चक्रवात 'अर्नब': NDRF की 31 टीमें तैनात, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के यानम तट से टकराने की आशंका
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को जानकारी दी कि बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य भाग में बना अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान 'अर्नब' 28 अक्टूबर को यानम के निकट आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। स्थिति से निपटने के लिए पाँच प्रभावित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 31 NDRF टीमें तैनात की जा चुकी हैं और एक ठोस रणनीति को अंतिम रूप दिया जा चुका है।
तैनाती और समन्वय की स्थिति
NDRF के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) मोहसेन शाहेदी ने बताया, 'रविवार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के तहत सभी हितधारकों की एक समन्वय बैठक हुई। इसके बाद कैबिनेट सचिव ने सोमवार को एक बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें रणनीति को अंतिम रूप दिया गया।' उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश, केंद्र शासित प्रदेश यानम, ओडिशा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में कुल 31 NDRF टीमों की माँग की गई थी, जिनकी तैनाती पूरी हो चुकी है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग का पूर्वानुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात 'अर्नब' के 28 अक्टूबर (बुधवार) को यानम के निकट आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है। लैंडफॉल के समय 1.0 से 2.0 मीटर ऊँची तूफानी लहरें उठने का अनुमान है, जो काकीनाडा और यानम के निकट सर्वाधिक प्रभावशाली होंगी। समुद्र की स्थिति अत्यंत उग्र रहने की चेतावनी जारी की गई है।
आंध्र प्रदेश में तैयारियाँ
आंध्र प्रदेश के अधिकारियों ने 20 जिलों में 2,131 चक्रवात शरण केंद्र स्थापित किए हैं। 18 जिलों में लगभग 2.07 करोड़ मोबाइल उपभोक्ताओं तक अलर्ट भेजे जा चुके हैं, जिनमें 6.9 लाख तटीय उपभोक्ताओं को विशेष लहर-चेतावनी संदेश प्रेषित किए गए हैं। राज्य में NDRF की 12 टीमें और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की 10 टीमें, 14 जिलों में सक्रिय हैं; प्रत्येक बल की एक-एक अतिरिक्त टीम आरक्षित रखी गई है। सभी 30,043 मछली पकड़ने वाली नौकाएँ किनारे पर वापस आ चुकी हैं और बंदरगाहों पर चेतावनी संकेत लगाए गए हैं। मछुआरों को 29 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने के निर्देश दिए गए हैं।
ओडिशा की एडवाइजरी और अफवाहों पर चेतावनी
ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त (SRC) कार्यालय ने सोमवार को मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भ्रामक और अवैज्ञानिक चक्रवात पूर्वानुमान फैलाने वालों के खिलाफ एडवाइजरी जारी की। SRC ने कहा, 'यह देखा गया है कि खुद को मौसम विशेषज्ञ बताने वाले लोग IMD द्वारा जारी आधिकारिक अनुमानों के बिना, बिना किसी वैज्ञानिक सत्यापन के अनुमानित चक्रवात ट्रैक, लैंडफॉल स्थान, समय-सीमा और प्रभाव के आँकड़े फैला रहे हैं।' इसके अलावा ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड में भी तूफान का असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
आम जनता के लिए निर्देश
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि तेज हवाओं के दौरान घर के भीतर रहें और प्रशासन के आदेश पर तत्काल नजदीकी चक्रवात शरण केंद्र में पहुँचें। यह तूफान ऐसे समय में आया है जब मानसून की विदाई के बाद बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती गतिविधियाँ ऐतिहासिक रूप से तीव्र रही हैं। अगले कुछ घंटे आंध्र प्रदेश और आसपास के राज्यों के लाखों तटीय निवासियों के लिए निर्णायक रहेंगे।