30 अक्टूबर 2026
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PM मोदी ने एकता नगर में 'भारत पर्व 2026' का उद्घाटन किया, 15 नवंबर तक चलेगा सांस्कृतिक महोत्सव

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PM मोदी ने एकता नगर में 'भारत पर्व 2026' का उद्घाटन किया, 15 नवंबर तक चलेगा सांस्कृतिक महोत्सव

सारांश

सरदार पटेल की 151वीं जयंती की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री मोदी ने एकता नगर में 'भारत पर्व 2026' का उद्घाटन किया — 1.5 करोड़ एलईडी लाइटें, 530 मीटर लंबा थीम मार्ग, 5,000 कलाकार और ₹426.71 करोड़ की 31 परियोजनाएँ एकता नगर को देश के प्रमुख सांस्कृतिक-पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की कोशिश हैं।

मुख्य बातें

PM मोदी ने 30 अक्टूबर 2026 को एकता नगर, गुजरात में 'भारत पर्व 2026' का उद्घाटन किया; महोत्सव 15 नवंबर 2026 तक चलेगा।
1.5 करोड़ से अधिक एलईडी लाइटों से सजी 530 मीटर लंबी थीम रोड और 180 मीटर लंबी ग्लो टनल प्रमुख आकर्षण हैं।
शूलपाणेश्वर नर्मदा घाट का ₹15.10 करोड़ में पुनर्विकास; क्षमता 4,000 से बढ़ाकर 6,000 की गई।
31 अक्टूबर को सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर ₹426.71 करोड़ की 31 परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास होगा।
NSD की 'नक्सल मुक्त भारत' नाट्य प्रस्तुति में 126 जिलों के 2,000 कलाकार ; सांस्कृतिक कार्यक्रम में 5,000 कलाकार भाग लेंगे।
थीम 'वंदे मातरम्' ; एकता परेड में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, राज्य पुलिस और केंद्रीय पुलिस संगठन शामिल।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के नर्मदा जिले स्थित एकता नगर में 'भारत पर्व 2026' का उद्घाटन किया — एक भव्य सांस्कृतिक महोत्सव जो देश की लोककलाओं, क्षेत्रीय व्यंजनों, हस्तशिल्प और पर्यटन विविधता को एक मंच पर प्रस्तुत करता है। राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के अंतर्गत आयोजित यह महोत्सव 15 नवंबर 2026 तक चलेगा।

महोत्सव की पृष्ठभूमि और उद्देश्य

'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की परिकल्पना पर आधारित भारत पर्व सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपनी सांस्कृतिक पहचान तथा पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय मंच पर रखने का अवसर देता है। यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब सरकार स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर को एक वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर ज़ोर दे रही है। उम्मीद है कि इस महोत्सव से एकता नगर और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन को ठोस बढ़ावा मिलेगा।

प्रमुख आकर्षण और तकनीकी विशेषताएँ

महोत्सव के मुख्य आकर्षणों में वैली ऑफ फ्लावर्स रोड पर 530 मीटर लंबा रोशनी से सजा मार्ग शामिल है, जिसकी थीम 'प्राचीन भारत से आधुनिक भारत तक' रखी गई है। इसके साथ ही 180 मीटर लंबी ग्लो टनल भी तैयार की गई है, जिसमें देश के चारों क्षेत्रों की संस्कृति, वास्तुकला, लोकनृत्य और जीवनशैली को दर्शाया गया है। इन संरचनाओं को रोशन करने के लिए 1.5 करोड़ से अधिक एलईडी लाइटें लगाई गई हैं और देशभर के कलाकारों ने विशेष कलाकृतियाँ तैयार की हैं।

प्रधानमंत्री मोदी रात करीब 8:15 बजे IST उन्नत सुविधाओं से सुसज्जित शूलपाणेश्वर नर्मदा घाट पर नर्मदा आरती में भी शामिल होंगे। इसके अलावा वह 'एकता प्रकाश पर्व' का भी अवलोकन करेंगे — एक रोशनी का उत्सव जो भारत की एकता, विविधता, सांस्कृतिक विरासत और प्रगति को समर्पित है।

नर्मदा घाट का पुनर्विकास

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी एरिया डेवलपमेंट एंड टूरिज्म गवर्नेंस अथॉरिटी ने ₹15.10 करोड़ की लागत से शूलपाणेश्वर नर्मदा घाट का विकास किया है। यहाँ श्रद्धालुओं और पर्यटकों की क्षमता 4,000 से बढ़ाकर 6,000 कर दी गई है, और करीब 2,000 लोगों के बैठने की व्यवस्था भी की गई है। विकास कार्यों में 190 मीटर लंबी हर मौसम में उपयोगी संपर्क सड़क, एम्फीथिएटर शैली में बैठने का इंतज़ाम, लाल बलुआ पत्थर की सजावट, भित्तिचित्र और मूर्तियाँ शामिल हैं।

