शास्त्री पार्क फर्नीचर मार्केट में भीषण आग: 25 दमकल गाड़ियाँ मौके पर, करोड़ों का नुकसान
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में स्थित एक फर्नीचर बाज़ार में शुक्रवार देर रात भीषण आग भड़क उठी, जिसने कुछ ही घंटों में दर्जनों दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया और करोड़ों रुपये के माल को जलाकर राख कर दिया। दमकल अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली अग्निशमन सेवा के नियंत्रण कक्ष को रात 11:57 बजे आग की सूचना मिली और रात 1:20 बजे तक करीब 25 दमकल गाड़ियाँ मौके पर पहुँच चुकी थीं। फिलहाल किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।
मुख्य घटनाक्रम
आग तेज़ी से कई फर्नीचर यूनिटों में फैल गई, जिससे पूरे इलाके में घना धुआँ छा गया। दुकानदारों और स्थानीय निवासियों में अफरा-तफरी मच गई। दमकल दल घंटों तक आग पर काबू पाने की कोशिश करते रहे। आग की लपटें इतनी तीव्र थीं कि कई फर्नीचर इकाइयाँ और उनमें रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया।
दमकलकर्मियों पर पथराव, तनावपूर्ण माहौल
दमकल गाड़ियों के देर से पहुँचने से नाराज़ स्थानीय लोगों ने हंगामा किया और कथित तौर पर दमकल वाहनों पर पथराव भी किया। मौके पर मौजूद एक दमकलकर्मी ने कहा, 'लोगों ने हमारे वाहनों को नुकसान पहुँचाया। वे हमें काम नहीं करने दे रहे हैं। आपातकालीन कॉल मिलने के बाद हम यहाँ पहुँचे हैं — यहाँ पुलिस भेजी जानी चाहिए।' यह स्थिति तब और जटिल हो गई जब आग बुझाने का काम बाधित होने लगा।
स्थानीय निवासियों के आरोप
स्थानीय लोगों ने अधिकारियों पर आपात स्थिति में देरी से प्रतिक्रिया देने का आरोप लगाया। एक निवासी ने दावा किया, 'आग पिछले तीन घंटों से भयंकर रूप से लगी हुई थी। शुरुआत में दमकल विभाग नहीं पहुँचा। बाद में दो गाड़ियाँ आईं, लेकिन उनमें से एक में आधा ही पानी था और उसका पाइप भी क्षतिग्रस्त था।' एक अन्य निवासी ने — बिना कोई सबूत पेश किए — यह भी आरोप लगाया कि आग 'जानबूझकर और राजनीतिक कारणों से पूर्व-नियोजित साजिश' के तहत लगाई गई। इस दावे की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जाँच शुरू, FSL टीम मौके पर
फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) और दिल्ली पुलिस की टीमें आग लगने के कारणों की जाँच के लिए घटनास्थल पर पहुँच गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि फोरेंसिक विशेषज्ञ घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर रहे हैं। आग लगने का सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है और जाँच जारी है।
आगे क्या
FSL रिपोर्ट आने के बाद आग की असली वजह सामने आने की उम्मीद है। दुकानदारों के नुकसान के आकलन और मुआवज़े की माँग को लेकर स्थानीय प्रतिनिधियों पर दबाव बढ़ सकता है। दमकल वाहनों पर पथराव की घटना की भी अलग से जाँच हो सकती है।