29 अक्टूबर 2026
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कोलकाता होटल शिखा इन अग्निकांड: फरार मुख्य आरोपी सबा जफर हावड़ा के शिबपुर से गिरफ्तार

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कोलकाता होटल शिखा इन अग्निकांड: फरार मुख्य आरोपी सबा जफर हावड़ा के शिबपुर से गिरफ्तार

सारांश

कोलकाता के होटल शिखा इन अग्निकांड में नौ लोगों की जान गई थी — दो महीने बाद पुलिस ने फरार मुख्य आरोपी सबा जफर को हावड़ा के शिबपुर से दबोचा। उत्तर प्रदेश भागकर और ठिकाने बदलकर बच रहीं सबा की इस गिरफ्तारी से मामले में तीनों मुख्य आरोपी अब पुलिस हिरासत में हैं।

मुख्य बातें

कोलकाता पुलिस ने 28 अक्टूबर 2026 को होटल शिखा इन अग्निकांड की फरार आरोपी सबा जफर को हावड़ा जिले के शिबपुर से गिरफ्तार किया।
18-19 अगस्त 2026 की दरमियानी रात हुए इस अग्निकांड में एक बच्चे सहित नौ लोगों की मौत हुई थी, अधिकांश की दम घुटने से।
सबा जफर और उनके पति अबू जफर ने होटल मूल मालिक बीरेश्वर मोइत्रा से ₹40,000 प्रति माह किराए पर लिया था।
घटना के बाद सबा पहले उत्तर प्रदेश भागी थीं और लगातार ठिकाना बदल रही थीं।
मृतकों में अधिकांश बांग्लादेशी नागरिक थे जो चिकित्सा उपचार के लिए कोलकाता आए थे।

कोलकाता पुलिस ने 28 अक्टूबर 2026 को मध्य कोलकाता के मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित होटल शिखा इन अग्निकांड की मुख्य फरार आरोपी सबा जफर को गिरफ्तार कर लिया। इस भीषण अग्निकांड में 18-19 अगस्त 2026 की दरमियानी रात एक बच्चे सहित नौ लोगों की दम घुटने से मौत हो गई थी। घटना के दो महीने से अधिक समय बाद हुई यह गिरफ्तारी इस मामले में पुलिस की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है।

कैसे हुई गिरफ्तारी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर जाँच अधिकारियों को पता चला कि सबा जफर हाल ही में पड़ोसी हावड़ा जिले के शिबपुर में एक गुप्त ठिकाने पर छिपी हुई हैं। इसके बाद पुलिस दल ने उस स्थान पर छापामारी करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

जाँच में सामने आया कि घटना के तुरंत बाद सबा उत्तर प्रदेश भाग गई थीं और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदलती रहीं। करीब दो माह की पुलिस तफ्तीश के बाद अंततः उन्हें दबोचा जा सका।

होटल और आरोपियों का संबंध

शहर पुलिस के सूत्रों ने बताया कि सबा जफर और उनके पति अबू जफर ने होटल शिखा इन को उसके मूल मालिक बीरेश्वर मोइत्रा से ₹40,000 प्रति माह के किराए पर लिया था। अग्निकांड के तुरंत बाद अबू जफर और मोइत्रा दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि सबा उस समय पुलिस की पकड़ से बच निकली थीं।

मोइत्रा को घटना के बाद शुरुआत में भागने में सफलता मिली थी, लेकिन कुछ ही समय बाद उन्हें कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके बेहाला स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया था।

अग्निकांड का घटनाक्रम

होटल शिखा इन और कई अन्य लॉज वाली इमारत की तीसरी मंजिल पर आग भड़की थी। देखते ही देखते होटल के कमरे घने धुएं से भर गए, जिससे नौ पीड़ितों में से अधिकांश की दम घुटने से मौत हो गई। मृतकों में ज्यादातर बांग्लादेशी नागरिक थे, जो चिकित्सा उपचार के लिए कोलकाता आए हुए थे।

यह ऐसे समय में आया है जब कोलकाता में पुरानी इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर सवाल लंबे समय से उठते रहे हैं। गौरतलब है कि मध्य कोलकाता के कई बजट होटलों में अग्निशमन यंत्रों और आपातकालीन निकास की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होती।

आगे की कार्रवाई

तीनों मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस मामले की विस्तृत जाँच आगे बढ़ाएगी। सबा जफर को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार, होटल संचालन में हुई लापरवाही और अग्नि सुरक्षा उल्लंघनों की जाँच भी जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह मामला एक बड़े सवाल की ओर भी इशारा करता है — कोलकाता के बजट होटलों में अग्नि सुरक्षा मानकों की व्यापक अनदेखी। नौ जानें जाने के बाद भी यदि जवाबदेही केवल तीन आरोपियों तक सीमित रही, तो नियामक विफलता पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। मृतकों में बांग्लादेशी मरीजों का होना इस त्रासदी को एक अंतरराष्ट्रीय आयाम भी देता है, जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता होटल शिखा इन अग्निकांड में क्या हुआ था?
18-19 अगस्त 2026 की दरमियानी रात मध्य कोलकाता के मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित होटल शिखा इन की तीसरी मंजिल पर भीषण आग लग गई थी। धुएं से भरे कमरों में एक बच्चे सहित नौ लोगों की दम घुटने से मौत हो गई, जिनमें अधिकांश बांग्लादेशी नागरिक थे।
सबा जफर को कहाँ से और कैसे गिरफ्तार किया गया?
मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि सबा जफर हावड़ा जिले के शिबपुर में एक गुप्त ठिकाने पर छिपी हैं। अधिकारियों ने वहाँ छापा मारकर उन्हें 28 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया।
इस मामले में अन्य कौन-कौन से आरोपी हैं?
होटल के मूल मालिक बीरेश्वर मोइत्रा और सबा के पति अबू जफर को घटना के तुरंत बाद गिरफ्तार किया गया था। मोइत्रा को बेहाला स्थित उनके आवास से और अबू जफर को घटनास्थल के पास से हिरासत में लिया गया था।
होटल शिखा इन में किराया व्यवस्था क्या थी?
पूछताछ में सामने आया कि बीरेश्वर मोइत्रा ने होटल अबू जफर और सबा जफर को ₹40,000 प्रति माह के किराए पर दिया था। जाँच के अनुसार अग्निकांड के समय ये दंपति ही होटल का संचालन कर रहे थे।
अग्निकांड में मारे गए लोग कौन थे?
मृतकों में अधिकांश बांग्लादेशी नागरिक थे जो चिकित्सा उपचार के लिए कोलकाता आए हुए थे। कुल नौ लोगों की मौत हुई, जिनमें एक बच्चा भी शामिल था।
राष्ट्र प्रेस
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