बीजिंग में अक्टूबर में होगा 20वीं सीपीसी केंद्रीय कमेटी का पाँचवाँ पूर्णाधिवेशन, शी चिनफिंग की अध्यक्षता में हुआ फैसला
सारांश
मुख्य बातें
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) केंद्रीय कमेटी के पोलित ब्यूरो ने गुरुवार, 30 जुलाई को आयोजित बैठक में निर्णय लिया कि 20वीं सीपीसी केंद्रीय कमेटी का पाँचवाँ पूर्णाधिवेशन इस वर्ष अक्टूबर में बीजिंग में आयोजित किया जाएगा। इस बैठक की अध्यक्षता सीपीसी केंद्रीय कमेटी के महासचिव शी चिनफिंग ने की।
पूर्णाधिवेशन का मुख्य एजेंडा
इस पूर्णाधिवेशन में दो प्रमुख विषयों पर विचार किया जाएगा। पहला — सीपीसी केंद्रीय कमेटी के पोलित ब्यूरो द्वारा केंद्रीय कमेटी को कार्य रिपोर्ट प्रस्तुत करना। दूसरा — पार्टी के सख्त शासन को चौतरफा तौर पर सुदृढ़ करने से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श करना। यह पूर्णाधिवेशन चीन की राजनीतिक और आर्थिक दिशा तय करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आर्थिक स्थिति का आकलन और उत्तरार्द्ध की योजना
बैठक में वर्तमान आर्थिक स्थिति का विस्तृत विश्लेषण किया गया और वर्ष के उत्तरार्द्ध के आर्थिक कार्यों की रूपरेखा तैयार की गई। बैठक में कहा गया कि चीनी अर्थव्यवस्था की नई प्रेरक शक्तियाँ उभर रही हैं और ढाँचागत समायोजन जारी है। साथ ही, आर्थिक संचालन में मौजूद कठिनाइयों और चुनौतियों को गंभीरता से लेते हुए विश्वास को मज़बूत करने और गुणवत्तापूर्ण विकास को दीर्घकालिक स्थिरता के साथ आगे बढ़ाने पर बल दिया गया।
नीतिगत प्राथमिकताएँ
बैठक में अधिक सक्रिय वित्तीय नीति और समुचित रूप से ढीली मौद्रिक नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया गया। प्रतिचक्रीय समायोजन को मज़बूत करने, घरेलू माँग के विस्तार और श्रेष्ठ आपूर्ति पर ज़ोर देने की बात कही गई। इसके साथ ही जनजीवन में वास्तविक सुधार लाने को प्राथमिकता दी गई, ताकि विकास की प्रेरक शक्ति और सामाजिक जीवंतता को बल मिले।
बाज़ार और सुरक्षा पर विशेष ज़ोर
पोलित ब्यूरो की इस बैठक में निष्पक्ष और व्यवस्थित बाज़ार प्रतिस्पर्धा वातावरण तैयार करने पर भी विशेष बल दिया गया। साथ ही सुरक्षा ढाँचे को मज़बूत करने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की गई। गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई जब वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएँ चीन की विकास दर पर दबाव बना रही हैं।
आगे क्या होगा
अक्टूबर में होने वाले पाँचवें पूर्णाधिवेशन के निर्णय चीन की आंतरिक पार्टी संरचना और आर्थिक नीति की अगली दिशा तय करेंगे। विश्लेषकों के अनुसार, इस पूर्णाधिवेशन के फैसले 2025 के शेष महीनों में चीन की नीतिगत प्राथमिकताओं पर सीधा असर डालेंगे।