1 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पंजाब: AAP विधायक हरमीत सिंह और चेतन सिंह का इस्तीफा, 'आप' बोली — BJP को ऐसे ही लोग चाहिए

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पंजाब: AAP विधायक हरमीत सिंह और चेतन सिंह का इस्तीफा, 'आप' बोली — BJP को ऐसे ही लोग चाहिए

सारांश

पंजाब में AAP को बड़ा झटका — सनौर से हरमीत सिंह पठानमाजरा और पूर्व मंत्री चेतन सिंह जोड़ामाजरा ने पार्टी छोड़ी। AAP ने पलटवार करते हुए कहा कि ये 'निकाले गए' नेता अब BJP की शरण लेंगे, जिसका पंजाब में खुद कोई आधार नहीं।

मुख्य बातें

हरमीत सिंह पठानमाजरा (सनौर) और चेतन सिंह जोड़ामाजरा (समाना) ने 1 नवंबर 2026 को AAP से इस्तीफा दिया।
दोनों 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में AAP के टिकट पर निर्वाचित हुए थे; जोड़ामाजरा भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे।
AAP ने कहा — दोनों को अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत पहले ही पार्टी से बाहर किया जा चुका था।
AAP प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा और महासचिव बलतेज पन्नू ने एक्स पर BJP पर निशाना साधा।
रिपोर्टों के अनुसार, उम्मीदवार सूची में नाम न आने के बाद जोड़ामाजरा ने यह कदम उठाया।

पंजाब के पटियाला जिले की दो विधानसभा सीटों से आम आदमी पार्टी (AAP) के दो विधायकों ने 1 नवंबर 2026 को पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। सनौर के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना के विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री चेतन सिंह जोड़ामाजरा ने अलग-अलग पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने की घोषणा की। हालांकि पार्टी का कहना है कि दोनों को पहले ही अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका था।

विधायकों के इस्तीफे की पृष्ठभूमि

हरमीत सिंह पठानमाजरा 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में सनौर सीट से AAP के टिकट पर निर्वाचित हुए थे। रिपोर्टों के अनुसार, उनकी अपनी ही सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई की थी, जिसके बाद वे पार्टी नेतृत्व से असंतुष्ट चल रहे थे और अंततः उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

चेतन सिंह जोड़ामाजरा 2022 में समाना सीट से भारी बहुमत से जीते थे और बाद में मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। बताया जा रहा है कि हाल ही में जारी AAP की उम्मीदवारों की पहली सूची में उनका नाम नहीं था, जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से इस्तीफे की जानकारी दी।

AAP की आधिकारिक प्रतिक्रिया

पंजाब AAP के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने एक्स पर लिखा, 'आम आदमी पार्टी ने हमेशा पंजाब को प्राथमिकता दी है। अगर हमारे किसी नेता ने कभी भ्रष्टाचार किया या पंजाब के हितों के खिलाफ काम करने की कोशिश की, तो हमने बिना किसी हिचकिचाहट के उनके खिलाफ कार्रवाई की और ऐसे लोगों को पार्टी से बाहर निकाल दिया।'

अरोड़ा ने आगे कहा, 'अब, भाजपा इन्हीं निकाले गए लोगों को इकट्ठा कर रही है, क्योंकि उसका अपना कोई आधार नहीं है और उसे पंजाब के हितों की कोई परवाह नहीं है। जो व्यक्ति पंजाब पुलिस पर गोलियां चलाकर भाग गया हो, और जिसे मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दुष्कर्म के आरोप में जेल भेजा हो, वह पंजाब का क्या भला करेगा? लेकिन भाजपा को ठीक ऐसे ही लोग चाहिए।'

AAP के महासचिव और मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने एक्स पर लिखा, 'आम आदमी पार्टी के दो विधायकों ने आज पार्टी से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन इन दोनों की हरकतों की वजह से पार्टी ने इन्हें पहले ही किनारे कर दिया था। अब ये दोनों उस भाजपा में शामिल होंगे जिसे पंजाब में उम्मीदवार ही नहीं मिल रहे।'

भाजपा कनेक्शन की अटकलें

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपनी उम्मीदवारी सूची को मजबूत करने में जुटी बताई जाती है। AAP नेताओं के आरोपों के अनुसार, दोनों विधायक शीघ्र BJP में शामिल हो सकते हैं, हालांकि BJP की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब AAP से असंतुष्ट नेताओं ने पार्टी छोड़ी हो। 2022 के चुनाव में प्रचंड बहुमत से सत्ता में आने के बाद से AAP पंजाब में कई आंतरिक असंतोषों का सामना कर चुकी है।

आम जनता और राजनीतिक समीकरण पर असर

सनौर और समाना — दोनों सीटें पटियाला जिले के राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में आती हैं। इन विधायकों के जाने से स्थानीय विकास कार्यों और मतदाताओं के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है। आने वाले चुनावी मौसम में यह घटनाक्रम तीनों प्रमुख दलों — AAP, BJP और कांग्रेस — की रणनीतियों को प्रभावित कर सकता है।

फिलहाल दोनों विधायकों ने अपनी अगली राजनीतिक पारी के बारे में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है। अगले कुछ दिनों में स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह AAP की पंजाब में उम्मीदवार चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाता है। चेतन सिंह जोड़ामाजरा जैसे पूर्व कैबिनेट मंत्री का टिकट सूची से बाहर होना दर्शाता है कि पार्टी के भीतर केंद्रीय नेतृत्व और जमीनी प्रतिनिधियों के बीच की खाई गहरी हो रही है। AAP का 'हमने इन्हें पहले ही निकाला' वाला बचाव राजनीतिक दृष्टि से चतुर है, लेकिन यह इस तथ्य को नहीं छुपाता कि 2022 की ऐतिहासिक जीत के बाद पार्टी के कई जनप्रतिनिधि खुले असंतोष की राह पर हैं। असली परीक्षा यह होगी कि क्या ये दोनों BJP में जाकर उन सीटों पर मतदाताओं को प्रभावित कर पाएंगे जहाँ AAP का वर्चस्व रहा है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जोड़ामाजरा ने AAP क्यों छोड़ी?
रिपोर्टों के अनुसार, हरमीत सिंह पठानमाजरा के खिलाफ उनकी अपनी सरकार ने कार्रवाई की थी, जिससे वे नाराज थे। चेतन सिंह जोड़ामाजरा का नाम AAP की उम्मीदवारों की पहली सूची में नहीं था, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा दिया। दोनों ने अलग-अलग पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ी।
AAP ने इस्तीफे पर क्या कहा?
AAP ने कहा कि दोनों विधायकों को पार्टी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत पहले ही बाहर किया जा चुका था। प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने एक्स पर लिखा कि भ्रष्टाचार या पंजाब के हितों के खिलाफ काम करने वालों के लिए पार्टी में कोई जगह नहीं है।
क्या दोनों विधायक BJP में शामिल होंगे?
AAP नेताओं ने अपने बयानों में संकेत दिया है कि दोनों भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, अभी तक दोनों विधायकों या BJP की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
चेतन सिंह जोड़ामाजरा कौन हैं?
चेतन सिंह जोड़ामाजरा पंजाब की समाना विधानसभा सीट से 2022 में AAP के टिकट पर भारी मतों से जीते थे। जीत के बाद वे मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे।
इस घटनाक्रम का पंजाब की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
सनौर और समाना — दोनों सीटें पटियाला जिले में हैं और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। इन विधायकों के पार्टी छोड़ने से आगामी चुनाव में AAP की स्थिति प्रभावित हो सकती है और BJP को इन क्षेत्रों में मजबूती मिल सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले