28 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चक्रवात 'अर्नब' का आंध्र तट पर दस्तक, CM नायडू ने रात भर की समीक्षा; कोनासीमा में 6 हज़ार खंभे गिरे

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चक्रवात 'अर्नब' का आंध्र तट पर दस्तक, CM नायडू ने रात भर की समीक्षा; कोनासीमा में 6 हज़ार खंभे गिरे

सारांश

अत्यंत भीषण चक्रवात 'अर्नब' ने आंध्र प्रदेश के तट पर 150 किमी/घंटा की रफ़्तार से दस्तक दी। CM नायडू रात 1:30 बजे तक और फिर सुबह 6:15 बजे से अधिकारियों के साथ मोर्चे पर जमे रहे। कोनासीमा में 6,000 खंभे धराशायी, 8,400 से अधिक बिजली कर्मचारी बहाली में जुटे।

मुख्य बातें

चक्रवात 'अर्नब' ने 28 अक्टूबर 2026 की तड़के आंध्र प्रदेश और यनम के तटों पर दस्तक दी; हवा की गति 125-135 किमी/घंटा , झोंकों में 150 किमी/घंटा तक।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू रात 1:30 बजे तक और फिर सुबह 6:15 बजे पुनः टेलीकॉन्फ्रेंस कर अधिकारियों से अपडेट लेते रहे।
कोनासीमा जिले में लगभग 6,000 बिजली के खंभे गिरे; एहतियातन प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बंद।
2,199 आश्रय स्थल चिह्नित; 2,360 गर्भवती महिलाओं को चिकित्सा केंद्रों में पहुँचाया गया।
NDRF की 12 और SDRF की 10 टीमें तैनात; बिजली बहाली के लिए 8,400+ कर्मचारी सक्रिय।
IMD ने अगले दो दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी रखी है।

अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 की तड़के आंध्र प्रदेश और यनम के तटों पर दस्तक दी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, तट से टकराने के दौरान हवा की अधिकतम गति 125-135 किमी प्रति घंटा रही और झोंकों की गति 150 किमी प्रति घंटा तक पहुँची। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने रात भर अधिकारियों के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस कर स्थिति की निगरानी की।

रात भर चली समीक्षा बैठकें

मुख्यमंत्री नायडू मंगलवार की रात से ही सतर्क थे। वे रात 1:30 बजे तक चक्रवात-प्रभावित जिलों के कलेक्टर्स, रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (RTGS) के अधिकारियों और फील्ड कर्मचारियों के साथ स्थिति की समीक्षा करते रहे। इसके बाद भी वे समय-समय पर अपडेट लेते और निर्देश देते रहे।

बुधवार सुबह 6:15 बजे उन्होंने पुनः टेलीकॉन्फ्रेंस की और चल रहे राहत कार्यों की जानकारी ली। RTGS अधिकारियों ने बताया कि चक्रवात तट को पार कर रहा है और आज व कल भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

ज़मीनी नुकसान का जायज़ा

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को सूचित किया कि चक्रवात के कारण कई इलाकों में पेड़ गिर गए हैं और कुछ स्थानों पर बिजली के खंभे भी धराशायी हो गए हैं। एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है।

कोनासीमा जिले के कलेक्टर ने बताया कि वहाँ लगभग 6,000 बिजली के खंभे गिर गए हैं। कलेक्टर ने यह भी जानकारी दी कि बारिश की तीव्रता में कमी आई है, लेकिन अभी भी तेज़ हवाएँ चल रही हैं।

राहत और बचाव की तैयारियाँ

मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट के ज़रिये जानकारी दी थी कि 2,199 चक्रवात आश्रय स्थलों की पहचान कर ली गई है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की योजना तैयार है, जिसमें बुज़ुर्गों, बच्चों, दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। अब तक 2,360 गर्भवती महिलाओं को चिकित्सा केंद्रों में पहुँचाया जा चुका है।

विभिन्न जिलों में NDRF की 12 और SDRF की 10 टीमें तैनात की जा रही हैं। पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा दल पहले से सक्रिय हैं, जबकि नौसेना और तटरक्षक बल भी सहायता के लिए तत्पर हैं। बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए 8,400 से अधिक कर्मचारी काम पर लगाए गए हैं और कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश और जनता से अपील

