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विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025 ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया, 2,87,967 परियोजनाएं हुईं शामिल

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विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025 ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया, 2,87,967 परियोजनाएं हुईं शामिल

सारांश

भारत के स्कूली विद्यार्थियों ने इतिहास रचा — विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025 में 2,87,967 परियोजनाएं जमा कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल किया। 28 अक्टूबर को नई दिल्ली में शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी शीर्ष 10 टीमों को सम्मानित करेंगे।

मुख्य बातें

विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025 को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने 'सबसे बड़ी नवाचार समाधान प्रतियोगिता' के रूप में दर्ज किया।
देशभर से कुल 2,87,967 परियोजनाएं विचार और प्रारूप दोनों श्रेणियों में प्रस्तुत हुईं।
28 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी राष्ट्रीय स्तर पर विजेता 10 टीमों को सम्मानित करेंगे।
पहल शिक्षा मंत्रालय , नीति आयोग के अटल नवाचार मिशन और AICTE के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित हुई।
समारोह में उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत शिक्षक संस्थानों के लिए नए दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे।

विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025 को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने 'सबसे बड़ी नवाचार समाधान प्रतियोगिता' के रूप में आधिकारिक तौर पर दर्ज कर लिया है। देशभर से कुल 2,87,967 परियोजनाएं इस प्रतियोगिता में प्रस्तुत की गईं, जो भारतीय स्कूली विद्यार्थियों की नवाचार क्षमता का अभूतपूर्व प्रमाण है। 28 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में राष्ट्रीय स्तर पर विजेता रही 10 टीमों को सम्मानित किया जाएगा।

पुरस्कार समारोह और प्रमुख उपस्थिति

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी इस समारोह में विजेता टीमों और नवाचारी विद्यार्थियों को सम्मानित करेंगे। शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना बताई जा रही है। समारोह में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का आधिकारिक प्रमाणपत्र भी औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव टी. के. अनिल कुमार, अतिरिक्त सचिव धीरज साहू और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के अध्यक्ष प्रो. टी. जी. सीताराम सहित विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा विभागों के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में भाग लेंगे।

आयोजन के पीछे की संस्थाएं और उद्देश्य

यह पहल शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने नीति आयोग के अटल नवाचार मिशन और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के सहयोग से आयोजित की थी। इसका मूल उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, वैज्ञानिक जिज्ञासा, उद्यमशीलता और समस्या-समाधान की क्षमता को पोषित करना है।

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार शिक्षा नीति के तहत 'लर्निंग बाय डूइंग' के दृष्टिकोण को बढ़ावा दे रही है। गौरतलब है कि परंपरागत परीक्षा-केंद्रित शिक्षा से हटकर विद्यार्थियों को वास्तविक समस्याओं के हल खोजने के लिए प्रेरित करना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रमुख लक्ष्यों में से एक है।

चार स्तंभों पर आधारित थी प्रतियोगिता

विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025 की परिकल्पना चार प्रमुख स्तंभों — आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा और समृद्ध भारत — पर आधारित थी। विचार और प्रारूप, दोनों श्रेणियों में कुल 2,87,967 परियोजनाएं देशभर से प्राप्त हुईं। विद्यार्थियों को अपने विचारों को व्यावहारिक समाधान और उपयोगी नमूनों में रूपांतरित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं

समारोह में उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत शिक्षक शिक्षा संस्थानों के लिए नए दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक कचरे के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उसके संग्रह से जुड़ी पहल को भी प्रस्तुत किया जाएगा।

युवा नवाचार की दिशा में बड़ा कदम

इतनी बड़ी संख्या में परियोजनाओं का सामने आना दर्शाता है कि स्कूल स्तर पर नवाचार को अपेक्षित गति मिल रही है। यह पहल विद्यार्थियों को भविष्य में पेटेंट, उपयोगी आविष्कार और उद्यमिता की दिशा में तैयार करने का व्यापक प्रयास है। आने वाले वर्षों में इस प्रतियोगिता के और बड़े संस्करण की उम्मीद की जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

87,967 परियोजनाओं का यह आँकड़ा प्रभावशाली है, लेकिन असली सवाल यह है कि इनमें से कितने विचार व्यावसायिक पेटेंट या स्टार्टअप में बदले। भारत में 'भागीदारी की संख्या' और 'व्यावहारिक परिणाम' के बीच की खाई अक्सर चौड़ी रहती है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप है, परंतु दीर्घकालिक सफलता के लिए विजेता परियोजनाओं की मेंटरशिप और फंडिंग तंत्र पर ध्यान देना अनिवार्य होगा। बिना अनुवर्ती सहयोग के, ऐसी प्रतियोगिताएं उत्साह तो जगाती हैं, पर परिवर्तन की सूई नहीं हिला पातीं।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025 क्या है?
विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025 शिक्षा मंत्रालय, नीति आयोग के अटल नवाचार मिशन और AICTE द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक राष्ट्रव्यापी नवाचार प्रतियोगिता है, जिसमें स्कूली विद्यार्थियों को वास्तविक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसमें देशभर से 2,87,967 परियोजनाएं प्राप्त हुईं, जिससे इसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड मिला।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड किस श्रेणी में मिला?
विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025 को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने 'सबसे बड़ी नवाचार समाधान प्रतियोगिता' (Largest Innovation Solution Competition) की श्रेणी में दर्ज किया है। आधिकारिक प्रमाणपत्र 28 अक्टूबर 2025 के समारोह में प्रस्तुत किया जाएगा।
विजेताओं को कब और कहाँ सम्मानित किया जाएगा?
राष्ट्रीय स्तर पर विजेता रही 10 टीमों को 28 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में सम्मानित किया जाएगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी इस अवसर पर विजेताओं को पुरस्कृत करेंगे।
बिल्डाथॉन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस प्रतियोगिता का लक्ष्य स्कूली विद्यार्थियों में रचनात्मकता, वैज्ञानिक जिज्ञासा और उद्यमशीलता का विकास करना था। यह पहल आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन और समृद्ध भारत — चार स्तंभों पर आधारित थी।
28 अक्टूबर के समारोह में और क्या होगा?
समारोह में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रमाणपत्र के अलावा उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत शिक्षक संस्थानों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इलेक्ट्रॉनिक कचरे की जागरूकता और संग्रह से जुड़ी पहल भी प्रस्तुत की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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