5 नवंबर 2026
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हकीम जेफ्रीज ने हाउस स्पीकर पद की दावेदारी पेश की, अमेरिका के पहले अश्वेत स्पीकर बनने की ओर बड़ा कदम

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हकीम जेफ्रीज ने हाउस स्पीकर पद की दावेदारी पेश की, अमेरिका के पहले अश्वेत स्पीकर बनने की ओर बड़ा कदम

सारांश

हकीम जेफ्रीज ने अमेरिकी इतिहास में पहले अश्वेत हाउस स्पीकर बनने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उनके एजेंडे में ट्रंप टैरिफ खत्म करना और कार्यकारी शाखा पर अंकुश शामिल है — जो भारतीय निर्यातकों और एच-1बी धारकों के लिए भी अहम है।

मुख्य बातें

हकीम जेफ्रीज ने 5 नवंबर 2026 को औपचारिक रूप से 120वीं कांग्रेस के हाउस स्पीकर पद के लिए उम्मीदवारी घोषित की।
चुने जाने पर वह अमेरिकी इतिहास के पहले अश्वेत हाउस स्पीकर बनेंगे और 57वें स्पीकर का पद संभालेंगे।
उन्होंने पहले 100 दिनों में ट्रंप टैरिफ खत्म करने , मेडिकेड कटौती पलटने और 'अफोर्डेबल केयर एक्ट' टैक्स क्रेडिट बढ़ाने का वादा किया।
हाउस डेमोक्रेट्स कम से कम 255 सीटें जीतने की राह पर हैं, जो बहुमत से अधिक है।
भारतीय एच-1बी वीज़ा धारकों और निर्यातकों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण हो सकता है, हालाँकि पत्र में भारत का सीधा उल्लेख नहीं।
रिपब्लिकन खेमे में स्टीव स्केलिस और जिम जॉर्डन अल्पसंख्यक नेता पद की दौड़ में हैं; माइक जॉनसन चुनाव नहीं लड़ेंगे।

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हकीम जेफ्रीज ने 5 नवंबर 2026 को औपचारिक रूप से अगले हाउस स्पीकर पद के लिए अपनी उम्मीदवारी घोषित कर दी — यह कदम डेमोक्रेट्स द्वारा कांग्रेस पर नियंत्रण हासिल करने के ठीक एक दिन बाद उठाया गया। यदि वह चुने जाते हैं, तो न्यूयॉर्क के यह डेमोक्रेट नेता अमेरिकी इतिहास के पहले अश्वेत हाउस स्पीकर बनेंगे — एक ऐतिहासिक मील का पत्थर।

उम्मीदवारी की घोषणा और 'डियर कलीग' पत्र

जेफ्रीज ने आने वाली 120वीं कांग्रेस के सदस्यों को एक 'प्रिय सहयोगी' पत्र लिखा, जिसे बुधवार को उनके कार्यालय ने जारी किया। इस पत्र में उन्होंने यूनाइटेड स्टेट्स हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के 57वें स्पीकर के रूप में सेवा करने के लिए सहयोगियों का समर्थन विनम्रतापूर्वक माँगा।

पत्र में उन्होंने लिखा, 'हमें अब वह बड़ा बदलाव लाना होगा जिसकी अमेरिकी जनता भारी संख्या में मांग कर रही है।' जेफ्रीज ने यह भी कहा कि बुधवार देर रात एक्स पर पोस्ट करते हुए हाउस डेमोक्रेट्स कम से कम 255 सीटें जीतने की राह पर हैं।

तीन प्रमुख एजेंडे: महंगाई, जवाबदेही और अमेरिकी मूल्य

जेफ्रीज ने अपनी पार्टी के सामने तीन प्राथमिक मोर्चे रखे हैं। पहला — आम लोगों की रोज़मर्रा की महंगाई और बढ़ते खर्च से राहत दिलाना। दूसरा — जवाबदेही, यानी सत्ता में बैठे लोगों से उनके फैसलों का हिसाब लेना। तीसरा — अमेरिकी मूल्यों की रक्षा, जिसे वह देश की पहचान के लिए अनिवार्य मानते हैं।

