दिलीप घोष का भगवंत मान और राहुल गांधी पर तंज: 'अब पता चला किसके साथ रहना है'
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने 5 नवंबर 2026 को न्यूटाउन में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हालिया टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी और साथ ही राहुल गांधी, जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर तथा अग्निवीर योजना को लेकर भी कई अहम बयान दिए। घोष ने कहा कि राहुल गांधी की इस टिप्पणी से यह स्पष्ट हो गया है कि अब उन्हें भी 'किसके साथ रहना है और क्या करना है', यह समझ में आ गया है।
राहुल गांधी की टिप्पणी पर घोष की प्रतिक्रिया
भगवंत मान के शराब पीने को लेकर राहुल गांधी के बयान पर दिलीप घोष ने कहा कि भगवंत मान के शराब पीने की बात अब स्पष्ट हो गई है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहज़े में कहा, 'कभी-कभी राहुल गांधी को अचानक ज्ञान प्राप्त होता है और वह इस तरह के बयान दे देते हैं। अब उन्हें भी पता चल गया है कि किसके साथ रहना है और क्या करना है।' घोष ने यह भी कहा कि अगर भविष्य में भगवंत मान राहुल गांधी की किसी रैली या कार्यक्रम में शामिल होते हैं, तो वह स्थिति देखने योग्य होगी।
राहुल गांधी ने क्या कहा था
गौरतलब है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में कहा था कि भगवंत मान का शराब पीना उनका व्यक्तिगत मामला है, लेकिन यदि पंजाब नशे की समस्या से लड़ना चाहता है तो वहाँ का मुख्यमंत्री 'हर शाम नशा नहीं कर सकता।' राहुल ने यह भी कहा था कि युवाओं को नशे में धकेलने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को माफ नहीं किया जा सकता और प्रदेश की जनता इन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी।
प्रशांत किशोर पर घोष के सवाल
बिहार के मुख्यमंत्री को लेकर प्रशांत किशोर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने कहा कि पार्टी ने जिस व्यक्ति को जिम्मेदारी सौंपी है, पूरी सरकार उसके साथ है। उन्होंने प्रशांत किशोर पर सवाल उठाते हुए कहा, 'जब वह इतने बड़े आईआईटीयन थे, तो असफल क्यों रहे और उन्होंने खुद चुनाव क्यों नहीं लड़ा?' घोष की यह टिप्पणी जन सुराज संस्थापक की राजनीतिक साख पर सीधा निशाना थी।
अग्निवीर योजना का समर्थन
अग्निवीर योजना का समर्थन करते हुए दिलीप घोष ने इसे 'दूरदर्शी पहल' बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम हर मुद्दे पर विरोध करना है और इस योजना को लेकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई, लेकिन वह सफल नहीं हुई। घोष के अनुसार सरकार की सोच-समझकर शुरू की गई यह योजना अब सकारात्मक परिणाम दे रही है, युवाओं को रोज़गार के अवसर मिल रहे हैं और कुछ अग्निवीरों को स्थायी पदों पर भी नियुक्ति मिल रही है।
राजनीतिक संदर्भ
यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियाँ तेज़ हो रही हैं और आम आदमी पार्टी (AAP) तथा कांग्रेस के बीच के तनाव सतह पर आ गए हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता दिलीप घोष का यह बयान विपक्षी दलों के आपसी मतभेदों को उजागर करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इन बयानों पर AAP और कांग्रेस की प्रतिक्रिया पंजाब की राजनीतिक दिशा को और स्पष्ट करेगी।