कोलकाता होटल अग्निकांड: 9 की मौत, सीएम सुवेंदु ने पिछली सरकार पर लगाया फायर सेफ्टी अनदेखी का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता की मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित एक होटल में मंगलवार-बुधवार की देर रात करीब 2 बजे लगी भीषण आग में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। हादसे के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस त्रासदी के लिए पिछली सरकार की लापरवाही और फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी को जिम्मेदार ठहराया है। बचाव एवं राहत कार्य जारी हैं और घटना की जांच के लिए 5 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का तत्काल गठन कर दिया गया है।
हादसे का विवरण
कोलकाता के व्यस्त इलाके मिर्जा गालिब स्ट्रीट पर स्थित इस होटल में आग 19 अगस्त की देर रात भड़की। आग इतनी तेज़ी से फैली कि कई लोग बाहर निकलने का मौका नहीं पा सके। अब तक कम से कम 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य घायल हैं। दमकल विभाग और बचाव दल मौके पर पहुँचकर राहत कार्य में जुटे रहे।
सीएम सुवेंदु की प्रतिक्रिया और आरोप
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, 'मिर्जा गालिब स्ट्रीट के होटल में हुई दुखद आग की घटना से मैं स्तब्ध और व्यथित हूँ।' उन्होंने यह भी कहा कि यह त्रासदी पिछली सरकार की लापरवाही की विरासत की याद दिलाती है।
अधिकारी ने आरोप लगाया कि सालों तक शहर और राज्य का इंफ्रास्ट्रक्चर बिना किसी रोक-टोक के बढ़ने दिया गया। होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को इमारतें बनाने और चलाने की अनुमति दी गई, जबकि जरूरी फायर सेफ्टी नियमों को पूरी तरह नज़रअंदाज़ किया गया। उन्होंने कहा, 'पिछली सरकार ने जानबूझकर दूसरी तरफ देखा। बुनियादी अनुपालन ऑडिट लागू नहीं किए और इन असुरक्षित स्थितियों को पनपने दिया।'
SIT गठन और प्रशासनिक कदम
मुख्यमंत्री ने घटना की पूरी जांच के लिए तत्काल 5 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) के गठन का आदेश दिया। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। अधिकारी ने कहा, 'हम सच्चाई सामने लाने और न्याय दिलाने के लिए दृढ़ हैं।'
पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना
सीएम सुवेंदु अधिकारी ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, 'मेरा दिल उन परिवारों के साथ है जिन्होंने इस दिल तोड़ देने वाली त्रासदी में अपने प्रियजनों को खो दिया है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी प्राथमिकता बचाव, राहत और घटना की जड़ तक पहुँचना है।
आगे क्या होगा
गठित SIT जांच करेगी कि आग कैसे लगी, फायर सेफ्टी मानकों का उल्लंघन किस स्तर पर हुआ और किसकी जिम्मेदारी तय होती है। सुवेंदु अधिकारी ने संकेत दिया कि अब राज्य भर में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी। यह हादसा ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार पुरानी व्यवस्था की खामियों को उजागर करने में सक्रिय है।