उत्तराखंड चुनाव 2027: उत्तरकाशी की तीन सीटों पर 2022 में BJP ने 2, निर्दलीय ने 1 पर जमाया था कब्जा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच उत्तरकाशी जिले की तीन विधानसभा सीटें — पुरोला (सुरक्षित), गंगोत्री और यमुनोत्री — एक बार फिर राजनीतिक दलों के निशाने पर हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में इन तीन सीटों में से दो पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जीत दर्ज की थी, जबकि एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी ने सबको चौंकाते हुए बाजी मारी थी। अब BJP तीनों सीटों पर एकछत्र वर्चस्व स्थापित करने की रणनीति में जुट गई है।
उत्तरकाशी: सीमावर्ती जिले की सियासी अहमियत
उत्तरकाशी देश का एक अतिसंवेदनशील और महत्वपूर्ण सीमावर्ती जिला है। भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण इस क्षेत्र में तीनों विधानसभा सीटें टिहरी गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपनी-अपनी जमीन मजबूत करने में लगे हैं।
पुरोला (सुरक्षित): BJP की निर्णायक जीत
पुरोला (सुरक्षित) सीट पर 2022 में BJP के उम्मीदवार दुर्गेश्वर लाल ने कांग्रेस के उम्मीदवार मालचंद को 6,296 मतों के अंतर से पराजित किया था। दुर्गेश्वर लाल को 27,856 वोट मिले, जबकि मालचंद को 21,560 वोट प्राप्त हुए। तीसरे स्थान पर रहे आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रकाश कुमार को मात्र 538 वोट मिले थे, जो दर्शाता है कि इस सीट पर मुख्य मुकाबला BJP और कांग्रेस के बीच ही था।
यमुनोत्री: निर्दलीय की ऐतिहासिक जीत ने सबको चौंकाया
यमुनोत्री सीट का 2022 का चुनाव परिणाम सर्वाधिक चर्चित रहा, क्योंकि यहाँ से निर्दलीय उम्मीदवार संजय डोभाल ने जीत हासिल की। डोभाल ने कांग्रेस के दीपक बिजलवान को 6,639 मतों के अंतर से शिकस्त दी। संजय डोभाल को 22,952 वोट मिले, जबकि दीपक बिजलवान को 16,313 वोट और BJP उम्मीदवार केदार सिंह रावत को 10,620 वोट प्राप्त हुए। गौरतलब है कि यमुनोत्री के मतदाताओं ने ऐतिहासिक रूप से हर बार नए चेहरे को वरीयता दी है — यहाँ पार्टी की बजाय व्यक्तिगत प्रभाव और छवि निर्णायक भूमिका निभाती है।
गंगोत्री: जिले की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट
गंगोत्री को उत्तराखंड की सबसे हाई-प्रोफाइल विधानसभा सीटों में गिना जाता है। 2022 में यहाँ BJP के सुरेश सिंह चौहान ने कांग्रेस के विजयपाल सिंह सजवान को 8,029 मतों के बड़े अंतर से हराया था। चौहान को 29,619 वोट और सजवान को 21,590 वोट मिले। AAP के प्रत्याशी कर्नल अजय कोठियाल 6,161 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे। यह नतीजा BJP के लिए इस सीट पर मजबूत पकड़ का संकेत देता है।
2027 में क्या होगा आगे
तीनों सीटों के 2022 के नतीजों को देखें तो BJP दो सीटों पर ठोस बहुमत से जीती थी, लेकिन यमुनोत्री का अनुभव बताता है कि मतदाताओं का मिजाज अप्रत्याशित हो सकता है। 2027 में BJP की कोशिश तीनों सीटें जीतने की होगी, जबकि कांग्रेस को अपनी वापसी के लिए कम से कम एक सीट पर मजबूत उम्मीदवार उतारना होगा। यमुनोत्री पर निर्दलीय समीकरण एक बार फिर खेल बिगाड़ सकता है।