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गिरे हुए पेड़ तुरंत हटाने, स्थिति सामान्य होते ही बिजली बहाल करने और टैंक व नहरों के ओवरफ्लो की स्थिति से बचने के लिए सावधानी बरतने के निर्देश दिए।

नायडू ने जनता से अपील की है कि वे शांत रहें, सतर्क रहें और प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि जब भी निर्देश मिले, निर्धारित आश्रय स्थलों पर तुरंत पहुँचें। मछुआरों को सलाह दी गई है कि आधिकारिक अनुमति मिलने तक समुद्र में न जाएँ। साथ ही लोगों से कहा गया है कि अनावश्यक यात्रा से बचें, समुद्र तटों, नदी किनारों, बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों और गिरी हुई बिजली लाइनों के पास न जाएँ।

आगे की स्थिति

गौरतलब है कि यह चक्रवात ऐसे समय आया है जब आंध्र प्रदेश के तटीय जिले पहले से मानसून के प्रभाव में थे। IMD के अनुसार अगले दो दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी है। बिजली व्यवस्था और बुनियादी ढाँचे को हुए नुकसान का पूरा आकलन तूफान के गुज़रने के बाद ही हो सकेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा राहत वितरण की गति और बुनियादी ढाँचे की शीघ्र बहाली से होगी। कोनासीमा में 6,000 बिजली के खंभे गिरना बताता है कि तटीय जिलों का बुनियादी ढाँचा बार-बार आने वाले चक्रवातों के लिए अभी पर्याप्त रूप से मज़बूत नहीं है — यह एक दीर्घकालिक नीतिगत चूक है जो हर तूफान के बाद उजागर होती है। 2,360 गर्भवती महिलाओं को समय पर चिकित्सा केंद्रों तक पहुँचाना एक सराहनीय कदम है, किंतु अगले 48 घंटों में तूफान के बाद राहत की पहुँच और पारदर्शिता ही सरकार की वास्तविक तैयारी का पैमाना तय करेगी।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चक्रवात 'अर्नब' कब और कहाँ आया?
IMD के अनुसार, अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने 28 अक्टूबर 2026 की तड़के आंध्र प्रदेश और यनम के तटों पर दस्तक दी। इस दौरान हवा की अधिकतम गति 125-135 किमी प्रति घंटा और झोंकों की गति 150 किमी प्रति घंटा तक रही।
चक्रवात 'अर्नब' से आंध्र प्रदेश में क्या नुकसान हुआ?
कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिरे हैं। अकेले कोनासीमा जिले में लगभग 6,000 बिजली के खंभे गिरने की सूचना है। एहतियात के तौर पर प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति रोक दी गई है।
CM चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात से निपटने के लिए क्या किया?
मुख्यमंत्री नायडू मंगलवार रात से ही सक्रिय थे और रात 1:30 बजे तक कलेक्टर्स, RTGS अधिकारियों और फील्ड कर्मचारियों के साथ समीक्षा करते रहे। बुधवार सुबह 6:15 बजे उन्होंने पुनः टेलीकॉन्फ्रेंस की और राहत कार्यों का जायज़ा लिया।
आंध्र प्रदेश में चक्रवात राहत के लिए कौन-सी टीमें तैनात हैं?
NDRF की 12 और SDRF की 10 टीमें विभिन्न जिलों में तैनात की जा रही हैं। इसके अलावा पुलिस, अग्निशमन, चिकित्सा दल के साथ-साथ नौसेना और तटरक्षक बल भी सहायता के लिए तैयार हैं। बिजली बहाली के लिए 8,400 से अधिक कर्मचारी काम पर लगाए गए हैं।
चक्रवात 'अर्नब' के दौरान लोगों को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
प्रशासन ने अपील की है कि लोग अनावश्यक यात्रा से बचें और निर्देश मिलने पर तुरंत आश्रय स्थलों पर जाएँ। समुद्र तटों, नदी किनारों, बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों और गिरी हुई बिजली लाइनों के पास न जाएँ। मछुआरों को सलाह दी गई है कि आधिकारिक अनुमति मिलने तक समुद्र में न जाएँ।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 8 मिनट पहले
  2. 17 मिनट पहले
  3. 49 मिनट पहले
  4. 11 घंटे पहले
  5. 17 घंटे पहले
  6. कल
  7. कल
  8. 2 दिन पहले