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दिल्ली: तकिया काले खान में भीषण आग, 30 झुग्गियां राख — 12 लोग सुरक्षित बचाए

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दिल्ली: तकिया काले खान में भीषण आग, 30 झुग्गियां राख — 12 लोग सुरक्षित बचाए

सारांश

दिल्ली के तकिया काले खान में सोमवार रात भड़की भीषण आग ने 30 झुग्गियों को राख कर दिया। 20 दमकल गाड़ियों और 9 एम्बुलेंस की तैनाती के बाद तीन घंटे में आग काबू में आई। 12 लोग सुरक्षित बचाए गए; कोई हताहत नहीं। आग का कारण अभी अज्ञात है।

मुख्य बातें

नई दिल्ली के तकिया काले खान की वाल्मीकि बस्ती में 23 जून की रात 11:32 बजे भीषण आग लगी।
कम से कम 30 झुग्गियाँ जलकर राख हुईं; पुराना फर्नीचर, प्लाईवुड और लकड़ी भी नष्ट।
पुलिस ने 12 लोगों को सुरक्षित बचाया; किसी के हताहत या घायल होने की सूचना नहीं।
आग बुझाने के लिए 20 दमकल गाड़ियाँ और 9 कैट्स एम्बुलेंस तैनात की गईं।
करीब तीन घंटे में आग पर काबू पाया गया; आग का कारण अभी तक अज्ञात, जाँच जारी।

नई दिल्ली के तकिया काले खान इलाके की वाल्मीकि बस्ती में 23 जून की देर रात भीषण आग भड़क उठी, जिसने मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के पीछे बसी कम से कम 30 झुग्गियों को जलाकर राख कर दिया। आग की चपेट में बड़ी मात्रा में पुराना फर्नीचर, प्लाईवुड, लकड़ी और अन्य अत्यधिक दहनशील सामग्री भी आ गई। अधिकारियों के अनुसार, आपातकालीन सेवाओं की त्वरित कार्रवाई के चलते किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है।

आग की शुरुआत और फैलाव

अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार रात लगभग 11:32 बजे तकिया काले खान क्षेत्र से पीसीआर कॉल प्राप्त हुई। स्थानीय पुलिस टीमें तत्काल मौके पर पहुँचीं और स्थिति का जायजा लेते हुए बचाव एवं निकासी अभियान शुरू किया। आग ने वहाँ संग्रहीत पुराने फर्नीचर, लकड़ी, प्लाईवुड और अन्य ज्वलनशील सामग्रियों के बड़े भंडार को तेज़ी से अपनी चपेट में ले लिया, जिससे लपटें आसपास की झोपड़ियों और घनी आबादी तक फैल गईं।

बचाव अभियान और निकासी

पुलिसकर्मियों ने फौरन निकासी अभियान चलाया और स्थानीय निवासियों को खतरे से आगाह किया। अधिकारियों ने बताया कि कुछ निवासी अपने घर और सामान छोड़ने को तैयार नहीं थे, इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के प्रयास जारी रखे। इस अभियान में 12 लोगों को — जिनमें कई परिवारों के सदस्य शामिल थे — सुरक्षित बचाया गया और पूरे संवेदनशील क्षेत्र को सफलतापूर्वक खाली कराया गया।

आपातकालीन संसाधनों की तैनाती

घटना की सूचना तत्काल अग्निशमन विभाग, बीएसईएस और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) को दी गई। आग पर काबू पाने के लिए कुल 20 दमकल गाड़ियाँ तैनात की गईं। एहतियात के तौर पर 9 कैट्स एम्बुलेंस भी मौके पर मौजूद रहीं। अतिरिक्त रिज़र्व पुलिस कर्मी भी घटनास्थल पर पहुँचे और निकासी, भीड़ नियंत्रण तथा आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता साफ रखने में सहायता की।

तीन घंटे में आग पर काबू

अग्निशमन कर्मियों ने करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और रात भर ऑपरेशन जारी रखा। अधिकारियों ने कहा कि समय पर निकासी, संसाधनों की तेज़ तैनाती और सभी एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय ने यह सुनिश्चित किया कि व्यापक संपत्ति नुकसान के बावजूद कोई जनहानि न हो।

जाँच जारी

अधिकारियों के अनुसार, आग लगने का सटीक कारण अभी तक स्थापित नहीं हो पाया है और आगे की जाँच जारी है। यह घटना दिल्ली की घनी झुग्गी बस्तियों में आग की पुनरावृत्ति की बड़ी समस्या को एक बार फिर उजागर करती है, जहाँ ज्वलनशील निर्माण सामग्री और संकरी गलियाँ बचाव कार्यों को और भी चुनौतीपूर्ण बना देती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

संकरी गलियाँ और अनौपचारिक बिजली कनेक्शन मिलकर एक स्थायी जोखिम बनाते हैं, जिसे केवल बचाव अभियानों से नहीं, बल्कि संरचनात्मक पुनर्वास नीति से ही हल किया जा सकता है। इस बार कोई जनहानि नहीं हुई — यह राहत की बात है — लेकिन 30 परिवारों की छत और जीविका का नुकसान उतना ही गंभीर है। सवाल यह है कि डीडीएमए और दिल्ली सरकार के पास इन परिवारों के तत्काल पुनर्वास की कोई ठोस योजना है या नहीं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली के तकिया काले खान में आग कब और कहाँ लगी?
यह आग 23 जून की रात लगभग 11:32 बजे नई दिल्ली के तकिया काले खान इलाके की वाल्मीकि बस्ती में लगी, जो मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के पीछे स्थित है।
आग में कितनी झुग्गियाँ जलीं और क्या कोई हताहत हुआ?
आग में कम से कम 30 झुग्गियाँ जलकर राख हो गईं। अधिकारियों के अनुसार, किसी के हताहत या घायल होने की सूचना नहीं है और 12 लोगों को सुरक्षित बचाया गया।
आग बुझाने के लिए क्या संसाधन तैनात किए गए?
आग पर काबू पाने के लिए 20 दमकल गाड़ियाँ और 9 कैट्स एम्बुलेंस तैनात की गईं। अग्निशमन विभाग, बीएसईएस और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने मिलकर काम किया।
आग कितनी देर में काबू में आई और इसका कारण क्या था?
अग्निशमन कर्मियों ने करीब तीन घंटे की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया और ऑपरेशन रात भर जारी रहा। आग लगने का सटीक कारण अभी तक पता नहीं चला है और जाँच जारी है।
बचाव अभियान के दौरान क्या चुनौतियाँ आईं?
अधिकारियों के अनुसार, कुछ निवासी अपने घर और सामान छोड़ने को तैयार नहीं थे, जिससे निकासी में बाधा आई। इसके बावजूद पुलिस ने सभी को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया और पूरे क्षेत्र को खाली कराया।
राष्ट्र प्रेस
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