एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष विजया रहाटकर ने देहरादून में 26 महिलाओं की शिकायतें सुनीं, न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता दोहराई
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया के. रहाटकर ने 30 अक्टूबर 2026 को देहरादून में एक जनसुनवाई की अध्यक्षता की, जिसमें कुल 26 मामलों की सुनवाई हुई। इस जनसुनवाई में घरेलू हिंसा से लेकर संपत्ति विवाद तक की शिकायतें शामिल थीं, और आयोग ने महिलाओं को समय पर न्याय दिलाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
जनसुनवाई में कौन-सी शिकायतें आईं
एनसीडब्ल्यू के बयान के अनुसार, सुनवाई में आए मामलों को दो श्रेणियों में बाँटा गया। पुलिस विभाग से जुड़े मामलों में मुख्य रूप से घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, यौन उत्पीड़न और विवाह-पूर्व संबंधों में धोखे जैसी शिकायतें थीं। वहीं, जिला प्रशासन से जुड़े मामलों में संपत्ति विवाद और मकान मालिक-किरायेदार विवाद प्रमुख रहे।
आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि इस जनसुनवाई के माध्यम से आयोग ने महिलाओं की शिकायतों के 'प्रभावी और समय पर समाधान' तथा उन्हें न्याय दिलाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। गौरतलब है कि एनसीडब्ल्यू ऐसी जनसुनवाइयाँ नियमित रूप से देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित करता है, जिससे दूरदराज़ की महिलाएँ भी अपनी समस्याएँ सीधे आयोग तक पहुँचा सकें।
युवा संवाद और ओटीटी पर महिला प्रतिनिधित्व
जनसुनवाई से पहले एनसीडब्ल्यू ने देहरादून की ग्राफिक एरा (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) के सहयोग से 'ओटीटी प्लेटफॉर्म पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व' विषय पर युवा संवाद — मॉक एनसीडब्ल्यू सलाहकार समिति के आयोजन की घोषणा की। यह दो दिवसीय कार्यक्रम शुक्रवार से शुरू हुआ।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य डिजिटल मनोरंजन में महिलाओं के चित्रण पर युवाओं के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा देना है। साथ ही आलोचनात्मक सोच, लैंगिक संवेदनशीलता और समावेशी मीडिया परिवेश के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना भी इसका लक्ष्य है।
देहरादून और ऋषिकेश में चार दिवसीय गतिविधियाँ
एनसीडब्ल्यू ने 30 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक देहरादून और ऋषिकेश में कई कार्यक्रमों की योजना बनाई है। इनमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में एक विश्वविद्यालय में मॉक संसद का उद्घाटन, दून मेडिकल कॉलेज में 'शी इज अ चेंजमेकर' कार्यक्रम और इंडियन मिलिट्री एकेडमी में संवाद सत्र शामिल हैं।
इस दौरे में हिरासत में मौजूद महिलाओं के लिए 'जेंडर-रिस्पॉन्सिव' जेल प्रशासन पर एक अखिल भारतीय परामर्श सत्र भी रहाटकर की अध्यक्षता में होगा। इसके साथ ही देहरादून जिला जेल का निरीक्षण भी किया जाएगा।
अन्य प्रमुख कार्यक्रम
अन्य गतिविधियों में पुलिस लाइन्स ऑडिटोरियम में जनसुनवाई, एनसीडब्ल्यू सदस्य निवेदिता सुब्रमण्यम और अर्चना मिश्रा द्वारा 'वन स्टॉप सेंटर' व एक अस्पताल का निरीक्षण तथा एम्स ऋषिकेश में स्वयं सहायता समूह (SHG) महिलाओं का सम्मेलन शामिल हैं। इस सम्मेलन में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और सामूहिक नेतृत्व पर विशेष जोर दिया जाएगा।
एनसीडब्ल्यू ने अपने बयान में कहा, 'इन पहलों के जरिए, एनसीडब्ल्यू महिलाओं के अधिकारों, सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण को आगे बढ़ाने के अपने संकल्प को दोहराता है।' यह दौरा महिला सशक्तीकरण को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।