25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिलीप घोष का राहुल गांधी पर प्रहार: 'कुछ भी करें, वनवास खत्म नहीं होगा'; विपक्ष पर हंगामे का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिलीप घोष का राहुल गांधी पर प्रहार: 'कुछ भी करें, वनवास खत्म नहीं होगा'; विपक्ष पर हंगामे का आरोप

सारांश

BJP नेता दिलीप घोष ने कोलकाता में राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वे कुछ भी करें, उनका 'वनवास' खत्म नहीं होगा। साथ ही विपक्ष पर संसद में चर्चा की जगह हंगामे को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया और प्रदर्शनकारियों के विदेशी संबंधों पर भी सवाल उठाए।

मुख्य बातें

BJP नेता दिलीप घोष ने 25 जुलाई को कोलकाता में राहुल गांधी पर निशाना साधा, कहा — 'वनवास समाप्त होने वाला नहीं।' घोष ने दावा किया कि हाल के विरोध प्रदर्शनों में करीब 100 पुलिस अधिकारी घायल हुए, लेकिन राहुल गांधी ने कोई चिंता नहीं जताई।
सोनम वांगचुक का अनशन केंद्रीय मंत्री जे.पी.
नड्डा के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हुआ।
घोष ने पाकिस्तान , नेपाल और बांग्लादेश से प्रदर्शनकारियों के कथित संबंधों पर सवाल उठाए।
विपक्ष पर आरोप — संसद में चर्चा की जगह केवल हंगामे में रुचि।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने 25 जुलाई को कोलकाता में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्ष पर तीखा हमला बोला। घोष ने आरोप लगाया कि विपक्ष का असली मकसद संसद में सार्थक बहस करना नहीं, बल्कि सदन की कार्यवाही को बाधित करना और हंगामा खड़ा करना है।

राहुल गांधी पर सीधा निशाना

दिलीप घोष ने हाल के विरोध प्रदर्शनों का हवाला देते हुए कहा कि उस दौरान करीब 100 पुलिस अधिकारी घायल हुए, लेकिन राहुल गांधी ने उनके प्रति कोई संवेदना नहीं जताई। घोष ने कहा, 'क्या पुलिसकर्मी नागरिक नहीं हैं? अगर उनके समर्थक या गुंडे पिटते हैं, तभी उन्हें चिंता होती है। राहुल गांधी कुछ भी कर लें, लेकिन उनका वनवास समाप्त होने वाला नहीं है।'

सोनम वांगचुक के अनशन पर प्रतिक्रिया

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के संदर्भ में घोष ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा उनसे मिलने पहुँचे और जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के समय से चली आ रही सत्याग्रह की परंपरा का सम्मान करते हुए सरकार के मंत्री वांगचुक से मिले और बातचीत की।

प्रदर्शनों पर विदेशी संबंध का आरोप

देश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर घोष ने दावा किया कि 'हम जानते हैं कि ये लोग किससे प्रेरित हैं और किसके लिए काम कर रहे हैं।' उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन में कुछ लोग राहुल गांधी जैसे नेता बन जाते हैं तो कुछ किसान नेता राकेश टिकैत जैसे, और उनके नारे भी लगभग एक जैसे होते हैं। घोष ने यह भी दावा किया कि कभी-कभी पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से भी इसी तरह की आवाज़ें सुनाई देती हैं, जिससे यह सवाल उठता है कि इन लोगों के संबंध कहाँ तक जुड़े हैं।

संसद गतिरोध पर विपक्ष को घेरा

संसद में जारी गतिरोध पर घोष ने कहा कि सरकार लगातार विपक्ष से सदन में आकर चर्चा करने की अपील कर रही है, लेकिन विपक्ष इसमें कोई रुचि नहीं दिखा रहा। उनके अनुसार विपक्ष का उद्देश्य केवल सदन की कार्यवाही बाधित करना है, न कि किसी मुद्दे पर गंभीर बहस करना। यह ऐसे समय में आया है जब संसद के मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा लंबित है।

आगे क्या

घोष की इन टिप्पणियों से BJP और विपक्ष के बीच तकरार और गहरी होने की संभावना है। गौरतलब है कि संसद के मानसून सत्र में बार-बार हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही प्रभावित हो रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दोनों पक्षों के बीच यह टकराव सत्र के बाकी हिस्से में भी जारी रह सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो हिंदी भाषी मतदाताओं में एक विशेष भावनात्मक प्रतिक्रिया उत्पन्न करता है। हालाँकि, प्रदर्शनकारियों के पाकिस्तान-नेपाल-बांग्लादेश से संबंधों का दावा बिना किसी साक्ष्य के किया गया है, जो इस बयान की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है। मुख्यधारा की कवरेज इस बयान को महज़ 'राजनीतिक हमले' के रूप में पेश कर रही है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या BJP की यह 'वनवास' कथा 2026 के चुनावी माहौल में राहुल गांधी की बढ़ती सक्रियता को रोक पाएगी।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप घोष ने राहुल गांधी के बारे में क्या कहा?
दिलीप घोष ने 25 जुलाई को कोलकाता में कहा कि राहुल गांधी कुछ भी कर लें, उनका 'वनवास' समाप्त होने वाला नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हाल के प्रदर्शनों में घायल हुए करीब 100 पुलिस अधिकारियों के प्रति राहुल गांधी ने कोई संवेदना नहीं जताई।
सोनम वांगचुक के अनशन के बारे में दिलीप घोष ने क्या कहा?
घोष ने बताया कि सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बाद केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा उनसे मिलने पहुँचे और जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। उन्होंने इसे महात्मा गांधी के समय से चली आ रही सत्याग्रह की परंपरा के सम्मान में उठाया गया कदम बताया।
दिलीप घोष ने विपक्ष पर संसद को लेकर क्या आरोप लगाए?
घोष ने कहा कि सरकार विपक्ष को बार-बार सदन में आकर चर्चा करने के लिए आमंत्रित कर रही है, लेकिन विपक्ष की रुचि बहस में नहीं, केवल हंगामे में है। उनके अनुसार विपक्ष का उद्देश्य संसद की कार्यवाही बाधित करना है।
दिलीप घोष ने प्रदर्शनकारियों के विदेशी संबंधों पर क्या कहा?
घोष ने दावा किया कि कभी-कभी पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से भी इन प्रदर्शनों जैसी आवाज़ें सुनाई देती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इन प्रदर्शनकारियों के संबंध कहाँ तक जुड़े हुए हैं, हालाँकि उन्होंने कोई ठोस साक्ष्य नहीं दिया।
दिलीप घोष कौन हैं और यह बयान क्यों अहम है?
दिलीप घोष भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री हैं। उनका यह बयान संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच आया है, जो BJP और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले