चक्रवात 'अर्नब' का आंध्र तट पर दस्तक, CM नायडू ने रात भर की समीक्षा; कोनासीमा में 6 हज़ार खंभे गिरे
सारांश
मुख्य बातें
अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 की तड़के आंध्र प्रदेश और यनम के तटों पर दस्तक दी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, तट से टकराने के दौरान हवा की अधिकतम गति 125-135 किमी प्रति घंटा रही और झोंकों की गति 150 किमी प्रति घंटा तक पहुँची। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने रात भर अधिकारियों के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस कर स्थिति की निगरानी की।
रात भर चली समीक्षा बैठकें
मुख्यमंत्री नायडू मंगलवार की रात से ही सतर्क थे। वे रात 1:30 बजे तक चक्रवात-प्रभावित जिलों के कलेक्टर्स, रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (RTGS) के अधिकारियों और फील्ड कर्मचारियों के साथ स्थिति की समीक्षा करते रहे। इसके बाद भी वे समय-समय पर अपडेट लेते और निर्देश देते रहे।
बुधवार सुबह 6:15 बजे उन्होंने पुनः टेलीकॉन्फ्रेंस की और चल रहे राहत कार्यों की जानकारी ली। RTGS अधिकारियों ने बताया कि चक्रवात तट को पार कर रहा है और आज व कल भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
ज़मीनी नुकसान का जायज़ा
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को सूचित किया कि चक्रवात के कारण कई इलाकों में पेड़ गिर गए हैं और कुछ स्थानों पर बिजली के खंभे भी धराशायी हो गए हैं। एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है।
कोनासीमा जिले के कलेक्टर ने बताया कि वहाँ लगभग 6,000 बिजली के खंभे गिर गए हैं। कलेक्टर ने यह भी जानकारी दी कि बारिश की तीव्रता में कमी आई है, लेकिन अभी भी तेज़ हवाएँ चल रही हैं।
राहत और बचाव की तैयारियाँ
मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट के ज़रिये जानकारी दी थी कि 2,199 चक्रवात आश्रय स्थलों की पहचान कर ली गई है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की योजना तैयार है, जिसमें बुज़ुर्गों, बच्चों, दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। अब तक 2,360 गर्भवती महिलाओं को चिकित्सा केंद्रों में पहुँचाया जा चुका है।
विभिन्न जिलों में NDRF की 12 और SDRF की 10 टीमें तैनात की जा रही हैं। पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा दल पहले से सक्रिय हैं, जबकि नौसेना और तटरक्षक बल भी सहायता के लिए तत्पर हैं। बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए 8,400 से अधिक कर्मचारी काम पर लगाए गए हैं और कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश और जनता से अपील
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गिरे हुए पेड़ तुरंत हटाने, स्थिति सामान्य होते ही बिजली बहाल करने और टैंक व नहरों के ओवरफ्लो की स्थिति से बचने के लिए सावधानी बरतने के निर्देश दिए।
नायडू ने जनता से अपील की है कि वे शांत रहें, सतर्क रहें और प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि जब भी निर्देश मिले, निर्धारित आश्रय स्थलों पर तुरंत पहुँचें। मछुआरों को सलाह दी गई है कि आधिकारिक अनुमति मिलने तक समुद्र में न जाएँ। साथ ही लोगों से कहा गया है कि अनावश्यक यात्रा से बचें, समुद्र तटों, नदी किनारों, बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों और गिरी हुई बिजली लाइनों के पास न जाएँ।
आगे की स्थिति
गौरतलब है कि यह चक्रवात ऐसे समय आया है जब आंध्र प्रदेश के तटीय जिले पहले से मानसून के प्रभाव में थे। IMD के अनुसार अगले दो दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी है। बिजली व्यवस्था और बुनियादी ढाँचे को हुए नुकसान का पूरा आकलन तूफान के गुज़रने के बाद ही हो सकेगा।