₹426.71 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

31 अक्टूबर 2026 को देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वह ₹426.71 करोड़ की कुल लागत वाली 31 पर्यटन और बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे। इनमें ₹307.83 करोड़ की 23 परियोजनाओं का लोकार्पण और ₹118.88 करोड़ की 8 परियोजनाओं की आधारशिला रखना शामिल है।

नई पर्यटन सुविधाओं में ₹50 करोड़ की लागत से निर्मित IRCTC होटल, ₹16 करोड़ की एकता क्रूज, ₹14.30 करोड़ की रेन फॉरेस्ट परियोजना और ₹3.67 करोड़ की इको ट्रेल शामिल हैं। आधारशिला रखी जाने वाली परियोजनाओं में गोरा-भनाद्रा सड़क, स्मार्ट ज़ीरो-वेस्ट ठोस कचरा प्रबंधन, खलवानी इको-टूरिज्म और एकीकृत कैक्टस एवं बटरफ्लाई गार्डन प्रमुख हैं।

राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ

शाम करीब 5:30 बजे IST आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों की भागीदारी के साथ एकता परेड होगी। इसमें वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध सुरक्षा बलों के प्रयासों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) की ओर से 'नक्सल मुक्त भारत' विषय पर नाट्य प्रस्तुति दी जाएगी, जिसमें वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित रहे 126 जिलों के करीब 2,000 कलाकार भाग लेंगे। इस बार की झाँकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की थीम 'वंदे मातरम्' रखी गई है, और देशभर के करीब 5,000 कलाकार इस भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। गौरतलब है कि एकता नगर में इस पैमाने का सांस्कृतिक-पर्यटन सम्मिलन पहली बार हो रहा है, जो स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर को एक स्थायी सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचक यह सवाल उठा सकते हैं कि 15 दिन के इस आयोजन का स्थानीय रोज़गार और आदिवासी समुदायों पर दीर्घकालिक असर कितना होगा। 'नक्सल मुक्त भारत' नाट्य प्रस्तुति एक नीतिगत संदेश भी है — वामपंथी उग्रवाद को सांस्कृतिक आख्यान से घेरने की रणनीति। असली कसौटी यह होगी कि महोत्सव के बाद स्थानीय पर्यटन आर्थिकी में किस हद तक टिकाऊ बदलाव आता है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'भारत पर्व 2026' क्या है और यह कहाँ आयोजित हो रहा है?
'भारत पर्व 2026' एक राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव है जिसका उद्घाटन PM मोदी ने 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के एकता नगर में किया। यह महोत्सव देश की लोककलाओं, हस्तशिल्प, क्षेत्रीय व्यंजनों और पर्यटन विविधता को एक मंच पर प्रस्तुत करता है और 15 नवंबर 2026 तक चलेगा।
भारत पर्व 2026 के प्रमुख आकर्षण कौन-से हैं?
महोत्सव में 530 मीटर लंबा 'प्राचीन भारत से आधुनिक भारत तक' थीम पर रोशनी से सजा मार्ग और 180 मीटर लंबी ग्लो टनल प्रमुख आकर्षण हैं। इन्हें 1.5 करोड़ से अधिक एलईडी लाइटों से सजाया गया है।
31 अक्टूबर को एकता नगर में क्या-क्या कार्यक्रम होंगे?
31 अक्टूबर को सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर PM मोदी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और ₹426.71 करोड़ की 31 पर्यटन व बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे। इनमें IRCTC होटल, एकता क्रूज और रेन फॉरेस्ट जैसी परियोजनाएँ शामिल हैं।
शूलपाणेश्वर नर्मदा घाट का पुनर्विकास कितने खर्च में हुआ?
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी एरिया डेवलपमेंट एंड टूरिज्म गवर्नेंस अथॉरिटी ने ₹15.10 करोड़ की लागत से शूलपाणेश्वर नर्मदा घाट का विकास किया है। यहाँ आगंतुकों की क्षमता 4,000 से बढ़ाकर 6,000 की गई है और करीब 2,000 लोगों के बैठने की व्यवस्था है।
राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में 'नक्सल मुक्त भारत' नाट्य प्रस्तुति क्यों खास है?
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) द्वारा 'नक्सल मुक्त भारत' विषय पर यह प्रस्तुति वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित रहे 126 जिलों के करीब 2,000 कलाकारों की भागीदारी से होगी। यह उन क्षेत्रों की सांस्कृतिक वापसी का प्रतीक है जो दशकों तक हिंसा की चपेट में रहे।
राष्ट्र प्रेस
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