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बलरामपुर की 4 विधानसभा सीटें 2022: भाजपा ने 3 पर जमाया कब्जा, गैंसड़ी में सपा की जीत

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बलरामपुर की 4 विधानसभा सीटें 2022: भाजपा ने 3 पर जमाया कब्जा, गैंसड़ी में सपा की जीत

सारांश

2022 में बलरामपुर जिले की 4 में से 3 सीटें भाजपा के पास गईं, लेकिन गैंसड़ी में सपा ने मात्र 5,837 वोट के फर्क से पैठ बनाई। 2027 से पहले यही करीबी सीट सबसे बड़ी राजनीतिक लड़ाई का मैदान बनेगी।

मुख्य बातें

2022 विधानसभा चुनाव में बलरामपुर जिले की 4 सीटों में से 3 पर भाजपा और 1 पर सपा ने जीत दर्ज की।
तुलसीपुर में भाजपा के कैलाश नाथ शुक्ला ने 35,781 वोट के सबसे बड़े अंतर से जीत हासिल की।
गैंसड़ी में सपा के राकेश कुमार यादव ने भाजपा को 5,837 वोट के न्यूनतम अंतर से हराया — जिले का सबसे करीबी मुकाबला।
बलरामपुर सदर में भाजपा के पलटू राम को 1,01,146 वोट मिले, सपा के जग्राम पासवान को 90,175 ।
उतरौला में भाजपा के रामप्रताप वर्मा ने 87,162 वोट से सपा को 21,769 मतों के अंतर से हराया।

बलरामपुर जिले की चार विधानसभा सीटों — उतरौला, गैंसड़ी, बलरामपुर सदर और तुलसीपुर — पर 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीन सीटें जीतीं, जबकि गैंसड़ी सीट समाजवादी पार्टी (सपा) के खाते में गई। नेपाल की सीमा से सटे इस तराई जिले में भाजपा और सपा के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जहाँ 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण एक बार फिर चर्चा में हैं।

बलरामपुर: धार्मिक और राजनीतिक महत्व

बलरामपुर हिमालय पर्वत शृंखला की तराई में बसा उत्तर प्रदेश का एक ऐतिहासिक जिला है। तुलसीपुर तहसील स्थित देवीपाटन मंदिर इसे धार्मिक दृष्टि से विशेष पहचान देता है। राजनीतिक इतिहास की बात करें तो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने बलरामपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी, जो इस क्षेत्र के राष्ट्रीय राजनीति में महत्व को रेखांकित करता है।

उतरौला: भाजपा की बड़ी जीत

उतरौला विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी रामप्रताप वर्मा उर्फ शशिकांत वर्मा ने 87,162 वोट प्राप्त करते हुए सपा प्रत्याशी हसीब खान को 21,769 मतों के अंतर से पराजित किया। हसीब खान को 65,393 वोट मिले। कांग्रेस प्रत्याशी धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धीरू सिंह 12,944 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे, जबकि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) की प्रत्याशी बबीता को 12,303 वोट मिले।

विकास कार्य, रोजगार, कानून-व्यवस्था, किसान मुद्दे और जातीय समीकरण इस सीट पर चुनाव के प्रमुख विषय रहे।

गैंसड़ी: सपा की एकमात्र जीत, सबसे करीबी मुकाबला

गैंसड़ी विधानसभा सीट पर सपा प्रत्याशी राकेश कुमार यादव ने भाजपा के शैलेश कुमार सिंह शैलू को मात्र 5,837 वोटों के अंतर से हराया। यह जिले की चारों सीटों में सबसे करीबी मुकाबला रहा। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने भी यहाँ उल्लेखनीय मत हासिल किए, लेकिन मुख्य द्वंद्व भाजपा और सपा के बीच ही रहा। इस जीत के साथ सपा ने बलरामपुर जिले में अपना एकमात्र खाता खोला।

बलरामपुर सदर और तुलसीपुर: भाजपा का दबदबा

बलरामपुर सदर विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी पलटू राम ने 1,01,146 वोट प्राप्त कर सपा प्रत्याशी जग्राम पासवान को 10,971 मतों के अंतर से पराजित किया। जग्राम पासवान को 90,175 वोट मिले। बसपा प्रत्याशी हरि राम 5,371 वोट पाकर तीसरे और कांग्रेस प्रत्याशी कुतुबुद्दीन खान डायमंड 2,576 वोट के साथ चौथे स्थान पर रहे।