व्यापार के मोर्चे पर उन्होंने बढ़ती लागत के लिए 'ट्रंप के टैरिफ और ईरान में युद्ध जैसी जीओपी (रिपब्लिकन पार्टी) की हानिकारक नीतियों' को जिम्मेदार ठहराया।

ट्रंप टैरिफ खत्म करने और प्रशासन पर अंकुश का वादा

जेफ्रीज ने पत्र में स्पष्ट किया कि पहले 100 दिनों में हाउस डेमोक्रेट्स मेडिकेड में की गई कटौती को पलटने, स्नैप फंडिंग बहाल करने, 'अफोर्डेबल केयर एक्ट' के तहत टैक्स क्रेडिट बढ़ाने, ट्रंप के टैरिफ खत्म करने और ईरान में छेड़े गए युद्ध को रोकने के लिए कदम उठाएँगे।

निगरानी के मुद्दे पर उन्होंने कहा, 'अब वे दिन लद गए हैं जब हाउस ट्रंप प्रशासन की एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई की तरह काम करता था। कांग्रेस अब नियंत्रण से बाहर हो चुकी कार्यकारी शाखा पर एक चेक एंड बैलेंस के रूप में अपनी भूमिका निभाएगी।'

आप्रवासन पर उन्होंने कहा कि हाउस डेमोक्रेट्स ने 'डोनाल्ड ट्रंप की लोगों को बड़े पैमाने पर और जबरन देश से बाहर निकालने की मशीन के लिए करदाताओं का पैसा देने से इनकार' किया है, क्योंकि उनका मानना है कि आप्रवासन कानूनों का पालन 'निष्पक्ष, न्यायपूर्ण और मानवीय तरीके से' होना चाहिए।

भारत और भारतीय-अमेरिकी समुदाय पर असर

जेफ्रीज के पत्र में भारत, एच-1बी वीज़ा या कानूनी आप्रवासन का सीधा उल्लेख नहीं किया गया है। हालाँकि, टैरिफ से जुड़ा उनका वादा भारतीय निर्यातकों के लिए सर्वाधिक प्रासंगिक है — एक डेमोक्रेटिक हाउस समितियों के ज़रिये सुनवाई और कानून के माध्यम से प्रशासन के व्यापार उपायों की जांच कर सकता है।

गौरतलब है कि भारतीय नागरिक एच-1बी कार्यक्रम के सबसे बड़े उपयोगकर्ता हैं और रोज़गार आधारित ग्रीन कार्ड के लंबित मामलों में उनका बड़ा हिस्सा है। इसलिए उच्च-कुशल आप्रवासन विधेयकों पर समिति अध्यक्षों के निर्णयों पर भारतीय-अमेरिकी समुदाय की कड़ी नज़र रहेगी। मंगलवार को छठी बार चुने गए डेमोक्रेट रो खन्ना की सह-अध्यक्षता वाली 'इंडिया एंड इंडियन अमेरिकन कांग्रेसनल कॉकस' अब 2022 के बाद पहली बार बहुमत वाले डेमोक्रेटिक सदन में काम करेगी।

रिपब्लिकन खेमे में उठापटक, अल्पसंख्यक नेता पद की होड़

जेफ्रीज की उम्मीदवारी ऐसे समय में आई है जब रिपब्लिकन खेमे में भी नेतृत्व को लेकर हलचल है। वर्तमान स्पीकर माइक जॉनसन ने अपने कर्मचारियों को बताया है कि वह नई कांग्रेस में अल्पसंख्यक नेता पद के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे। स्टीव स्केलिस और न्यायपालिका समिति के अध्यक्ष जिम जॉर्डन दोनों ने अपने सहयोगियों से कहा है कि वे इस पद के इच्छुक हैं।

हालाँकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि टैरिफ कम करने वाले किसी भी विधेयक को सीनेट से पारित होना होगा और राष्ट्रपति ट्रंप के संभावित वीटो का सामना करना पड़ेगा — जो जेफ्रीज के एजेंडे की सबसे बड़ी व्यावहारिक बाधा है। इस पृष्ठभूमि में जेफ्रीज का स्पीकर बनना महज एक ऐतिहासिक उपलब्धि नहीं, बल्कि अमेरिकी नीति की दिशा बदलने की एक कोशिश होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उनके एजेंडे की सबसे बड़ी परीक्षा व्यावहारिकता की है — ट्रंप टैरिफ खत्म करने के लिए सीनेट का सहयोग और राष्ट्रपति का हस्ताक्षर दोनों ज़रूरी हैं, जो फिलहाल संभव नहीं दिखता। एक डेमोक्रेटिक हाउस की असली ताकत कानून बनाने में कम, जाँच-सुनवाई और एजेंडा-सेटिंग में अधिक होगी। भारत के लिए यह संरचनात्मक बदलाव एच-1बी और हरित कार्ड बैकलॉग जैसे मुद्दों पर सुनवाई की संभावना खोलता है — हालाँकि जेफ्रीज के पत्र में इसका कोई ज़िक्र नहीं, जो खुद में एक संकेत है।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हकीम जेफ्रीज कौन हैं और वह क्यों चर्चा में हैं?
हकीम जेफ्रीज न्यूयॉर्क से डेमोक्रेटिक नेता और अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में अपनी पार्टी के शीर्ष नेता हैं। उन्होंने 5 नवंबर 2026 को हाउस स्पीकर पद के लिए उम्मीदवारी घोषित की है और चुने जाने पर वह अमेरिकी इतिहास के पहले अश्वेत हाउस स्पीकर बनेंगे।
जेफ्रीज ने ट्रंप टैरिफ पर क्या वादा किया है?
जेफ्रीज ने अपने 'प्रिय सहयोगी' पत्र में कहा है कि पहले 100 दिनों में हाउस डेमोक्रेट्स ट्रंप के टैरिफ को खत्म करने के लिए कदम उठाएँगे। उन्होंने बढ़ती महंगाई के लिए इन्हीं टैरिफ और रिपब्लिकन नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है।
इस बदलाव का भारत और भारतीय-अमेरिकियों पर क्या असर होगा?
जेफ्रीज के पत्र में भारत या एच-1बी वीज़ा का सीधा उल्लेख नहीं है, लेकिन एक डेमोक्रेटिक हाउस भारतीय निर्यात को प्रभावित करने वाले टैरिफ उपायों की जाँच कर सकता है। भारतीय एच-1बी धारक और ग्रीन कार्ड आवेदक भी उच्च-कुशल आप्रवासन विधेयकों पर समिति अध्यक्षों के फैसलों पर नज़र रखेंगे।
क्या जेफ्रीज के एजेंडे को लागू करना आसान होगा?
नहीं — टैरिफ घटाने या मेडिकेड कटौती पलटने वाले किसी भी विधेयक को सीनेट से पारित होना होगा और राष्ट्रपति ट्रंप के वीटो का सामना करना पड़ेगा। एक डेमोक्रेटिक हाउस की व्यावहारिक ताकत मुख्यतः जाँच-सुनवाई और एजेंडा-निर्धारण में होगी, कानून निर्माण में कम।
रिपब्लिकन खेमे में नेतृत्व को लेकर क्या स्थिति है?
वर्तमान स्पीकर माइक जॉनसन ने घोषणा की है कि वह नई कांग्रेस में अल्पसंख्यक नेता पद के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे। स्टीव स्केलिस और न्यायपालिका समिति के अध्यक्ष जिम जॉर्डन दोनों इस पद की दौड़ में बताए जा रहे हैं।
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