उत्तराखंड चुनाव 2027: देहरादून की 10 सीटों पर 2022 में BJP ने जीतीं 9, कांग्रेस को मिली थी सिर्फ चकराता
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच देहरादून जिले की 10 विधानसभा सीटें एक बार फिर सभी दलों के निशाने पर हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन 10 में से 9 सीटें जीतकर जिले पर एकतरफा कब्ज़ा बनाए रखा था, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) केवल चकराता सीट पर ही अपना झंडा बचा पाई थी। अब 2027 के चुनाव की आहट के साथ सभी राजनीतिक दल देहरादून में जमीनी तैयारियों में जुट गए हैं।
2022 में देहरादून की सीटों का हाल
देहरादून जिले में चकराता, विकासनगर, सहसपुर, धर्मपुर, रायपुर, राजपुर रोड, देहरादून कैंट, मसूरी, डोईवाला और ऋषिकेश — कुल 10 विधानसभा सीटें हैं। 2022 के नतीजों ने स्पष्ट कर दिया था कि जिले में BJP की पकड़ कितनी मज़बूत है। केवल चकराता ही ऐसी सीट रही जहाँ कांग्रेस ने पाँचवीं बार जीत दर्ज की।
सीटवार प्रमुख नतीजे
रायपुर सीट पर BJP के उमेश शर्मा काऊ ने लगातार तीसरी जीत हासिल की। उन्हें 65,756 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के हीरा सिंह बिष्ट को 35,704 वोट मिले। काऊ की जीत का अंतर 30,052 वोट रहा। इस सीट पर 1,09,316 मतदाताओं ने मतदान किया, यानी 61.36% मतदान दर्ज हुआ।
देहरादून कैंट सीट पर BJP ने दिवंगत विधायक हरबंस कपूर की पत्नी सविता कपूर को उम्मीदवार बनाया। उन्होंने 45,492 वोट हासिल कर 20,938 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। कांग्रेस के सूर्यकांत धस्माना को 24,554 वोट मिले। इस सीट पर 56.72% मतदान हुआ।
विकासनगर सीट पर BJP के मुन्ना सिंह चौहान ने दूसरी बार जीत हासिल की। उन्हें 40,819 वोट मिले और कांग्रेस के नवप्रभात 35,626 वोट पर सिमट गए। जीत का अंतर 5,193 वोट रहा। कुल 1,08,113 में से 81,580 मतदाताओं ने वोट डाले।
मसूरी सीट पर BJP के गणेश जोशी तीसरी बार विधायक चुने गए। उन्होंने कांग्रेस की गोदावरी थापली को 15,325 वोटों से हराया। जोशी को 44,847 और थापली को 29,522 वोट मिले। इस सीट पर 59.66% मतदान दर्ज हुआ।
धर्मपुर सीट पर BJP के विनोद चमोली लगातार दूसरी बार विधायक बने। उन्हें 58,538 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के दिनेश अग्रवाल को 48,448 वोट मिले। 10,090 मतों के अंतर से जीत पक्की की और सीट पर 57.73% मतदान हुआ।
राजपुर रोड सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। यहाँ BJP के खजान दास को 37,027 वोट मिले और कांग्रेस के राजकुमार 25,864 वोट ही पा सके। खजान दास 11,163 मतों के अंतर से विजयी रहे।
डोईवाला सीट पर BJP के बृजभूषण गैरोला ने 29,021 वोटों के बड़े अंतर से एकतरफा जीत हासिल की। उन्हें 64,946 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के नए चेहरे गौरव 'गिन्नी' केवल 35,925 वोट पर रुक गए। इस क्षेत्र के 1,13,500 मतदाताओं ने मतदान किया।
सहसपुर सीट पर BJP के सहदेव सिंह पुंडीर तीसरी बार जीते। उन्हें 64,008 वोट मिले और कांग्रेस के आर्येंद्र शर्मा 55,653 वोट हासिल कर सके। जीत का अंतर 8,355 वोट रहा। सीट पर 72.7% मतदान हुआ जो जिले में सर्वाधिक था।
ऋषिकेश सीट पर तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल लगातार चौथी बार विजयी रहे। उन्हें 52,460 वोट और कांग्रेस के जयेंद्र रमोला को 33,403 वोट मिले। जीत का अंतर 19,057 वोट रहा। 62.9% मतदान दर्ज हुआ।
चकराता: जहाँ कांग्रेस बचाने में रही सफल
देहरादून जिले में कांग्रेस की एकमात्र उपलब्धि चकराता सीट रही। कांग्रेस के दिग्गज नेता प्रीतम सिंह यहाँ से लगातार पाँचवीं बार जीत दर्ज करने में सफल रहे। उन्हें 36,853 वोट मिले, जबकि BJP के रामशरण नौटियाल 27,417 वोट ही हासिल कर पाए। प्रीतम सिंह की जीत का अंतर 9,436 वोट रहा। इस सीट पर 68.57% मतदान हुआ था।
2027 की तैयारियों का परिदृश्य
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में सत्तारूढ़ BJP और विपक्षी कांग्रेस, दोनों अपनी रणनीतियाँ पुनः तय कर रही हैं। 2022 में BJP की ऐतिहासिक जीत के बाद 2027 में कांग्रेस के लिए देहरादून जिले में पाँव जमाना एक बड़ी चुनौती होगी। गौरतलब है कि देहरादून राज्य की राजधानी होने के नाते राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील है और यहाँ के नतीजे पूरे प्रदेश की सत्ता का रुख तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। आगामी महीनों में प्रत्याशियों के चयन और गठबंधन की संभावनाएँ देहरादून की इन सीटों की सियासी दिशा तय करेंगी।