दिल्ली में भीषण आग: पंजाबी बाग की शकूरबस्ती में सैकड़ों झुग्गियां खाक, लक्ष्मीनगर में ट्रांसफार्मर से फैली लपटें
सारांश
Key Takeaways
- 25 अप्रैल, शनिवार को दिल्ली में एक साथ दो बड़े अग्निकांड सामने आए।
- पंजाबी बाग शकूरबस्ती में सुबह 11:15 बजे आग लगी, 16 दमकल गाड़ियों ने डेढ़ घंटे में काबू पाया।
- शकूरबस्ती में सैकड़ों झुग्गियां जलकर राख हुईं, कई परिवार बेघर हुए।
- लक्ष्मी नगर जे एक्सटेंशन में ट्रांसफार्मर से लगी आग ने 14 फ्लैट प्रभावित किए, 8 दमकल गाड़ियां तैनात हुईं।
- दोनों घटनाओं में कोई जनहानि नहीं, लेकिन संपत्ति का भारी नुकसान हुआ।
- सहायक मंडल अधिकारी राजेश कुमार शुक्ला के अनुसार आग के कारणों की जांच जारी है।
नई दिल्ली, 25 अप्रैल: राजधानी दिल्ली में शनिवार को एक साथ दो बड़े अग्निकांड सामने आए — पश्चिमी दिल्ली के पंजाबी बाग थाना क्षेत्र अंतर्गत शकूरबस्ती में भड़की आग ने सैकड़ों झुग्गियों को राख कर दिया, जबकि पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर जे एक्सटेंशन में एक ट्रांसफार्मर में लगी आग पास की चार इमारतों तक फैल गई। दोनों घटनाओं में दमकल विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाया और राहत की बात यह रही कि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
शकूरबस्ती अग्निकांड: डेढ़ घंटे की जद्दोजहद के बाद काबू
शकूरबस्ती में आग लगने की सूचना दमकल विभाग को सुबह करीब 11:15 बजे मिली। सूचना मिलते ही विभाग ने फौरन 16 दमकल गाड़ियां मौके पर रवाना कीं। कर्मियों ने लगभग डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेज़ी से फैली कि बस्ती के लोगों को अपना सामान बचाने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप ले लिया और पूरी बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया। सैकड़ों झुग्गियां जलकर पूरी तरह खाक हो गईं और कई परिवारों का सारा सामान राख हो गया।
एक स्थानीय निवासी ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए बताया, "मैं काम के सिलसिले में बाहर गया था। जब लौटा तो सब कुछ जलकर राख हो चुका था। अब हमारे पास कुछ भी नहीं बचा है।" इस हादसे के बाद प्रभावित परिवारों के सामने आश्रय और भोजन की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
पंजाबी बाग के डीसीपी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गई थीं। स्थानीय पुलिस ने राहत एवं बचाव कार्य में दमकलकर्मियों का सहयोग किया और इलाके में व्यवस्था बनाए रखी। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच जारी है।
घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। दमकल कर्मियों ने जान की परवाह किए बिना आग बुझाने का अभियान जारी रखा और स्थिति को नियंत्रण में लाया।
लक्ष्मी नगर में ट्रांसफार्मर से फैली आग, 14 फ्लैट प्रभावित
पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर जे एक्सटेंशन इलाके में दोपहर करीब 12:45 बजे एक ट्रांसफार्मर में आग लगने की सूचना मिली। शुरुआत में चार फायर टेंडर भेजे गए, लेकिन जब मौके पर पहुंचकर देखा गया कि आग ट्रांसफार्मर से फैलकर पास की चार इमारतों तक पहुंच गई है, तो स्थिति को अपग्रेड करते हुए कुल आठ दमकल गाड़ियां तैनात की गईं।
सहायक मंडल अधिकारी राजेश कुमार शुक्ला ने मीडिया से बात करते हुए बताया, "शुरुआत में हमें ट्रांसफार्मर में आग लगने की रिपोर्ट करने वाले फोन आए। अलग-अलग जगहों से कई फोन आए और कुछ लोगों ने निजी मोबाइल से भी संपर्क किया। मौके पर पहुंचने के बाद स्थिति की गंभीरता देखते हुए अतिरिक्त गाड़ियां बुलाई गईं। आग पर काबू पा लिया गया है और कारणों की जांच जारी है।"
इस घटना में करीब 14 फ्लैट प्रभावित हुए हैं, हालांकि यहां भी किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
गहरा संदर्भ: दिल्ली में बार-बार क्यों लगती है आग?
दिल्ली में झुग्गी बस्तियों में आग लगने की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हर साल गर्मियों के मौसम में इस तरह की दर्जनों घटनाएं दर्ज होती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे मुख्य कारण हैं — अवैध विद्युत कनेक्शन, ज्वलनशील निर्माण सामग्री से बनी झुग्गियां, और सघन आबादी के बीच अग्निशमन वाहनों की पहुंच में कठिनाई।
लक्ष्मी नगर की घटना एक और गंभीर सवाल उठाती है — पुरानी और जर्जर विद्युत अवसंरचना। दिल्ली के कई इलाकों में दशकों पुराने ट्रांसफार्मर और तारें आज भी सेवा में हैं, जो गर्मियों में अत्यधिक बिजली खपत के दौरान आग का कारण बनते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब अप्रैल-मई की तीव्र गर्मी में दिल्ली में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाती है।
प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और तत्काल राहत के लिए प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, यह आने वाले घंटों में स्पष्ट होगा। दमकल विभाग की जांच रिपोर्ट से आग के वास्तविक कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है।