैंटीन बंद करने के फैसले की आलोचना की और कहा कि वर्तमान सरकार चुनौतियों के बावजूद राज्यभर में 269 अन्ना कैंटीनों के जरिए गरीबों को भोजन उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने निवेश को आकर्षित करने और राजस्व बढ़ाने के लिए सरकारी विभागों में कार्यकुशलता बढ़ाने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
इस समीक्षा बैठक में वित्त मंत्री पय्यावुला केशव, मुख्य सचिव जी साई प्रसाद, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव पीयूष कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।