ग्रेटर नोएडा के हाफीजपुर में भीषण आग: 20-25 झुग्गियाँ राख, कोई जनहानि नहीं
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा के दनकौर थाना क्षेत्र स्थित ग्राम हाफीजपुर की झुग्गी-झोपड़ी बस्ती में 25 मई 2026 को भीषण आग लग गई, जिसने देखते-देखते 20 से 25 झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। पुलिस के अनुसार, समय रहते फायर ब्रिगेड के हस्तक्षेप से आग पर काबू पा लिया गया और इस हादसे में किसी की जान नहीं गई।
मुख्य घटनाक्रम
सोमवार को अचानक लगी इस आग ने पलभर में विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के इलाके में धुएँ का गुबार छा गया और बस्ती में रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ ही मिनटों में एक के बाद एक झोपड़ियाँ जलने लगीं।
झुग्गियों में रह रहे परिवार किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि उन्हें अपना सामान निकालने का मौका तक नहीं मिला। कई परिवारों के घरेलू सामान, कपड़े और रोज़मर्रा की ज़रूरत की चीज़ें जलकर राख हो गईं।
राहत और बचाव कार्य
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं। स्थानीय लोगों ने शुरुआती स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, परंतु आग पर काबू पाना संभव नहीं हो सका। इसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह बुझाने में सफलता पाई।
सीएफओ गौतमबुद्धनगर प्रदीप कुमार भी मौके पर पहुँचे और स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने बताया कि फायर ब्रिगेड की टीम ने समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
आग का कारण और नुकसान का आकलन
आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। प्राथमिक आशंका शॉर्ट सर्किट या किसी ज्वलनशील सामग्री से आग फैलने की जताई जा रही है। फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
आम जनता पर असर
इस हादसे में 20 से 25 परिवार प्रभावित हुए हैं, जिनका घर और सामान जलकर नष्ट हो गया। राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में शांति-व्यवस्था बनाए रखी और प्रभावित परिवारों की मदद के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है।
क्या होगा आगे
यह घटना झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों में अग्नि सुरक्षा के अभाव को एक बार फिर उजागर करती है। प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री और पुनर्वास सहायता दिए जाने की उम्मीद है। आग की जाँच जारी है और कारणों का पता लगने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।