2 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पंजाब में AAP के 3 विधायकों के BJP में जाने पर कांग्रेस का हमला, 'राजनीति मजाक बन गई'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पंजाब में AAP के 3 विधायकों के BJP में जाने पर कांग्रेस का हमला, 'राजनीति मजाक बन गई'

सारांश

पंजाब में AAP के तीन विधायकों के BJP में जाने के बाद कांग्रेस ने पार्टी को 'डूबता जहाज' करार दिया। उदित राज का दावा — 40-45 और विधायक जाने को तैयार थे। 2027 चुनाव से पहले AAP के लिए यह सबसे बड़ा आंतरिक झटका है।

मुख्य बातें

कुंवर विजय प्रताप सिंह , हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौरामाजरा — AAP के तीन विधायकों ने पार्टी छोड़कर BJP का दामन थामा।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने AAP पर 'जनता से विश्वासघात' का आरोप लगाते हुए कहा — 'राजनीति मजाक बन गई है'।
कांग्रेस नेता उदित राज ने दावा किया कि पहले सांसदों के जाने पर 40-45 विधायक भी पार्टी छोड़ने को तैयार थे।
AAP ने विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां से इन विधायकों की सदस्यता रद्द कराने की तैयारी शुरू की।
यह घटनाक्रम AAP द्वारा 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करने के एक दिन बाद सामने आया।

पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के तीन विधायकों — कुंवर विजय प्रताप सिंह, हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौरामाजरा — द्वारा पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद 2 नवंबर 2026 को कांग्रेस ने AAP पर तीखे हमले बोले। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इसे पार्टी के गहराते आंतरिक संकट का प्रमाण बताते हुए आने वाले दिनों में और भी बड़ी टूट की चेतावनी दी।

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी की तीखी प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने तीनों विधायकों के इस्तीफों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक पुरानी कहावत है — जब जहाज डूबने लगता है, तो उस पर सवार लोग सबसे पहले खुद को बचाने के लिए कूदते हैं। तिवारी ने तंज कसते हुए कहा, 'राजनीति क्या मजाक बन गई है? जो मुख्यमंत्री खुद हमेशा नशे में रहते हैं, वे दूसरों को नशे से मुक्त कराने निकले हैं।' उन्होंने AAP पर जनता के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया।

गौरतलब है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ यह आरोप पहली बार नहीं लगाया गया — विरोधी दलों ने पहले भी इस तरह के आरोप जड़े हैं, जिन्हें AAP खारिज करती रही है।

उदित राज ने जताई और टूट की आशंका

कांग्रेस नेता उदित राज ने भी AAP की आलोचना करते हुए कहा कि इन इस्तीफों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि आने वाले समय में और नेता पार्टी छोड़ेंगे। उन्होंने दावा किया कि जब पहले पार्टी के सांसद बाहर निकले थे, तब 40 से 45 विधायक भी पार्टी छोड़ने के लिए तैयार थे।

उदित राज ने आरोप लगाया, 'पंजाब सरकार चलाने में भगवंत मान की कोई भूमिका नहीं है — सरकार को मनीष सिसोदिया, अरविंद केजरीवाल और उनके लोग चला रहे हैं। पंजाब की सरकार दिल्ली के लोग चला रहे हैं।' हालाँकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

AAP की जवाबी कार्रवाई: अयोग्यता याचिका की तैयारी

इस राजनीतिक उठापटक के बीच AAP ने इन विधायकों को अयोग्य घोषित कराने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां से संपर्क कर इन विधायकों की सदस्यता रद्द कराने की माँग कर सकती है। दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता का यह रास्ता अब पार्टी के लिए प्रमुख विकल्प बन गया है।

2027 चुनाव की पृष्ठभूमि में बड़ा संकट

यह ताजा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब AAP ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए अपने 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी — और यह घटना उसके ठीक एक दिन बाद की है। तीन अनुभवी विधायकों का BJP की ओर जाना पार्टी के चुनावी संगठन और उम्मीदवार चयन रणनीति पर सवाल खड़े करता है।

यह ऐसे समय में आया है जब AAP पहले से ही दिल्ली में विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद राष्ट्रीय स्तर पर अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता को फिर से स्थापित करने की कोशिश में है। आलोचकों का कहना है कि पंजाब में इस स्तर की टूट पार्टी के एकमात्र सत्ता-केंद्र को कमजोर कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उम्मीदवार चयन से असंतुष्ट गुट का संकेत हो सकता है। कांग्रेस का AAP पर हमला राजनीतिक रूप से सुविधाजनक है, लेकिन यह भी याद रखना जरूरी है कि कांग्रेस खुद पंजाब में सत्ता गँवाने के बाद पुनर्निर्माण की कोशिश में है। असली परीक्षा अब AAP के लिए है — क्या वह अयोग्यता याचिका से आगे जाकर अपनी आंतरिक दरारें पाट सकती है?
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

AAP के कौन से तीन विधायकों ने इस्तीफा देकर BJP ज्वाइन की?
कुंवर विजय प्रताप सिंह, हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौरामाजरा — इन तीन विधायकों ने 2 नवंबर 2026 को AAP की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर BJP का दामन थामा।
कांग्रेस ने AAP की आलोचना क्यों की?
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी और नेता उदित राज ने इस दल-बदल को AAP के आंतरिक संकट का प्रमाण बताया। उनका कहना है कि पार्टी नेतृत्व से असंतुष्ट नेताओं की भगदड़ अभी और बढ़ेगी।
AAP इन विधायकों को अयोग्य कैसे घोषित करा सकती है?
AAP विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां से संपर्क कर दल-बदल विरोधी कानून के तहत इन विधायकों की सदस्यता रद्द कराने की माँग कर सकती है। यह प्रक्रिया अभी जारी है।
इस दल-बदल का 2027 पंजाब चुनाव पर क्या असर पड़ेगा?
यह घटना AAP के लिए खासतौर पर संवेदनशील समय पर आई है, जब पार्टी ने 2027 विधानसभा चुनाव के लिए 40 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की थी। अनुभवी विधायकों का जाना AAP के संगठनात्मक आधार को कमजोर कर सकता है।
उदित राज ने 40-45 विधायकों के जाने का दावा किस आधार पर किया?
कांग्रेस नेता उदित राज ने दावा किया कि जब पहले AAP के सांसद पार्टी छोड़ गए थे, उस समय 40 से 45 विधायक भी पार्टी छोड़ने के लिए तैयार थे। हालाँकि, उन्होंने इस दावे का कोई ठोस स्रोत नहीं बताया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 3 घंटे पहले
  3. 3 घंटे पहले
  4. 5 घंटे पहले
  5. कल
  6. 4 सप्ताह पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले