कोलकाता के शिखा इन होटल में आग से 9 की मौत, 80 बचाए गए; BJP ने फायर सेफ्टी पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के मिर्जा गालिब स्ट्रीट, वार्ड नंबर 52 स्थित शिखा इन होटल में 19 अगस्त 2026 को भीषण आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। राहत एवं बचाव दल ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए करीब 80 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा और प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया।
मुख्य घटनाक्रम
आग की लपटें होटल की कई मंजिलों तक फैल गईं, जिससे वहाँ ठहरे मेहमानों को बाहर निकलने में भारी कठिनाई हुई। बचाव दल ने मौके पर पहुँचकर फँसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला। घायलों को नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आग लगने के सटीक कारण की जाँच की जा रही है।
BJP की प्रतिक्रिया और सुरक्षा पर सवाल
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता भोला सोनकर ने घटना के बाद होटल और आसपास के भवनों में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मिर्जा गालिब स्ट्रीट के इस इलाके में एक ही इमारत की कई मंजिलों पर अलग-अलग गेस्ट हाउस संचालित हो रहे हैं, जहाँ पर्याप्त फायर फाइटिंग और फायर सेफ्टी की व्यवस्था नहीं है।
सोनकर ने दावा किया कि इन प्रतिष्ठानों में बांग्लादेश से इलाज और स्वास्थ्य संबंधी ज़रूरतों के लिए आने वाले लोग बड़ी संख्या में ठहरते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई जगहों पर रहने वाले लोगों के दस्तावेज़ों और सुरक्षा इंतज़ामों को लेकर भी सवाल उठते हैं।
मंत्री स्तर पर संज्ञान
मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने घटना को गंभीरता से लेते हुए ऐसे होटलों और गेस्ट हाउसों को चिन्हित करने तथा उनके विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया, जहाँ आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन प्रतिष्ठानों की जाँच होनी चाहिए और फायर सेफ्टी समेत सभी ज़रूरी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पिछली सरकारों पर आरोप
BJP नेता सोनकर ने पिछले कई दशकों में ऐसी जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग समय में सत्ता में रही सरकारों ने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी, जबकि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च होनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी जाति या धर्म के व्यक्ति की जान जाना बेहद दुखद है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना प्राथमिकता होनी चाहिए।
जाँच और आगे की कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, घटना की विस्तृत जाँच की जाएगी ताकि आग लगने के कारण और सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक का पता लगाया जा सके। जाँच के आधार पर जिम्मेदारी तय करने के साथ-साथ भविष्य में इस तरह की त्रासदियों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने की बात कही गई है। कई नेताओं ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायज़ा लिया।