यूक्रेनी हमलों में 8,434 रूसी नागरिक मारे गए: मॉस्को का दावा, कॉस्तांतिनोवका पर भी कब्जे का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
रूस के विदेश मंत्रालय के एम्बेसडर-एट-लार्ज रोडियन मिरोशनिक ने 4 जुलाई 2026 को एक आधिकारिक ब्रीफिंग में दावा किया कि फरवरी 2022 से 30 जून 2026 तक यूक्रेन के सैन्य हमलों में रूस में लगभग 8,434 नागरिकों की जान गई है और कुल हताहतों की संख्या 30,913 तक पहुँच गई है। यह आँकड़े रूसी सरकार के आधिकारिक बयान पर आधारित हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
मुख्य आँकड़े और दावे
मिरोशनिक के अनुसार, पिछले तीन महीनों में यूक्रेन के हमलों ने रूस के 42 इलाकों में नागरिक बुनियादी ढाँचे को नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने 2014 से अब तक 373 बच्चों के मारे जाने और 1,845 बच्चों के घायल होने का भी दावा किया।
मिरोशनिक ने कई हाई-प्रोफाइल घटनाओं का उल्लेख किया — जिनमें स्टारोबेल्स्क में एक कॉलेज पर हमला, ब्रांस्क इलाके में बेलारूसी बच्चों को ले जा रही बस पर हमला और येनाकीयेवो में एक यात्री बस पर हमला शामिल हैं।
मॉस्को पर ड्रोन हमले
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने बताया कि रूसी वायु सेना ने शुक्रवार की शुरुआत से रूसी राजधानी को निशाना बनाने वाले 28 ड्रोन मार गिराए। सोबयानिन ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में जानकारी दी कि शुक्रवार रात आठ और ड्रोन नष्ट किए गए। उन्होंने कहा, 'इमरजेंसी सर्विस क्रू मलबे वाली जगह पर काम कर रहे हैं।'
कॉस्तांतिनोवका पर रूस का नियंत्रण का दावा
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने शुक्रवार को घोषणा की कि रूसी सेना ने पूर्वी यूक्रेन के डोनेट्स्क क्षेत्र के प्रमुख शहर कॉस्तांतिनोवका पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित कर लिया है। पेसकोव के अनुसार, 'कॉस्तांतिनोवका पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया गया है।' यूक्रेन की ओर से इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इस घोषणा के बाद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संयुक्त सैन्य बल समूह के एक अस्थायी कमांड पोस्ट का दौरा किया। पुतिन ने कहा, 'यह शहर डोनबास का प्रमुख परिवहन केंद्र और एक बड़ा औद्योगिक केंद्र है।'
व्यापक सैन्य संदर्भ
पुतिन ने यह भी दावा किया कि रूसी सेना ने 2026 की शुरुआत से डोनबास और नोवोरोसिया में 133 बस्तियों और 3,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित किया है। यह ऐसे समय में आया है जब संघर्ष के चौथे वर्ष में दोनों पक्षों के बीच मोर्चे की स्थिति काफी हद तक स्थिर बनी हुई है।
गौरतलब है कि रूस ने यूक्रेन के नागरिक इलाकों पर हमलों की निंदा करते हुए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय को एक आधिकारिक राजनयिक नोट भेजा है, जिसमें इन घटनाओं की अंतरराष्ट्रीय जाँच की माँग की गई है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर नागरिकों को निशाना बनाने के आरोप लगाते रहे हैं।
आगे की स्थिति
कॉस्तांतिनोवका पर रूस के दावे और बढ़ते नागरिक हताहतों के आँकड़े यूक्रेन संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव को और बढ़ा सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र में जाँच की माँग के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पश्चिमी देश और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ किस रुख के साथ आगे आती हैं।