तुलसीपुर विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी कैलाश नाथ शुक्ला ने सबसे बड़ी जीत दर्ज की। उन्होंने सपा प्रत्याशी मसूद आलम को 35,781 वोटों के बड़े अंतर से हराया। शुक्ला को 87,032 वोट मिले, जबकि मसूद आलम को 42,815 मत प्राप्त हुए। बसपा प्रत्याशी भुवन प्रताप सिंह को 8,118, कांग्रेस के दीपेंद्र सिंह दीपांकर को 4,171 और आम आदमी पार्टी (AAP) के हिदायतुल्लाह शाह को 761 वोट मिले। तुलसीपुर में ब्राह्मण और मुस्लिम मतदाताओं की महत्वपूर्ण संख्या है, जिससे जातीय समीकरण यहाँ चुनावी नतीजों पर गहरा असर डालते हैं।

2027 से पहले क्या होगा आगे

गौरतलब है कि 2022 के नतीजों में बलरामपुर जिले की सबसे बड़ी जीत तुलसीपुर में 35,781 वोट के अंतर से रही, जबकि सबसे करीबी मुकाबला गैंसड़ी में केवल 5,837 वोट के अंतर पर सिमटा। 2027 के विधानसभा चुनाव में गैंसड़ी सीट फिर से सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी सीट के रूप में उभरने की संभावना है, जहाँ भाजपा अपनी खोई हुई सीट वापस पाने की कोशिश करेगी और सपा अपना गढ़ बनाए रखना चाहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गैंसड़ी की 5,837 वोट की जीत यह भी बताती है कि सपा के लिए यहाँ पाँव जमाने की पूरी गुंजाइश है। तुलसीपुर का 35,781 वोट का भारी अंतर जातीय समीकरणों की ताकत का प्रमाण है, जबकि गैंसड़ी यह याद दिलाती है कि एक लहर में भी कुछ सीटें ज़मीनी प्रतिस्पर्धा से तय होती हैं। 2027 में असली लड़ाई उन्हीं सीटों पर होगी जहाँ जीत का अंतर संकरा था — और बलरामपुर में वह सीट गैंसड़ी ही है।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2022 विधानसभा चुनाव में बलरामपुर जिले की कौन-सी सीटें किसने जीतीं?
2022 में बलरामपुर जिले की चार सीटों में से तीन — उतरौला, बलरामपुर सदर और तुलसीपुर — भाजपा ने जीतीं, जबकि गैंसड़ी सीट सपा के खाते में गई। भाजपा और सपा के बीच हर सीट पर सीधा मुकाबला रहा।
गैंसड़ी विधानसभा सीट पर 2022 में कौन जीता और कितने वोटों से?
गैंसड़ी सीट पर सपा प्रत्याशी राकेश कुमार यादव ने भाजपा के शैलेश कुमार सिंह शैलू को 5,837 वोटों के अंतर से हराया। यह बलरामपुर जिले की सभी सीटों में सबसे करीबी मुकाबला रहा।
बलरामपुर जिले में 2022 की सबसे बड़ी जीत किस सीट पर और कितने अंतर से रही?
बलरामपुर जिले की सबसे बड़ी जीत तुलसीपुर विधानसभा सीट पर रही, जहाँ भाजपा के कैलाश नाथ शुक्ला ने सपा के मसूद आलम को 35,781 वोटों के अंतर से हराया। शुक्ला को कुल 87,032 वोट मिले।
बलरामपुर सदर सीट पर 2022 में कौन विजयी रहा?
बलरामपुर सदर सीट पर भाजपा के पलटू राम ने 1,01,146 वोट पाकर सपा के जग्राम पासवान को 10,971 वोटों के अंतर से पराजित किया। बसपा के हरि राम 5,371 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
2027 के चुनाव में बलरामपुर की कौन-सी सीट सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी रहने की संभावना है?
2022 के परिणामों के आधार पर गैंसड़ी सीट 2027 में सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी मानी जा रही है, क्योंकि यहाँ जीत का अंतर केवल 5,837 वोट था। भाजपा इस सीट को वापस पाना चाहेगी, जबकि सपा अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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