कोलकाता होटल अग्निकांड: 'शिखा इन' का लीजहोल्डर अबू जफर गिरफ्तार, 9 की मौत के बाद SIT सक्रिय
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित एक पाँच मंजिला इमारत में लगी भीषण आग — जिसमें 9 लोगों की जान चली गई — की जाँच कर रही कोलकाता पुलिस की विशेष जाँच टीम (SIT) ने 20 अगस्त 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए होटल 'शिखा इन' के लीजहोल्डर अबू जफर को गिरफ्तार किया। उत्तरी कोलकाता के जोरासांको इलाके में उसके आवास से पकड़े गए जफर को उसी दिन कोर्ट में पेश कर पुलिस हिरासत की माँग की गई।
मुख्य घटनाक्रम
आग की शुरुआत इमारत की तीसरी मंजिल पर स्थित 1,100 वर्ग फीट के होटल 'शिखा इन' से हुई थी, जो मंगलवार देर रात लगी। इस इमारत की हर मंजिल पर अलग-अलग होटल और गेस्ट हाउस संचालित होते थे। अबू जफर ने यह होटल उसके असली मालिक बिरेश्वर मित्रा से लीज पर लिया था। होटल पर पहले से कई अनियमितताओं के आरोप लगे हुए थे।
SIT ने जफर की गिरफ्तारी के अलावा पूछताछ के लिए दो अन्य व्यक्तियों को भी हिरासत में लिया है, हालाँकि पुलिस ने अभी तक उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की है। होटल का असली मालिक बिरेश्वर मित्रा अभी भी फरार बताया जा रहा है।
अग्नि सुरक्षा उल्लंघन और नोटिस
राज्य के फायर सर्विस विभाग ने मिर्जा गालिब स्ट्रीट पर मौजूद नौ अन्य होटलों और चार रेस्टोरेंट को अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन न करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन प्रतिष्ठानों को 24 घंटे के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है। विभाग ने इस मामले में एक अलग शिकायत भी दर्ज कराई है।
सरकार की प्रतिक्रिया
इस दर्दनाक हादसे के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने मिर्जा गालिब स्ट्रीट क्षेत्र के सभी होटलों, लॉज और गेस्ट हाउसों का विस्तृत विशेष ऑडिट कराने की घोषणा की है। न्यू मार्केट पुलिस स्टेशन ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है। यह कदम उस व्यापक चिंता को दर्शाता है जो इस हादसे ने शहर के व्यावसायिक इलाकों में बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा को लेकर पैदा की है।
आगे क्या होगा
फरार मालिक बिरेश्वर मित्रा की तलाश जारी है और SIT उनकी गिरफ्तारी को प्राथमिकता मान रही है। 24 घंटे के भीतर कारण बताओ नोटिस का जवाब न देने वाले होटलों और रेस्टोरेंट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना है। विशेष ऑडिट के नतीजे आने के बाद मिर्जा गालिब स्ट्रीट के अन्य प्रतिष्ठानों पर भी शिकंजा कसा जा सकता है।