29 अक्टूबर 2026
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यूपी विधानसभा चुनाव 2027: सहारनपुर की 7 सीटों पर 2022 में भाजपा ने जीती थीं 5, देवबंद में भी लहराया परचम

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यूपी विधानसभा चुनाव 2027: सहारनपुर की 7 सीटों पर 2022 में भाजपा ने जीती थीं 5, देवबंद में भी लहराया परचम

सारांश

मुस्लिम-बहुल सहारनपुर में 2022 में भाजपा ने 7 में से 5 सीटें जीतकर सबको चौंकाया था — देवबंद भी उनमें शामिल था। 2027 से पहले इन्हीं जातीय-सांप्रदायिक समीकरणों पर एक बार फिर दांव लगेगा।

मुख्य बातें

2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सहारनपुर जिले की 7 में से 5 सीटें जीती थीं।
सपा केवल बेहट और सहारनपुर देहात सीटें ही जीत पाई थी।
मुस्लिम-बहुल देवबंद में भाजपा के बृजेश सिंह लगातार 2017 और 2022 में जीते।
नुकड़ सीट पर भाजपा की जीत का अंतर महज 315 वोट था — जिले की सबसे करीबी जीत।
गंगोह में भाजपा के किरत सिंह 2019 से लगातार विधायक हैं।
2027 चुनाव में मुस्लिम, दलित, गुर्जर-सैनी वोट बैंक का समीकरण फिर निर्णायक भूमिका निभाएगा।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच सहारनपुर जिला एक बार फिर सियासी केंद्र बनकर उभर रहा है। 7 विधानसभा सीटों वाले इस जिले में मुस्लिम, दलित, गुर्जर और सैनी समुदायों का वोट बैंक चुनावी समीकरणों को निर्णायक रूप से प्रभावित करता है। 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने यहाँ 5 सीटें अपने नाम कीं, जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) को केवल 2 सीटों पर सब्र करना पड़ा।

सहारनपुर की राजनीतिक पृष्ठभूमि

पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला गन्ना बेल्ट और इस्लामी शिक्षा के प्रमुख केंद्र देवबंद के लिए जाना जाता है। यहाँ मुस्लिम आबादी की बड़ी उपस्थिति के बावजूद भाजपा ने 2022 में सहारनपुर नगर, नुकड़, देवबंद, रामपुर मनिहारन और गंगोह — पाँच सीटों पर कब्ज़ा जमाया। सपा को बेहट और सहारनपुर देहात से संतोष करना पड़ा। यह ऐसे समय में आया था जब विपक्ष को इस बहुल-अल्पसंख्यक क्षेत्र में बड़ी उम्मीदें थीं।

सीट-दर-सीट: 2022 का चुनावी लेखा-जोखा

सहारनपुर नगर सीट पर भाजपा के राजीव गुंबर ने 1,43,195 वोट हासिल कर सपा के संजय गर्ग (1,35,761 वोट) को 7,434 वोटों के अंतर से पराजित किया। बसपा के मनीष अरोरा को 8,776 वोट मिले। इस सीट पर 66.8% मतदान दर्ज हुआ।

सहारनपुर देहात सीट पर सपा की आशु मलिक ने 1,07,007 वोट पाकर भाजपा प्रत्याशी को 30,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया। बसपा के अजब सिंह चौधरी को 62,637 और एआईएमआईएम के मार्गूब हसन को 8,187 वोट मिले। यहाँ मतदान 72.27% रहा।

बेहट विधानसभा सीट पर 2022 में सपा प्रत्याशी ने 1,34,513 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। भाजपा के नरेश सैनी को 96,633 और बसपा के रईस मलिक को 45,075 वोट मिले। यह सीट 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी।

नुकड़ सीट पर भाजपा के मुकेश चौधरी ने सपा के धर्मसिंह सैनी को महज 315 वोटों के बेहद मामूली अंतर से हराया — मुकेश चौधरी को 1,04,114 और धर्मसिंह को 1,03,799 वोट मिले। बसपा के साहिल खान को 55,112 और एआईएमआईएम की रिज़वाना अली को 3,593 वोट मिले। यहाँ मतदान 76.1% रहा — जिले में सर्वाधिक।

