सेंसेक्स 1,600 अंक से ज्यादा उछला, निफ्टी 24,391 के हाई पर; अमेरिकी चुनाव और सस्ते क्रूड से रैली
सारांश
मुख्य बातें
बीएसई सेंसेक्स गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को शुरुआती कारोबार में 1,609.54 अंक यानी 2.08 प्रतिशत की जोरदार बढ़त के साथ 78,910.94 पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 50 417.45 अंक या 1.74 प्रतिशत उछलकर 24,378.05 के स्तर पर आ गया। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट ने भारतीय बाजारों को यह मजबूत गति दी।
इंट्रा-डे हाई और सेक्टोरल प्रदर्शन
दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 2.09 प्रतिशत की तेजी के साथ 78,922.44 का इंट्रा-डे उच्चतम स्तर छुआ, वहीं निफ्टी ने 1.80 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,391.95 का दिन का हाई दर्ज किया।
सेक्टोरल आधार पर वित्तीय शेयरों में सबसे अधिक तेजी देखी गई। निफ्टी प्राइवेट बैंक सूचकांक 2 प्रतिशत से अधिक चढ़ा, जबकि निफ्टी रियल्टी में 1.86 प्रतिशत की बढ़त रही। सीमेंट, ऑटो, आईटी, ऑयल एंड गैस और पीएसयू बैंक शेयरों में भी 1.8 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।
एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल, मीडिया और केमिकल सेक्टर के शेयर भी हरे निशान में रहे और इनमें 1 से 1.5 प्रतिशत तक की बढ़त आई। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले कई सत्रों में बाजार दबाव में था।
तकनीकी संकेत और विशेषज्ञ राय
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी अपने 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 23,904 के ऊपर बना हुआ है, जो तकनीकी दृष्टि से एक मजबूत तेजी का संकेत माना जाता है। आरएसआई (RSI) बढ़कर 68.55 पर पहुँच गया है, जो बाजार में मजबूत गति को दर्शाता है। हालाँकि, विशेषज्ञों ने निकट अवधि में मुनाफावसूली की संभावना से इनकार नहीं किया।
विश्लेषकों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,000 से 24,200 का स्तर निकटतम समर्थन क्षेत्र है, जबकि 24,500 से 24,700 का दायरा महत्वपूर्ण प्रतिरोध क्षेत्र बताया जा रहा है।
वैश्विक बाजारों का असर
डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 3 प्रतिशत से अधिक उछला, जिसे चार दशकों में मध्यावधि चुनावों के बाद का सबसे मजबूत प्रदर्शन बताया जा रहा है। एसएंडपी 500 और नैस्डैक कंपोजिट में भी 1.4 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। निवेशकों ने अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेटिक पार्टी की स्पष्ट जीत के बाद राजनीतिक अनिश्चितता कम होने पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
ऊर्जा बाजार में ब्रेंट क्रूड लगभग 10 प्रतिशत गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे बंद हुआ। अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड घटकर करीब 4.89 प्रतिशत पर आ गई, जिससे वैश्विक जोखिमपूर्ण परिसंपत्ति वर्गों को व्यापक समर्थन मिला।
एफआईआई और डीआईआई की गतिविधि
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बुधवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में खरीदारी जारी रखते हुए ₹7,284 करोड़ के शेयर खरीदे। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) लगातार चौथे दिन शुद्ध विक्रेता रहे और उन्होंने ₹3,712 करोड़ की बिकवाली की।
गौरतलब है कि एफआईआई की यह निरंतर वापसी भारतीय बाजारों के लिए एक महत्वपूर्ण सकारात्मक संकेत है, क्योंकि पिछले कुछ महीनों में विदेशी निवेशकों की निकासी बाजार पर दबाव बनाए हुए थी।
आगे क्या होगा
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी चुनाव परिणामों पर शुरुआती सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद निवेशकों का ध्यान अमेरिकी राजनीतिक और नीतिगत दिशा पर केंद्रित होगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कांग्रेस के बीच संभावित राजनीतिक टकराव को भविष्य में बाजारों के लिए एक प्रमुख विषय माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की गिरती कीमतें, कमजोर अमेरिकी डॉलर, विदेशी निवेशकों की वापसी और भू-राजनीतिक तनाव में कमी यदि जारी रहे, तो भारतीय बाजारों की तेजी और मजबूत हो सकती है।