गोवा पर्यटन सीजन 2026: DGP की अध्यक्षता में होटल-क्लब मालिकों को CCTV और अग्नि सुरक्षा के सख्त निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
गोवा पुलिस ने 30 अक्टूबर 2026 को आगामी पर्यटन सीजन की तैयारियों के तहत पणजी में तटीय इलाकों के होटल, रेस्तरां और क्लब मालिकों सहित हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के प्रमुख हितधारकों के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की। इस बैठक की अध्यक्षता गोवा के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने स्वयं की, जो इसकी प्राथमिकता और गंभीरता को दर्शाता है।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार, बैठक में पुलिस महानिरीक्षक (IGP), पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG), उत्तर गोवा के पुलिस अधीक्षक (SP), यातायात पुलिस अधीक्षक, एसडीपीओ, तटीय पुलिस थानों के निरीक्षक और यातायात पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त पर्यटन विभाग के अधिकारी और गोवा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य भी इस बैठक का हिस्सा बने।
बैठक का मुख्य उद्देश्य
इस बैठक का केंद्रीय लक्ष्य गोवा पुलिस और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के बीच परस्पर समन्वय को सुदृढ़ करना था। सार्वजनिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था का पालन और जिम्मेदार एवं शांतिपूर्ण पर्यटन को प्रोत्साहन देने पर विशेष बल दिया गया। यह ऐसे समय में आया है जब गोवा में हर वर्ष नवंबर से मार्च के बीच लाखों देशी-विदेशी पर्यटक पहुँचते हैं और सुरक्षा-संबंधी घटनाएँ सुर्खियाँ बनती रही हैं।
होटल और क्लब मालिकों को सुरक्षा निर्देश
पुलिस ने सभी होटल और नाइटक्लब मालिकों को अपने परिसरों में सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने, प्रवेश और निकास द्वार हर समय खाली रखने और अग्नि सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। पुलिस ने बाउंसरों सहित समस्त स्टाफ को पर्यटकों और ग्राहकों के साथ विनम्र और पेशेवर व्यवहार के लिए प्रशिक्षित करने की भी ताकीद की।
शोर-शराबा नियंत्रण और कानूनी अनुपालन
हितधारकों को निर्देश दिया गया कि वे ध्वनि प्रदूषण की निर्धारित सीमाओं का पालन करें और किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस के साथ साझा करें। यातायात प्रबंधन के संदर्भ में पुलिस ने कहा कि पर्यटकों की आवाजाही के दौरान स्थानीय पुलिस और यातायात पुलिस का पूर्ण सहयोग किया जाए।
साइबर धोखाधड़ी को लेकर विशेष सतर्कता
बैठक में साइबर सुरक्षा एक अहम मुद्दे के रूप में उभरी। पुलिस ने आगाह किया कि साइबर अपराधी फर्जी वेबसाइटों और भ्रामक लिंक के माध्यम से होटल बुकिंग के नाम पर पर्यटकों से ठगी कर रहे हैं। हितधारकों से अपेक्षा की गई कि वे स्वयं सतर्क रहें और अपने ग्राहकों को भी ऐसी ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति जागरूक करें। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में गोवा से जुड़े साइबर फ्रॉड के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। आने वाले हफ्तों में अनुपालन की जाँच के लिए संभावित निरीक्षण अभियान की भी संभावना जताई जा रही है।