बलरामपुर की 4 विधानसभा सीटें 2022: भाजपा ने 3 पर जमाया कब्जा, गैंसड़ी में सपा की जीत
सारांश
मुख्य बातें
बलरामपुर जिले की चार विधानसभा सीटों — उतरौला, गैंसड़ी, बलरामपुर सदर और तुलसीपुर — पर 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीन सीटें जीतीं, जबकि गैंसड़ी सीट समाजवादी पार्टी (सपा) के खाते में गई। नेपाल की सीमा से सटे इस तराई जिले में भाजपा और सपा के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जहाँ 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण एक बार फिर चर्चा में हैं।
बलरामपुर: धार्मिक और राजनीतिक महत्व
बलरामपुर हिमालय पर्वत शृंखला की तराई में बसा उत्तर प्रदेश का एक ऐतिहासिक जिला है। तुलसीपुर तहसील स्थित देवीपाटन मंदिर इसे धार्मिक दृष्टि से विशेष पहचान देता है। राजनीतिक इतिहास की बात करें तो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने बलरामपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी, जो इस क्षेत्र के राष्ट्रीय राजनीति में महत्व को रेखांकित करता है।
उतरौला: भाजपा की बड़ी जीत
उतरौला विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी रामप्रताप वर्मा उर्फ शशिकांत वर्मा ने 87,162 वोट प्राप्त करते हुए सपा प्रत्याशी हसीब खान को 21,769 मतों के अंतर से पराजित किया। हसीब खान को 65,393 वोट मिले। कांग्रेस प्रत्याशी धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धीरू सिंह 12,944 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे, जबकि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) की प्रत्याशी बबीता को 12,303 वोट मिले।
विकास कार्य, रोजगार, कानून-व्यवस्था, किसान मुद्दे और जातीय समीकरण इस सीट पर चुनाव के प्रमुख विषय रहे।
गैंसड़ी: सपा की एकमात्र जीत, सबसे करीबी मुकाबला
गैंसड़ी विधानसभा सीट पर सपा प्रत्याशी राकेश कुमार यादव ने भाजपा के शैलेश कुमार सिंह शैलू को मात्र 5,837 वोटों के अंतर से हराया। यह जिले की चारों सीटों में सबसे करीबी मुकाबला रहा। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने भी यहाँ उल्लेखनीय मत हासिल किए, लेकिन मुख्य द्वंद्व भाजपा और सपा के बीच ही रहा। इस जीत के साथ सपा ने बलरामपुर जिले में अपना एकमात्र खाता खोला।
बलरामपुर सदर और तुलसीपुर: भाजपा का दबदबा
बलरामपुर सदर विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी पलटू राम ने 1,01,146 वोट प्राप्त कर सपा प्रत्याशी जग्राम पासवान को 10,971 मतों के अंतर से पराजित किया। जग्राम पासवान को 90,175 वोट मिले। बसपा प्रत्याशी हरि राम 5,371 वोट पाकर तीसरे और कांग्रेस प्रत्याशी कुतुबुद्दीन खान डायमंड 2,576 वोट के साथ चौथे स्थान पर रहे।
तुलसीपुर विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी कैलाश नाथ शुक्ला ने सबसे बड़ी जीत दर्ज की। उन्होंने सपा प्रत्याशी मसूद आलम को 35,781 वोटों के बड़े अंतर से हराया। शुक्ला को 87,032 वोट मिले, जबकि मसूद आलम को 42,815 मत प्राप्त हुए। बसपा प्रत्याशी भुवन प्रताप सिंह को 8,118, कांग्रेस के दीपेंद्र सिंह दीपांकर को 4,171 और आम आदमी पार्टी (AAP) के हिदायतुल्लाह शाह को 761 वोट मिले। तुलसीपुर में ब्राह्मण और मुस्लिम मतदाताओं की महत्वपूर्ण संख्या है, जिससे जातीय समीकरण यहाँ चुनावी नतीजों पर गहरा असर डालते हैं।
2027 से पहले क्या होगा आगे
गौरतलब है कि 2022 के नतीजों में बलरामपुर जिले की सबसे बड़ी जीत तुलसीपुर में 35,781 वोट के अंतर से रही, जबकि सबसे करीबी मुकाबला गैंसड़ी में केवल 5,837 वोट के अंतर पर सिमटा। 2027 के विधानसभा चुनाव में गैंसड़ी सीट फिर से सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी सीट के रूप में उभरने की संभावना है, जहाँ भाजपा अपनी खोई हुई सीट वापस पाने की कोशिश करेगी और सपा अपना गढ़ बनाए रखना चाहेगी।