मुस्लिम बाहुल्य देवबंद सीट पर भाजपा के बृजेश सिंह लगातार 2017 और 2022 दोनों चुनावों में विजयी रहे। 2022 में बृजेश सिंह को 93,890, सपा के कार्तिकेय राणा को 86,786, बसपा के चौधरी राजेंद्र सिंह को 52,732 और एआईएमआईएम के मौलाना उमैर मदानी को 3,501 वोट मिले। मतदान 69.41% दर्ज हुआ।

रामपुर मनिहारन सीट 2008 में बनी। अब तक तीन चुनावों में दो बार भाजपा और एक बार बसपा ने यहाँ जीत दर्ज की है। 2017 और 2022 दोनों में भाजपा के देवेंद्र कुमार निम विजयी रहे। 2022 में निम को 89,109, बसपा के रविंदर कुमार मोलहू को 68,516, रालोद के विवेक कांत को 64,864 और एएसपी (केआर) के बृजपाल सिंह को 4,606 वोट मिले।

गंगोह में अब तक 4 बार चुनाव हुए हैं — जिसमें एक 2019 का उपचुनाव भी शामिल है। 2017, 2019 और 2022 तीनों बार भाजपा यहाँ जीती। 2019 से लगातार भाजपा के किरत सिंह विधायक हैं। 2022 में किरत सिंह ने 68,300 वोट पाकर कांग्रेस के नौमान मसूद (62,881 वोट) को 5,419 वोटों से हराया। सपा के चौधरी इंदरसेन को 57,374 और बसपा के मोहम्मद इरशाद को 32,276 वोट मिले। यहाँ मतदान 60.69% रहा।

2027 के लिए समीकरण और चुनौतियाँ

गौरतलब है कि नुकड़ में 315 वोटों का नाज़ुक अंतर और देवबंद जैसी मुस्लिम-बहुल सीट पर भाजपा की जीत यह संकेत देती है कि 2027 में हर सीट पर कड़ा मुकाबला होगा। सपा अपनी पराजित सीटों पर वापसी की कोशिश करेगी, जबकि बसपा और छोटे दल वोट विभाजन में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

जिले की जातीय और सांप्रदायिक बुनावट — मुस्लिम, दलित, गुर्जर और सैनी — किसी एक दल को एकतरफा बढ़त नहीं देती। ऐसे में जो दल जातीय समीकरणों को बेहतर तरीके से साधेगा, 2027 में वही सहारनपुर पर काबिज होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2022 में सहारनपुर जिले में भाजपा ने कौन-सी 5 सीटें जीती थीं?
2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सहारनपुर नगर, नुकड़, देवबंद, रामपुर मनिहारन और गंगोह — ये 5 सीटें जीती थीं। सपा को बेहट और सहारनपुर देहात से ही संतोष करना पड़ा था।
देवबंद जैसी मुस्लिम-बहुल सीट पर भाजपा कैसे जीतती आई है?
देवबंद में भाजपा के बृजेश सिंह 2017 और 2022 दोनों चुनावों में जीते हैं। 2022 में उन्हें 93,890 वोट मिले, जबकि सपा के कार्तिकेय राणा को 86,786 वोट मिले। बसपा के वोटों के विभाजन ने भी भाजपा को फायदा पहुँचाया माना जाता है।
सहारनपुर की किस सीट पर 2022 में सबसे कम अंतर से जीत हुई थी?
नुकड़ सीट पर 2022 में सबसे कम अंतर की जीत दर्ज हुई। भाजपा के मुकेश चौधरी ने सपा के धर्मसिंह सैनी को महज 315 वोटों के अंतर से हराया था।
2027 चुनाव में सहारनपुर के क्या समीकरण होंगे?
2027 में सहारनपुर जिले की 7 सीटों पर मुस्लिम, दलित, गुर्जर और सैनी वोट बैंक का समीकरण फिर निर्णायक होगा। भाजपा, सपा और बसपा तीनों दलों के बीच त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना है, जहाँ गठबंधन परिवर्तन कई सीटों का रुख बदल सकते हैं।
सहारनपुर देहात सीट से 2022 में कौन जीता था?
सहारनपुर देहात सीट से 2022 में समाजवादी पार्टी की आशु मलिक 1,07,007 वोट पाकर विधायक बनी थीं। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को 30,000 से अधिक वोटों के अंतर से हराया था।
राष्ट्र प्रेस
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