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दिल्ली: रानी गार्डन में तड़के 3 बजे भीषण आग, 8-10 झुग्गियाँ जलकर राख — कोई हताहत नहीं

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दिल्ली: रानी गार्डन में तड़के 3 बजे भीषण आग, 8-10 झुग्गियाँ जलकर राख — कोई हताहत नहीं

सारांश

दिल्ली के रानी गार्डन में तड़के 3 बजे भड़की आग ने 8-10 झुग्गियाँ निगल लीं। 6 दमकल गाड़ियों ने आग काबू की। पीड़ित परिवार बेघर हुए, सारा सामान राख — पर जान सभी की बची।

मुख्य बातें

नई दिल्ली के रानी गार्डन, गीता कॉलोनी में 25 अक्टूबर की तड़के 3 बजे भीषण आग लगी।
आग में 8 से 10 झुग्गियाँ जलकर राख; एक पीड़ित के अनुसार इलाके में 15-16 झुग्गियाँ प्रभावित हुईं।
दमकल विभाग को सूचना 3.06-3.07 बजे मिली; 6 दमकल गाड़ियाँ तैनात कर आग बुझाई गई।
फायर ऑफिसर दीपक हुड्डा ने पुष्टि की — किसी के घायल या मृत होने की सूचना नहीं।
पीड़ित परिवारों का सारा घरेलू सामान नष्ट; आग के कारण की आधिकारिक जाँच जारी।

नई दिल्ली के गीता कॉलोनी थाना क्षेत्र के रानी गार्डन इलाके में रविवार, 25 अक्टूबर की तड़के करीब 3 बजे भीषण आग भड़क उठी, जिसमें 8 से 10 झुग्गियाँ पूरी तरह जलकर राख हो गईं। दमकल विभाग की 6 गाड़ियाँ मौके पर तैनात कर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।

घटनाक्रम: कैसे फैली आग

अधिकारियों के अनुसार, दमकल विभाग को आग की सूचना सुबह करीब 3.06-3.07 बजे मिली। सूचना मिलते ही दमकल और पुलिस टीमें तत्काल मौके पर पहुँचीं। तब तक आग कई झुग्गियों में फैल चुकी थी। फायर ऑफिसर दीपक हुड्डा ने बताया, 'झुग्गियों में आग लगने की सूचना मिली थी और हम तुरंत मौके पर पहुँच गए। लगभग 6 दमकल गाड़ियाँ तैनात की गईं और हमने आग बुझाने का काम शुरू किया। किसी के घायल होने या जान जाने की कोई खबर नहीं है।'

पीड़ितों की आपबीती

आग में अपनी झुग्गी गँवाने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि वे सो रहे थे, तभी पड़ोस में रहने वाले भरत नाम के शख्स ने चिल्लाकर आग की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, 'आग इतनी तेज थी कि हम बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाकर निकल पाए।' उनकी झुग्गी में तीन कमरे थे, जो पूरी तरह स्वाहा हो गए।

एक अन्य पीड़ित, जो उस वक्त काम पर गए हुए थे, ने बताया कि उनके बच्चों ने फोन कर आग की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इलाके में करीब 15 से 16 झुग्गियाँ थीं, जो पूरी तरह जलकर खाक हो गई हैं और अंदर का सारा सामान नष्ट हो गया है।

नुकसान का आकलन

यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में झुग्गी-बस्तियों में आगजनी की घटनाएँ आम हो चली हैं, खासतौर पर सर्दियों के आगमन से पहले जब लोग घरेलू उपकरणों का उपयोग बढ़ा देते हैं। प्रभावित परिवारों का पूरा घरेलू सामान — बर्तन, कपड़े, बिस्तर और नकदी — राख हो गया। गौरतलब है कि झुग्गी-बस्तियों में आग लगने की घटनाओं में अक्सर राहत और पुनर्वास की प्रक्रिया धीमी रहती है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

फिलहाल आग लगने के कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और दमकल विभाग मामले की जाँच कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन से पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री और अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराने की उम्मीद की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी रोकथाम और शीघ्र-राहत का कोई स्थायी ढाँचा नहीं बन पाया है। रानी गार्डन की यह घटना उस व्यापक विफलता की एक और कड़ी है जहाँ झुग्गी-निवासी हर बार शून्य से शुरुआत करने को मजबूर होते हैं। जब तक आग-रोधी सामग्री, पर्याप्त जल-स्रोत और त्वरित पुनर्वास नीति को झुग्गी-प्रबंधन का अनिवार्य हिस्सा नहीं बनाया जाता, तब तक 'कोई जनहानि नहीं' की राहत महज संयोग बनी रहेगी, नीतिगत सफलता नहीं।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली के रानी गार्डन में आग कब और कहाँ लगी?
यह आग 25 अक्टूबर की तड़के करीब 3 बजे दिल्ली के गीता कॉलोनी थाना क्षेत्र के रानी गार्डन इलाके में लगी। दमकल विभाग को सूचना 3.06-3.07 बजे मिली और टीमें तत्काल मौके पर पहुँचीं।
इस आग में कितनी झुग्गियाँ जली और कोई हताहत हुआ?
अधिकारियों के अनुसार 8 से 10 झुग्गियाँ आग में जलकर राख हुईं, जबकि एक पीड़ित ने 15-16 झुग्गियाँ प्रभावित होने की बात कही। फायर ऑफिसर दीपक हुड्डा ने पुष्टि की है कि किसी के घायल या मृत होने की कोई सूचना नहीं है।
आग बुझाने के लिए कितनी दमकल गाड़ियाँ भेजी गईं?
दमकल विभाग ने कुल 6 गाड़ियाँ मौके पर तैनात कीं। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
आग लगने का कारण क्या बताया जा रहा है?
अभी तक आग लगने के कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और दमकल विभाग मामले की जाँच कर रहे हैं।
पीड़ित परिवारों को राहत कब मिलेगी?
फिलहाल स्थानीय प्रशासन से पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री और अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराने की उम्मीद जताई जा रही है। आधिकारिक राहत घोषणा की प्रतीक्षा है।
राष्ट्र प्रेस
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