12 अगस्त 2026
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दिलीप घोष का राहुल गांधी पर सीधा वार: 'झारखंड क्यों नहीं गए, पीछे से नहीं लड़ी जाती लड़ाई'

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दिलीप घोष का राहुल गांधी पर सीधा वार: 'झारखंड क्यों नहीं गए, पीछे से नहीं लड़ी जाती लड़ाई'

सारांश

BJP नेता दिलीप घोष ने राहुल गांधी को सीधी चुनौती दी — झारखंड न जाने पर सवाल उठाए और कहा कि विपक्ष के नेता को मैदान में उतरना होगा। साथ ही ममता बनर्जी पर कथित भ्रष्टाचार और आरजी कर प्रकरण को लेकर निशाना साधा।

मुख्य बातें

दिलीप घोष ने 12 अगस्त को उत्तर 24 परगना में राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला।
घोष ने राहुल गांधी के झारखंड न जाने पर सवाल उठाया, कहा — 'हिम्मत होती तो झारखंड भी जाते।' विपक्ष के नेता की ज़िम्मेदारी पर घोष का कहना — 'लड़ाई पीछे से नहीं लड़ी जाती, संसद में आगे आएँ।' ममता बनर्जी पर हज़ारों करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार और आरजी कर अस्पताल प्रकरण को लेकर गंभीर आरोप।
राज्य में तिरंगा यात्रा और बड़ी रैलियों के ज़रिये BJP की राजनीतिक सक्रियता तेज़।

पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने 12 अगस्त 2026 को उत्तर 24 परगना में कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। घोष ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कठिन परिस्थितियों में मैदान में उतरने की बजाय दिल्ली में बैठकर बयानबाज़ी करते हैं।

मुख्य आरोप: झारखंड न जाने पर सवाल

घोष ने राहुल गांधी के झारखंड न पहुँचने को लेकर सीधे निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी कभी किसी का सामना नहीं करते और न ही आगे आते हैं। उनमें हिम्मत की कमी है। अगर उनमें हिम्मत होती, तो वे सिर्फ दिल्ली में जेन जी के पास नहीं जाते बल्कि झारखंड भी जाते।' घोष का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष की भूमिका और उपस्थिति को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है।

विपक्ष की ज़िम्मेदारी पर घोष का रुख

घोष ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में विपक्ष के नेता को बोलने का पूरा अधिकार है, लेकिन उनकी ज़िम्मेदारी केवल बयान देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता को संसद में आगे आकर सरकार से सवाल पूछने, अपनी बात रखने और मुद्दों पर बहस करने की ज़रूरत है। उनका सीधा संदेश था — 'लड़ाई पीछे से नहीं लड़ी जाती।'

ममता बनर्जी पर भी निशाना

घोष ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में हज़ारों करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार और आरजी कर अस्पताल की घटना को लेकर मुख्यमंत्री को जनता और विपक्ष की आलोचना का सामना करना पड़ा है। घोष ने कहा कि ममता बनर्जी को यह नहीं मान लेना चाहिए कि वे हमेशा चुनाव जीतती रहेंगी, क्योंकि राज्य की जनता के बीच बदलाव की भावना दिखाई दे रही है।

तिरंगा यात्रा और राजनीतिक गतिविधि

घोष ने उत्तर 24 परगना में पश्चिम बंगाल के शहरों, गाँवों और अन्य इलाकों में उत्साह के साथ निकाली जा रही तिरंगा यात्राओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में सरकार की ओर से भी क्षेत्र में बड़ी रैलियों का आयोजन किया गया। गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस से पहले राज्य में राजनीतिक सक्रियता तेज़ हो गई है।

आगे की राजनीतिक तस्वीर

दिलीप घोष के इस हमले को पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की बढ़ती आक्रामकता के संदर्भ में देखा जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि आरजी कर प्रकरण और कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए राजनीतिक चुनौती बनते जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ आरजी कर प्रकरण और कथित भ्रष्टाचार के सवाल उनकी अपनी सरकार पर भी उठते रहे हैं। ममता बनर्जी पर 'बदलाव की भावना' का दावा BJP के लिए राज्य में ज़मीन तलाशने की कोशिश को दर्शाता है, जहाँ वह लगातार कमज़ोर रही है। असली सवाल यह है कि क्या इस तरह की बयानबाज़ी जनता के वास्तविक मुद्दों — भ्रष्टाचार, स्वास्थ्य सेवा, सुरक्षा — पर ध्यान दिलाती है, या केवल राजनीतिक शोर बढ़ाती है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप घोष ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
घोष ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कठिन परिस्थितियों में मैदान में नहीं उतरते और दिल्ली में बैठकर बयानबाज़ी करते हैं। उन्होंने विशेष रूप से राहुल के झारखंड न जाने पर सवाल उठाया और कहा कि 'लड़ाई पीछे से नहीं लड़ी जाती।'
घोष ने ममता बनर्जी पर क्या कहा?
घोष ने ममता बनर्जी पर हज़ारों करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार और आरजी कर अस्पताल प्रकरण को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता में बदलाव की भावना है और ममता को यह नहीं मान लेना चाहिए कि वे हमेशा चुनाव जीतती रहेंगी।
दिलीप घोष का यह बयान किस संदर्भ में आया?
यह बयान 12 अगस्त को उत्तर 24 परगना में तिरंगा यात्रा और BJP रैलियों के दौरान आया। स्वतंत्रता दिवस से पहले पश्चिम बंगाल में राजनीतिक सक्रियता तेज़ हो गई है और BJP-TMC के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।
राहुल गांधी की विपक्ष के नेता के रूप में भूमिका पर घोष का क्या कहना है?
घोष ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष के नेता को बोलने का अधिकार है, लेकिन उनकी ज़िम्मेदारी केवल बयान देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्हें संसद में आगे आकर सरकार से सवाल पूछने और मुद्दों पर बहस करनी चाहिए।
पश्चिम बंगाल में आरजी कर अस्पताल प्रकरण क्या है?
आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, कोलकाता से जुड़ा यह प्रकरण राज्य में TMC सरकार के लिए एक बड़ा राजनीतिक विवाद बन चुका है। घोष ने इसे ममता बनर्जी की सरकार की विफलता के उदाहरण के रूप में उद्धृत किया।
राष्ट्र प्रेस
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