ओलेश्की से 527 नागरिकों की निकासी शुरू, रूस यूक्रेन युद्धविराम 1 नवंबर तक प्रभावी
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के खेरसोन क्षेत्र में रूसी नियंत्रण वाले अग्रिम मोर्चे के शहर ओलेश्की में यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल 30 अक्टूबर 2026 को सुरक्षित पहुँच गया और नागरिकों की निकासी का अभियान शुरू कर दिया गया। यूक्रेनी संसद के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। फरवरी 2022 से रूसी नियंत्रण में रहे इस शहर से 527 नागरिकों को यूक्रेन नियंत्रित क्षेत्र में लाने की योजना है।
मानवीय अभियान का ब्यौरा
यूक्रेन की सत्तारूढ़ पार्टी 'सर्वेंट ऑफ द पीपल' के संसदीय गुट के प्रमुख डेविड अराखामिया ने टेलीग्राम पर बताया कि शहर में मानवीय सहायता सामग्री वितरित की जा रही है। उन्होंने कहा, "युद्धविराम अब भी प्रभावी है। आगे की जानकारी बाद में साझा की जाएगी।"
यूक्रेन के प्रधानमंत्री सेर्गी कोरेट्स्की के अनुसार, निकाले जाने वाले नागरिक बेलारूस के रास्ते यूक्रेन पहुँचेंगे। वहाँ पहुँचने के बाद उनकी स्वास्थ्य जाँच की जाएगी, प्राथमिक चिकित्सा सुविधा दी जाएगी और आवश्यक सामग्री तथा आवास की व्यवस्था की जाएगी।
शहर की मानवीय स्थिति
ओलेश्की में वर्तमान में करीब 2,000 लोग रह रहे हैं। यह शहर ड्नीपर नदी के दूसरे किनारे पर, यूक्रेन नियंत्रित खेरसोन शहर के सामने स्थित है। लगातार जारी संघर्ष के कारण यहाँ खाद्य पदार्थों, दवाइयों और अन्य ज़रूरी सामानों की भारी कमी बनी हुई है। मानवीय स्थिति के लगातार बिगड़ने के बाद ही अस्थायी युद्धविराम पर सहमति बनी।
रूस की भूमिका और युद्धविराम की शर्तें
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने पुष्टि की कि अभियान शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि मॉस्को से एक विमान रवाना किया गया है और अभियान के तहत बारूदी सुरंगों को हटाने का काम भी किया जा रहा है। रूसी पक्ष के अनुसार, यह युद्धविराम 1 नवंबर को मॉस्को समयानुसार रात 10:59 बजे तक प्रभावी रहेगा।
रूस की मानवाधिकार आयुक्त याना लांत्रातोवा ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य शहर में फंसे लोगों तक राहत सामग्री पहुँचाना और वहाँ से निकलना चाहने वाले लोगों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करना है।
यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल और अंतरराष्ट्रीय समन्वय
यूक्रेन की ओर से मानवाधिकार आयुक्त दिमित्रो लुबिनेत्स के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को ओलेश्की के लिए रवाना हुआ था। लुबिनेत्स ने बताया कि रूसी मानवाधिकार आयुक्त याना लांत्रातोवा के साथ हुए समझौते और अमेरिकी प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप के समर्थन एवं समन्वय से यह मानवीय मिशन संभव हो पाया।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब रूस यूक्रेन संघर्ष के लगभग तीन वर्ष पूरे होने को हैं और व्यापक युद्धविराम की कोई ठोस संभावना नज़र नहीं आ रही। ओलेश्की अभियान को एक सीमित मानवीय कदम के रूप में देखा जा रहा है, जो बड़े शांति प्रयासों का संकेत नहीं माना जाना चाहिए।
आगे की राह
युद्धविराम की समाप्ति के बाद ओलेश्की में स्थिति क्या होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। निकासी अभियान के पूरा होने और 527 नागरिकों के यूक्रेन नियंत्रित क्षेत्र में सुरक्षित पहुँचने की पुष्टि का इंतज़ार है। मानवाधिकार संगठन शहर में शेष बचे करीब 2,000 निवासियों की स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं।